इटली में मेलोनी सरकार का बड़ा दांव, वीडियो में जाने चुनाव जीतने वाले गठबंधन को मिलेंगी 105 अतिरिक्त सीटें? कानून पर आज वोटिंग
इटली में प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी की सरकार के एक प्रस्तावित चुनावी कानून को लेकर राजनीतिक विवाद गहरा गया है। सरकार चुनाव में जीतने वाली पार्टी या गठबंधन को संसद में अतिरिक्त सीटें देने की व्यवस्था लागू करना चाहती है। प्रस्ताव के तहत चुनाव जीतने वाले गठबंधन को 105 अतिरिक्त सीटें मिल सकती हैं, लेकिन इसके लिए उसे कम से कम 42 प्रतिशत वोट हासिल करने होंगे।
सरकार का तर्क है कि इस बदलाव से देश में राजनीतिक स्थिरता आएगी और सरकारों के बार-बार गिरने की समस्या कम होगी। वहीं, विपक्षी दलों ने प्रस्ताव पर सवाल उठाते हुए आशंका जताई है कि इससे चुनाव जीतने वाले गठबंधन को जरूरत से ज्यादा राजनीतिक ताकत मिल सकती है।इस प्रस्ताव पर संसद में होने वाली वोटिंग को मेलोनी सरकार के लिए अहम माना जा रहा है। मेलोनी ने संकेत दिया है कि यदि कानून पारित नहीं हुआ, तो वह इस्तीफा दे देंगी।
क्या है 105 अतिरिक्त सीटों का प्रस्ताव?
प्रस्तावित कानून के मुताबिक, चुनाव में सबसे अधिक समर्थन हासिल करने वाली पार्टी या गठबंधन को संसद में अतिरिक्त सीटें देने की व्यवस्था की जा सकती है। इसके लिए कम से कम 42 प्रतिशत वोट हासिल करने की शर्त रखी गई है।इस व्यवस्था का उद्देश्य चुनाव में जीतने वाले गठबंधन को संसद में मजबूत बहुमत उपलब्ध कराना है, ताकि सरकार को कानून बनाने और नीतियां लागू करने में आसानी हो सके।हालांकि, अतिरिक्त सीटों के आवंटन की व्यवस्था किस तरह लागू होगी और दोनों सदनों में इसके लिए किन शर्तों का पालन करना होगा, यह प्रस्ताव के अंतिम कानूनी प्रावधानों पर निर्भर करेगा।
सरकार का तर्क: राजनीतिक स्थिरता आएगी
प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी की सरकार का मानना है कि इटली में सरकारों के बार-बार बदलने की समस्या से निपटने के लिए चुनावी व्यवस्था में बदलाव जरूरी है।सरकार के मुताबिक, यदि चुनाव जीतने वाले गठबंधन को संसद में पर्याप्त सीटें मिलती हैं, तो उसे अपना कार्यकाल पूरा करने और नीतिगत फैसले लागू करने में मदद मिल सकती है। इससे गठबंधन के भीतर मतभेदों के कारण सरकार गिरने की आशंका भी कम हो सकती है।इटली की राजनीति में गठबंधन सरकारों की अहम भूमिका रही है। ऐसे में सरकार का दावा है कि प्रस्तावित कानून चुनावी नतीजों को स्थिर शासन में बदलने में मदद कर सकता है।
विपक्ष ने उठाए लोकतंत्र से जुड़े सवाल
प्रस्ताव के विरोधियों का कहना है कि अतिरिक्त सीटें देने से चुनाव में मिले वास्तविक जनसमर्थन और संसद में राजनीतिक ताकत के बीच अंतर बढ़ सकता है।विपक्षी दलों को आशंका है कि 42 प्रतिशत वोट हासिल करने वाली पार्टी या गठबंधन को अतिरिक्त सीटें मिलने से संसद में उसका प्रभाव जरूरत से ज्यादा बढ़ जाएगा। इससे छोटे दलों और विपक्ष की भूमिका कमजोर हो सकती है।इसलिए विवाद केवल सरकार को स्थिर बनाने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह भी सवाल उठ रहा है कि चुनावी प्रतिनिधित्व और संसदीय बहुमत के बीच संतुलन कैसे बनाए रखा जाए।
मेलोनी के लिए अहम परीक्षा
मेलोनी ने कानून पारित नहीं होने की स्थिति में इस्तीफा देने की बात कही है। इससे संसद में होने वाली वोटिंग का राजनीतिक महत्व और बढ़ गया है।यदि प्रस्ताव को मंजूरी मिलती है, तो इटली की चुनावी व्यवस्था में महत्वपूर्ण बदलाव का रास्ता खुल सकता है। वहीं, प्रस्ताव खारिज होने की स्थिति में मेलोनी सरकार केसामने राजनीतिक चुनौती खड़ी हो सकती है।फिलहाल, संसद के फैसले पर सबकी नजरें टिकी हैं। इस वोटिंग से न केवल प्रस्तावित चुनावी कानून का भविष्य तय होगा, बल्कि मेलोनी सरकार की राजनीतिक स्थिति पर भी असर पड़ सकता है।