बाब-अल-मंदेब में इतालवी नौसेना का बड़ा एक्शन: मर्चेंट शिप्स की सुरक्षा के लिए तैनात किए वॉरशिप
लाल सागर और बाब-अल-मंदेब जलडमरूमध्य से गुजरने वाले जहाजों पर बढ़ते खतरे के बीच इटली ने समुद्री सुरक्षा को लेकर बड़ा कदम उठाने का फैसला किया है। इटली के रक्षा मंत्री गुइडो क्रोसेटो ने कहा है कि देश अपने व्यापारिक जहाजों की सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित करने के लिए नौसैनिक बलों को सक्रिय करेगा। उन्होंने संकेत दिया कि इटली इस मामले में यूरोपीय संघ के सामूहिक फैसले का इंतजार नहीं करेगा।
जहाजों की सुरक्षा के लिए नौसेना तैयार
गुइडो क्रोसेटो के मुताबिक, इटली ने अपनी नौसेना को जरूरी तैयारियां करने के निर्देश दिए हैं, ताकि इतालवी वाणिज्यिक जहाजों को बाब-अल-मंदेब से सुरक्षित निकाला जा सके। उनका कहना है कि इस तरह के संकट में प्रशासनिक प्रक्रियाओं के कारण होने वाली देरी जोखिम को बढ़ा सकती है।
इटली ने समुद्री मार्गों के साथ-साथ समुद्र के नीचे मौजूद डेटा केबल और ऊर्जा से जुड़े महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे की सुरक्षा को भी अहम बताया है।
क्यों महत्वपूर्ण है बाब-अल-मंदेब?
बाब-अल-मंदेब लाल सागर को अदन की खाड़ी से जोड़ने वाला बेहद महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग है। यूरोप और एशिया के बीच बड़ी मात्रा में कंटेनर, ऊर्जा और अन्य सामान इसी रास्ते से गुजरता है। ऐसे में इस मार्ग में लंबे समय तक किसी तरह की रुकावट वैश्विक सप्लाई चेन और ऊर्जा बाजारों पर असर डाल सकती है।
तनाव के बावजूद इस मार्ग से समुद्री यातायात पूरी तरह बंद नहीं हुआ है। हालिया आंकड़ों के मुताबिक, एक दिन में बाब-अल-मंदेब से 23 कमोडिटी जहाज गुजरे, जबकि पिछले 10 दिनों का औसत करीब 26 जहाज प्रतिदिन रहा।
हूती गतिविधियों से बढ़ी समुद्री सुरक्षा की चिंता
यमन के पश्चिमी तट पर ईरान समर्थित हूती आंदोलन की सैन्य गतिविधियों ने बाब-अल-मंदेब के आसपास सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ाई है। इससे पहले भी हूती हमलों के कारण कई अंतरराष्ट्रीय शिपिंग कंपनियों ने लाल सागर के रास्ते से दूरी बनाई थी।
वैकल्पिक मार्ग के तौर पर जहाजों को अफ्रीका के दक्षिणी सिरे यानी केप ऑफ गुड होप के रास्ते भेजना पड़ता है। इससे यात्रा की दूरी और समय बढ़ जाता है, साथ ही ईंधन और परिवहन लागत पर भी असर पड़ता है।
इटली के लिए क्यों अहम है यह कदम?
इटली के लिए सुरक्षित समुद्री मार्ग आर्थिक और रणनीतिक दोनों लिहाज से महत्वपूर्ण हैं। भूमध्यसागर और यूरोपीय व्यापार से जुड़े प्रमुख समुद्री देश के तौर पर इटली के व्यापारिक जहाजों की सुरक्षित आवाजाही जरूरी है।
हालांकि, अभी यह स्पष्ट नहीं है कि इटली कितने युद्धपोत तैनात करेगा और इस मिशन का सटीक स्वरूप क्या होगा। आने वाले दिनों में समुद्री सुरक्षा की स्थिति के आधार पर इटली की तैनाती और रणनीति में बदलाव हो सकता है।