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लेबनान में इजराइल का बड़ा धमाका: हिजबुल्लाह की सुरंग तबाह, भूकंप से हिली धरती

 

दक्षिणी लेबनान में 10 सितंबर की शाम तेज झटके महसूस किए गए। अमेरिकी भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण (USGS) और इजरायली भूकंपीय चेतावनी प्रणाली के अनुसार, क्षेत्र में 4.1 तीव्रता के झटके दर्ज किए गए।रिपोर्ट के मुताबिक, ये झटके इजरायली सेना की ओर से अली अल-ताहेर पर्वत श्रृंखला के नीचे मौजूद हिजबुल्लाह की भूमिगत सुरंग प्रणाली को नष्ट करने के लिए किए गए बड़े विस्फोट के बाद महसूस हुए। हालांकि, भूकंपीय गतिविधि और विस्फोट के बीच संबंध को लेकर स्वतंत्र वैज्ञानिक पुष्टि जरूरी है।

नबातीह और आसपास के इलाकों में रहने वाले लोगों ने तेज धमाकों के साथ जमीन हिलने और घरों के कंपन की जानकारी दी। इलाके में काफी दूर तक विस्फोट की आवाज और उसका असर महसूस किया गया।

1,100 टन विस्फोटक इस्तेमाल करने का दावा

इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू और रक्षा मंत्री इसराइल काट्ज़ ने संयुक्त बयान में कहा कि इजरायली सेना ने अली अल-ताहेर पर्वत क्षेत्र के ऊपर और भूमिगत हिस्से पर नियंत्रण स्थापित कर लिया है।

इजरायली पक्ष के मुताबिक, भूमिगत सुरंग नेटवर्क को नष्ट करने के लिए करीब 1,100 टन विस्फोटक का इस्तेमाल किया गया। विस्फोट इतना बड़ा था कि इससे बना आग का गोला काफी दूर से दिखाई दिया।

इजरायल का कहना है कि इस कार्रवाई का उद्देश्य सीमा के पास संभावित सैन्य खतरों को रोकने के लिए बनाए जा रहे सुरक्षा क्षेत्र को मजबूत करना है।

2 किलोमीटर से ज्यादा लंबी थी सुरंग

इजरायली सेना के अनुसार, नष्ट की गई सुरंग प्रणाली 2 किलोमीटर से ज्यादा लंबी थी। दावा है कि इसे पिछले करीब दो दशकों में ईरान की फंडिंग और योजनाओं के सहयोग से तैयार किया गया था।

बताया गया है कि यह सुरंग हिजबुल्लाह की बदर यूनिट के लिए एक प्रमुख कमांड सेंटर के तौर पर इस्तेमाल होती थी। इसके अंदर कमांड रूम, हथियार रखने की जगह, बिजली जनरेटर और रहने के लिए कमरे बनाए गए थे।

इजरायली सेना ने सुरंग के अंदर से मिसाइल, ड्रोन, मशीनगन, टैंक रोधी मिसाइलों के अलावा लैंडमाइन और अन्य विस्फोटक उपकरण मिलने का भी दावा किया है।

इजरायल की सीमा के बेहद करीब था ठिकाना

अली अल-ताहेर पर्वत श्रृंखला समुद्र तल से करीब 600 मीटर की ऊंचाई पर स्थित है और इजरायल-लेबनान सीमा से लगभग 15 किलोमीटर दूर है। इजरायली पक्ष के अनुसार, इस ऊंचे और रणनीतिक स्थान से सीमा के पास मौजूद इजरायली इलाकों पर निगरानी रखना आसान था।

इजरायल का दावा है कि इस भूमिगत ठिकाने को भविष्य में गलील क्षेत्र में बड़े पैमाने पर सैन्य अभियान के लिए इस्तेमाल किए जाने वाले लॉन्चिंग बेस के रूप में तैयार किया गया था।

दक्षिणी लेबनान में फिर बढ़ा तनाव

दक्षिणी लेबनान में पिछले कुछ समय से इजरायल और हिजबुल्लाह के बीच तनाव बना हुआ है। संघर्ष के दौरान बड़े पैमाने पर जान-माल का नुकसान हुआ है और बड़ी संख्या में लोगों को अपने घर छोड़ने पड़े हैं।

इजरायल के अनुसार, हिजबुल्लाह के इस बड़े भूमिगत नेटवर्क का नष्ट होना दक्षिणी लेबनान में संगठन की सैन्य और परिचालन क्षमताओं के लिए बड़ा झटका है।