Nepal सुरंग हादसा: 9 टनल में फंसे सैकड़ों लोग, जानिए सैयद सुहैल के शो में रेस्क्यू ऑपरेशन का पल-पल का अपडेट
नेपाल में आई भीषण तबाही के बाद हालात लगातार गंभीर बने हुए हैं. अलग-अलग इलाकों से दिल दहला देने वाली तस्वीरें और खबरें सामने आ रही हैं. आपदा की चपेट में आए क्षेत्रों में कई सुरंगों के अंदर भी लोगों के फंसे होने की जानकारी मिली है. रेस्क्यू टीमें मलबे, कीचड़ और पानी के बीच सुरंगों के अंदर जाकर लोगों की तलाश कर रही हैं.
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए भारत ने भी विशेषज्ञों की एक टीम नेपाल भेजी है. इसके अलावा चीन की रेस्क्यू टीम भी राहत और बचाव अभियान में जुटी हुई है. सुरंगें काफी गहरी और अंदर से मलबे से भरी होने के कारण रेस्क्यू टीमों के लिए चुनौती लगातार बढ़ रही है. अंदर की स्थिति का पता लगाने के लिए ड्रोन और दूसरे आधुनिक उपकरणों की मदद ली जा रही है.
फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है कि सुरंगों में फंसे कितने लोग सुरक्षित हैं. हालांकि, रेस्क्यू ऑपरेशन के दौरान एक शव बरामद किया गया है.
त्रिशूली वन प्रोजेक्ट की सुरंग में 300 मीटर तक पहुंची टीम
रेस्क्यू टीम त्रिशूली वन प्रोजेक्ट की सुरंग के अंदर करीब 300 मीटर तक पहुंचने में कामयाब रही. यहां तलाशी अभियान के दौरान टीम को एक शव मिला, जिसे बाहर निकालने का प्रयास किया गया.
सबसे बड़ा सवाल यही है कि सुरंगों के अंदर फंसे लोगों तक रेस्क्यू टीम कब और कैसे पहुंचेगी. पानी, कीचड़ और भारी मलबे के कारण अंदर जाने का रास्ता बेहद मुश्किल बना हुआ है.
सुरंगों में पानी, कीचड़ और मलबे का अंबार
नेपाल की करीब 9 अलग-अलग सुरंगों में सैकड़ों लोगों के फंसे होने की आशंका जताई जा रही है. रेस्क्यू टीमों का पूरा ध्यान मलबा हटाकर सुरंगों के अंदर पहुंचने और लोगों की तलाश करने पर है.
बताया जा रहा है कि रसुवा की सुरंग में सबसे ज्यादा लोगों के फंसे होने की आशंका है. यहां सुरंग के अंदर जमा पानी, कीचड़ और मलबे को हटाने का काम लगातार जारी है.
वहीं चिली की सुरंग से दो शव बरामद किए जाने की जानकारी सामने आई है. रेस्क्यू टीमों के लिए सबसे बड़ी चुनौती यह पता लगाना है कि अंदर कितने लोग अभी जीवित हैं और उन्हें सुरक्षित बाहर कैसे निकाला जाए.
मृतकों की संख्या बढ़ने की आशंका
नेपाल में अब तक करीब 900 लोगों की मौत की बात सामने आई है. हालांकि, यह संख्या आधिकारिक रिकॉर्ड में दर्ज मामलों पर आधारित बताई जा रही है. दुर्गम इलाकों और भारी तबाही के कारण ऐसे कई लोग हो सकते हैं, जिनकी जानकारी अभी तक प्रशासन तक नहीं पहुंची है.
बड़ी संख्या में शव मिलने के कारण अंतिम संस्कार करना भी प्रशासन के लिए चुनौती बन गया है. हालात को देखते हुए कई जगहों पर सामूहिक अंतिम संस्कार और सामूहिक कब्रों की व्यवस्था की जा रही है.
मलबे में तब्दील हुआ बैंक, कीचड़ में मिलीं नोटों की गड्डियां
आपदा ने नेपाल में सिर्फ इंसानी जानों को ही नुकसान नहीं पहुंचाया, बल्कि कई इमारतें और संस्थान भी पूरी तरह तबाह हो गए. एक बैंक भी बाढ़ और मलबे की चपेट में आकर बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया.
मलबा हटाने के दौरान बैंक से जगह-जगह नोटों की गड्डियां बरामद की जा रही हैं. कई नोट पूरी तरह कीचड़ में सने हुए हैं और बाढ़ के पानी में भीग चुके हैं.
रेस्क्यू और राहत अभियान के दौरान बैंक से अब तक करीब 50 करोड़ रुपये का सोना मिलने की बात सामने आई है. इसके अलावा लगभग डेढ़ करोड़ रुपये नकद और बड़ी मात्रा में चांदी भी बरामद होने की जानकारी है.
नेपाल में राहत और बचाव अभियान अभी भी जारी है. सुरंगों के अंदर फंसे लोगों की तलाश के साथ-साथ मलबे में दबे लोगों और संपत्ति को सुरक्षित निकालने की कोशिश की जा रही है. आने वाले घंटों में रेस्क्यू ऑपरेशन के आगे बढ़ने के साथ स्थिति की और तस्वीर साफ होने की उम्मीद है.