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नेतन्याहू का दावा- ईरान ने परिवार को बनाया निशाना, वीडियो में जाने एक बेटे की हत्या की कोशिश की; विदेश में सुरक्षा को लेकर भी उठे सवाल

 

इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने दावा किया है कि ईरान ने उनके परिवार को निशाना बनाया था और उनके दो बेटों में से एक की हत्या की कोशिश भी की गई थी। नेतन्याहू ने यह बात सोमवार को सरकार समर्थक चैनल 14 को फोन पर दिए एक इंटरव्यू के दौरान कही। हालांकि उन्होंने यह स्पष्ट नहीं किया कि उनके किस बेटे को निशाना बनाया गया था और कथित हत्या की कोशिश कब तथा किस तरीके से की गई। नेतन्याहू इन दिनों चुनाव से पहले अपने परिवार और अन्य राजनीतिक नेताओं की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर चर्चा कर रहे थे। इसी दौरान उन्होंने अपने परिवार को मिलने वाली सुरक्षा का बचाव किया। उन्होंने कहा कि उनके परिवार को दी जा रही सुरक्षा किसी तरह की ऐशोआराम की सुविधा नहीं है, बल्कि मौजूदा परिस्थितियों में यह सुरक्षा की जरूरत है।

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प्रधानमंत्री नेतन्याहू के दो बेटे हैं, याइर और अवनर। याइर उनके बड़े बेटे हैं। वे वर्तमान में इजराइल की सरकार या संसद में कोई आधिकारिक पद नहीं संभालते। इसके बावजूद वे इजराइली राजनीति को लेकर सोशल मीडिया पर लगातार सक्रिय रहते हैं। खास तौर पर उनकी राजनीतिक टिप्पणियों और दक्षिणपंथी विचारों को लेकर अक्सर चर्चा होती रहती है।नेतन्याहू के ताजा दावे के बाद उनके परिवार की सुरक्षा व्यवस्था एक बार फिर राजनीतिक बहस का मुद्दा बन गई है। खासकर याइर को लेकर पहले भी सवाल उठ चुके हैं। याइर विदेश में रहने के बावजूद इजराइल की सुरक्षा एजेंसी शिन बेट के सुरक्षाकर्मियों की सुरक्षा में रहे हैं। इसे लेकर इजराइल में आलोचकों ने सरकार से सवाल किया कि एक वयस्क व्यक्ति के विदेश में रहने के दौरान उसकी सुरक्षा पर सरकारी संसाधन क्यों खर्च किए जा रहे हैं।

आलोचकों का तर्क रहा है कि सरकारी सुरक्षा व्यवस्था का इस्तेमाल केवल उन लोगों के लिए किया जाना चाहिए, जिनके लिए वास्तविक और प्रमाणित खतरा मौजूद हो। दूसरी ओर, नेतन्याहू का कहना है कि उनके परिवार को खतरे को देखते हुए सुरक्षा देना जरूरी है। उनके ताजा बयान से संकेत मिलता है कि सरकार परिवार के सदस्यों को मिलने वाली सुरक्षा को संभावित सुरक्षा खतरों से जोड़कर देख रही है।नेतन्याहू ने कथित हमले के बारे में विस्तृत जानकारी सार्वजनिक नहीं की है। उन्होंने यह भी नहीं बताया कि ईरान की ओर से उनके बेटे को किस तरह निशाना बनाया गया था। इसलिए इस दावे से जुड़ी परिस्थितियों और संभावित घटना को लेकर अभी सार्वजनिक स्तर पर सीमित जानकारी उपलब्ध है।

इजराइल और ईरान के बीच लंबे समय से तनावपूर्ण संबंध रहे हैं। दोनों देशों के बीच राजनीतिक, सैन्य और खुफिया स्तर पर टकराव की स्थिति कई बार सामने आ चुकी है। ऐसे में नेतन्याहू का यह दावा इस तनाव के बीच एक महत्वपूर्ण राजनीतिक बयान माना जा रहा है।अब इस मामले में सबसे अहम सवाल यही है कि कथित हत्या की कोशिश कब हुई, किस बेटे को निशाना बनाया गया और इजराइली सुरक्षा एजेंसियों ने उस खतरे का किस तरह आकलन किया। आने वाले दिनों में यदि सरकार या सुरक्षा एजेंसियों की ओर से अतिरिक्त जानकारी सामने आती है, तो इस मुद्दे पर राजनीतिक बहस और तेज हो सकती है।