Netanyahu UN Speech: UN में भाषण शुरू होते ही कई देशों का वॉकआउट, नेतन्याहू ने गाजा से ईरान तक रखा इजराइल का पक्ष
इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने गुरुवार को संयुक्त राष्ट्र महासभा में अपने भाषण के दौरान गाजा युद्ध, ईरान और हिजबुल्लाह समेत कई मुद्दों पर इजरायल का पक्ष रखा। उनके भाषण की शुरुआत के दौरान बड़ी संख्या में प्रतिनिधि सदन से बाहर चले गए। रॉयटर्स के मुताबिक, दर्जनों प्रतिनिधियों ने विरोध में वॉकआउट किया। इसके जवाब में नेतन्याहू ने अपने आलोचकों पर तीखी टिप्पणी की।
वहीं, गैलरी में मौजूद उनके समर्थकों ने तालियों और इजरायली नारे लगाकर उनका स्वागत किया। नेतन्याहू ने कहा कि उनके खिलाफ आलोचना और विरोध के बावजूद वे अपनी बात संयुक्त राष्ट्र के मंच से रखेंगे।
गाजा युद्ध पर नेतन्याहू ने क्या कहा?
नेतन्याहू ने 7 अक्टूबर 2023 के हमास हमले का जिक्र करते हुए इजरायल की सैन्य कार्रवाई का बचाव किया। उन्होंने कहा कि हमले के बाद इजरायल ने जवाबी कार्रवाई की और देश के अस्तित्व की रक्षा के लिए लड़ाई जारी रखी।
गाजा में इजरायल पर लगाए जा रहे नरसंहार के आरोपों को नेतन्याहू ने खारिज किया। उन्होंने कहा कि इजरायल ने नरसंहार नहीं किया, बल्कि उसे रोकने के लिए कार्रवाई की। यह नेतन्याहू का पक्ष है; वहीं उनके आलोचक गाजा में इजरायली सैन्य अभियान को लेकर गंभीर आरोप लगाते रहे हैं।
हिजबुल्लाह के पेजर हमले का भी किया जिक्र
नेतन्याहू ने लेबनान में हिजबुल्लाह के खिलाफ की गई कार्रवाई का उदाहरण देते हुए पेजर हमले का भी उल्लेख किया। उन्होंने इसे इजरायल की सैन्य क्षमताओं और अपने विरोधियों के खिलाफ कार्रवाई के संदर्भ में पेश किया।
ईरान को लेकर दिखाया सैटेलाइट इंटरनेट डिवाइस
ईरान पर चर्चा करते हुए नेतन्याहू ने ईरानी मिसाइलों के खतरे का जिक्र किया। उन्होंने संयुक्त राष्ट्र में मौजूद लोगों से सवाल किया कि अगर भारी बैलिस्टिक मिसाइल किसी बड़े शहर या इमारत पर गिरती है तो उसका कितना गंभीर प्रभाव हो सकता है।
अपने भाषण के दौरान नेतन्याहू ने Starlink का एक सैटेलाइट इंटरनेट रिसीवर भी दिखाया। उन्होंने कहा कि वह इसे ईरानी प्रतिनिधिमंडल के लिए छोड़कर जाना चाहते हैं, ताकि ईरान के लोग इंटरनेट के जरिए अपनी बात दुनिया तक पहुंचा सकें। उन्होंने ईरान में राजनीतिक बदलाव की संभावना को लेकर भी टिप्पणी की।
ट्रंप की तारीफ, ममदानी और यूरोपीय नेताओं पर निशाना
नेतन्याहू ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की भी तारीफ की और उन्हें इजरायल का महत्वपूर्ण सहयोगी बताया। उन्होंने न्यूयॉर्क के मेयर जोहरान ममदानी और कुछ पश्चिमी यूरोपीय नेताओं की नीतियों की आलोचना की।
ममदानी ने नेतन्याहू पर गाजा में गंभीर अपराधों के आरोप लगाए हैं, जबकि नेतन्याहू इन आरोपों को खारिज करते रहे हैं। इस मुद्दे पर दोनों पक्षों के बीच सार्वजनिक तौर पर तीखी बयानबाजी हुई है।
भाषण के दौरान दिखी संयुक्त राष्ट्र में गहरी असहमति
नेतन्याहू का भाषण ऐसे समय हुआ जब गाजा युद्ध और ईरान को लेकर इजरायल की नीतियों पर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मतभेद बने हुए हैं। भाषण के दौरान प्रतिनिधियों का बाहर जाना और गैलरी में समर्थकों की प्रतिक्रिया इस राजनीतिक विभाजन को दिखाती रही। रॉयटर्स के अनुसार, नेतन्याहू ने करीब 40 मिनट का भाषण दिया और इसमें इजरायल की क्षेत्रीय सैन्य कार्रवाइयों का बचाव किया।