'ये बदला है...' ईरान पर अमेरिका का ताबड़तोड़ हमला रेलवे ब्रिज बने निशाना, ट्रंप ने शेयर किया वीडियो
पश्चिम एशिया में तनाव एक बार फिर खतरनाक स्तर पर पहुँच गया है। बुधवार को, अमेरिका ने ईरान के खिलाफ नए सैन्य हमले शुरू करने की घोषणा की। अमेरिकी सेना ने कहा कि इन हमलों का मकसद होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) में जहाजों की आवाजाही को सुरक्षित रखना है, जो दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री व्यापार मार्गों में से एक है। यह कदम ऐसे समय में उठाया गया है जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने स्पष्ट रूप से कहा है कि उनकी राय में, ईरान के साथ युद्ध टालने के लिए किया गया अंतरिम समझौता अब बेअसर हो चुका है।
**होर्मुज जलडमरूमध्य को खुला रखने के लिए अमेरिका ने नया सैन्य अभियान शुरू किया**
अमेरिकी सेना ने बताया कि बुधवार को ईरान के खिलाफ नए हमले शुरू हो गए हैं। यह कदम मंगलवार को होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजर रहे तीन मालवाहक जहाजों पर हुए हमलों के बाद उठाया गया है। अमेरिका का कहना है कि उसने इन हमलों के जवाब में सैन्य अभियानों को तेज कर दिया है। इन हमलों के बाद, ईरान के दक्षिणी तट पर कई शहरों में विस्फोटों की आवाज सुनी गई और कुछ इलाकों में बिजली आपूर्ति बाधित हो गई।
US airforce is hammering Chabahars port right now on the coast of Iran. pic.twitter.com/MmSUomCpZg
— WarMonitor🇺🇦🇬🇧 (@WarMonitor3) July 8, 2026
US airforce is hammering Chabahars port right now on the coast of Iran. pic.twitter.com/MmSUomCpZg
— WarMonitor🇺🇦🇬🇧 (@WarMonitor3) July 8, 2026
**राष्ट्रपति ट्रंप के आदेश पर अमेरिका ने ईरान पर हमले तेज किए**
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के निर्देशों पर अमल करते हुए, अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने ईरान के खिलाफ अतिरिक्त सैन्य अभियान शुरू किए हैं। अमेरिकी सेना का कहना है कि इन हमलों का मकसद होर्मुज जलडमरूमध्य में अंतरराष्ट्रीय नौवहन की स्वतंत्रता के लिए खतरा पैदा करने की ईरान की क्षमता को और कमजोर करना है। हाल के दिनों में व्यावसायिक जहाजों और उनके नागरिक चालक दल पर हुए कथित हमलों के लिए अमेरिका ईरान को जिम्मेदार मानता है। अमेरिकी बयान के अनुसार, अंतरराष्ट्रीय समुद्री मार्गों से गुजरने वाले जहाजों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए ये सैन्य अभियान चलाए जा रहे हैं।
**लगातार दूसरे दिन ईरान के खिलाफ अमेरिकी कार्रवाई**
अमेरिका ने लगातार दूसरे दिन ईरान के विभिन्न ठिकानों पर सैन्य हमले किए हैं। अमेरिकी अधिकारियों के अनुसार, इसका मकसद ईरान पर दबाव बनाना है ताकि वह होर्मुज जलडमरूमध्य में व्यावसायिक जहाजों पर कथित हमले बंद करे। समाचार वेबसाइट 'एक्सियोस' (Axios) की रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिका का जोर है कि अंतरराष्ट्रीय समुद्री मार्गों से गुजरने वाले व्यावसायिक जहाजों और नागरिक चालक दल की सुरक्षा बनाए रखने के लिए ये अभियान जरूरी हैं। IRGC के सलमान कमांड मुख्यालय को निशाना बनाया गया
अमेरिकी हमलों में दक्षिण-पूर्वी ईरान के ईरानशहर में स्थित इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) के सलमान कमांड मुख्यालय को निशाना बनाया गया। ईरानशहर के अलावा, दक्षिणी ईरान के कई अन्य इलाकों में भी अमेरिकी हमले किए गए, जिनमें चाबहार, कोनारक, बंदर अब्बास, जास्क, सिरिक और केशम शामिल हैं।
बुशहर में IRGC के एयरोस्पेस सेंटर में आग लगने की खबर
खबरों के मुताबिक, ईरान के दक्षिणी बुशहर प्रांत में चोग़दक के पास इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स एयरोस्पेस फोर्स (IRGC-AF) से जुड़े एक मिलिट्री सेंटर में आग लग गई है। कहा जा रहा है कि यह आग अमेरिकी वायु सेना और नौसेना के हमलों के बाद लगी; हालांकि, आग लगने की वजह के बारे में कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
ईरान का दावा: दक्षिणी इलाके में दुश्मन का ड्रोन मार गिराया
मेहर न्यूज़ एजेंसी ने दावा किया है कि ईरानी एयर डिफेंस सिस्टम ने देश के दक्षिणी हिस्से में एक "दुश्मन" ड्रोन को सफलतापूर्वक मार गिराया। रिपोर्ट के मुताबिक, ईरानी हवाई क्षेत्र में घुसने के बाद ड्रोन को रोका गया और नष्ट कर दिया गया। हालांकि, यह नहीं बताया गया कि ड्रोन किस देश का था या उसे किस मकसद से तैनात किया गया था।
ट्रंप के बयान पर ईरानी विदेश मंत्री की प्रतिक्रिया
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की हालिया टिप्पणियों पर प्रतिक्रिया देते हुए, ईरान के विदेश मंत्री ने कहा कि ईरान अपमानजनक भाषा के बजाय कार्रवाई से जवाब देता है। उन्होंने जोर देकर कहा कि ट्रंप के बयान ईरानी लोगों की महानता, गर्व और संकल्प को कम नहीं कर सकते। विदेश मंत्री ने दोहराया कि ईरान अपने राष्ट्रीय हितों और संप्रभुता की रक्षा के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है और किसी भी दबाव या अपमानजनक बयानबाजी के आगे नहीं झुकेगा।