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अमेरिका-इज़राइल के संयुक्त हमले में खामेनेई की मौत, वीडियो में देखें ईरान में ईरान में 'डेथ टू अमेरिका' के गूंजे नारे

 

अमेरिका और इज़राइल की संयुक्त सैन्य कार्रवाई में ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्लाह अली खामेनेई की मौत के बाद पूरे मध्य पूर्व में हालात तनावपूर्ण बने हुए हैं। इस खबर के सामने आते ही ईरान की राजधानी तेहरान सहित कई शहरों में हजारों लोग सड़कों पर उतर आए और गम व गुस्से का इज़हार किया।

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ईरान में लोगों ने काले झंडे लहराए और ‘डेथ टू अमेरिका’ तथा ‘डेथ टू इज़राइल’ के नारे लगाए। कई स्थानों पर विशाल शोक सभाएं आयोजित की गईं। प्रदर्शनकारियों ने सरकार से सख्त जवाबी कार्रवाई की मांग की। धार्मिक नेताओं और स्थानीय प्रशासन ने लोगों से एकजुट रहने की अपील की है। देश में पहले ही राजकीय शोक की घोषणा की जा चुकी है और सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है।

विशेषज्ञों का मानना है कि खामेनेई की मौत से ईरान की राजनीति और क्षेत्रीय समीकरणों में बड़ा बदलाव आ सकता है। वे वर्ष 1989 से देश के सर्वोच्च नेता थे और ईरान की विदेश नीति, सैन्य रणनीति तथा धार्मिक नेतृत्व में केंद्रीय भूमिका निभाते रहे।

भारत में भी विरोध प्रदर्शन

खामेनेई की मौत का असर भारत में भी देखने को मिला। शिया समुदाय के लोगों ने कई शहरों में विरोध प्रदर्शन किए। श्रीनगर, लेह और लखनऊ से प्रदर्शन की तस्वीरें सामने आई हैं। प्रदर्शनकारियों ने अमेरिका और इज़राइल के खिलाफ नारेबाजी की और इस कार्रवाई की निंदा की। स्थानीय प्रशासन ने एहतियातन अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया, हालांकि अधिकांश स्थानों पर प्रदर्शन शांतिपूर्ण रहे।

कुछ जगहों पर जश्न भी

जहां ईरान और कई मुस्लिम बहुल इलाकों में शोक और आक्रोश का माहौल है, वहीं अमेरिका और ईरान के कुछ विरोधी क्षेत्रों में इस खबर पर जश्न मनाए जाने की भी खबरें हैं। सोशल मीडिया पर ऐसे वीडियो सामने आए हैं जिनमें कुछ लोग इसे क्षेत्रीय राजनीति में “बड़े बदलाव” के रूप में देख रहे हैं।

वैश्विक स्तर पर बढ़ी चिंता

अंतरराष्ट्रीय समुदाय ने स्थिति पर चिंता जताई है। कई देशों ने संयम बरतने और तनाव को कूटनीतिक माध्यम से सुलझाने की अपील की है। मध्य पूर्व पहले से ही अस्थिर हालात से गुजर रहा है, ऐसे में यह घटनाक्रम बड़े क्षेत्रीय संघर्ष का कारण बन सकता है।