☰
×

इजराइली मूल के रब्बी योसी मिजराही ने हिंदुओं की गाय पूजा का उड़ाया मजाक, वीडियो में जाने भारतीय डॉक्टरों पर भी की अपमानजनक टिप्पणी; सोशल मीडिया पर विरोध

 

अमेरिका में रहने वाले इजराइली मूल के रब्बी योसी मिजराही का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। इसमें उन्होंने हिंदुओं की गाय पूजा की परंपरा का मजाक उड़ाया और भारतीय डॉक्टरों को लेकर भी अपमानजनक टिप्पणियां कीं। वीडियो सामने आने के बाद भारत और इजराइल के कई सोशल मीडिया यूजर्स ने उनकी आलोचना की। लोगों ने उनकी टिप्पणियों को धार्मिक भावनाओं का अपमान और नस्लवादी व्यवहार बताया है।वायरल वीडियो में मिजराही दावा करते हैं कि भारत में लोग गाय का पेशाब पीते हैं और कुछ भारतीय डॉक्टर भी ऐसा करते हैं। उन्होंने दिल्ली की सड़कों पर गायों के बैठने और उनकी वजह से ट्रैफिक रुकने का भी मजाक उड़ाया। उनकी टिप्पणियों को लेकर सोशल मीडिया पर बहस छिड़ गई है।

गाय की पूजा को लेकर किया विवादित दावा

<a style="border: 0px; overflow: hidden" href=https://youtube.com/embed/WGbjcq5sSzo?autoplay=1&mute=1><img src=https://img.youtube.com/vi/WGbjcq5sSzo/hqdefault.jpg alt=""><span><div class="youtube_play"></div></span></a>" style="border: 0px; overflow: hidden;" width="640">

वीडियो में मिजराही भारत के एक व्यक्ति का जिक्र करते हैं। उनका दावा है कि यह व्यक्ति पहले उनके फेसबुक पेज के लिए काम करता था और यहूदी धर्म अपनाना चाहता था। मिजराही के मुताबिक, वह व्यक्ति भारत में अपने पिता और भाई के साथ रहता था। उनका परिवार गाय की पूजा करता था और उसके सामने झुकता था।मिजराही ने दावा किया कि कुछ हिंदू परिवार गाय को अपने घर के ड्राइंग रूम तक में ले आते हैं। उन्होंने कहा कि जब गाय घर के फर्श पर पेशाब करती है तो परिवार के लोग उसे चाटते हैं। हालांकि, वीडियो में किए गए इन दावों के समर्थन में कोई प्रमाण प्रस्तुत नहीं किया गया है।

गाय के पेशाब को लेकर भी की टिप्पणी

रब्बी ने वीडियो में दावा किया कि भारत में लोग दवा की दुकानों से गाय का पेशाब खरीदते हैं। उन्होंने कहा कि कुछ भारतीय डॉक्टर भी इसका इस्तेमाल करते हैं। इन टिप्पणियों के दौरान उन्होंने भारतीय धार्मिक और सांस्कृतिक परंपराओं को लेकर व्यंग्य किया।भारत में गाय को हिंदू धर्म में धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व दिया जाता है। कई समुदायों में गाय को पूजनीय माना जाता है। वहीं, गोमूत्र का इस्तेमाल कुछ पारंपरिक और आयुर्वेदिक प्रथाओं में भी किया जाता है। हालांकि, किसी पूरी आबादी या पेशे से जुड़े लोगों के बारे में बिना प्रमाण ऐसे सामान्यीकृत दावे करना विवाद का विषय बन गया है।

दिल्ली की सड़कों पर गायों को लेकर सुनाया किस्सा

मिजराही ने वीडियो में सूजी नाम की एक गाय का उदाहरण भी दिया। उन्होंने दावा किया कि यह गाय सड़क के बीच में बैठ जाती थी, जिससे ट्रैफिक रुक जाता था। उनके मुताबिक, लोग उस गाय को हटाने की हिम्मत नहीं करते थे।उन्होंने इस घटना को भी मजाकिया अंदाज में पेश किया। हालांकि, सोशल मीडिया यूजर्स ने इसे भारतीयों और उनकी धार्मिक मान्यताओं का उपहास बताया।

भारत और इजराइल में सोशल मीडिया पर आलोचना

वीडियो वायरल होने के बाद कई भारतीय और इजराइली यूजर्स ने मिजराही की टिप्पणियों पर नाराजगी जताई। आलोचकों का कहना है कि किसी भी धर्म की परंपराओं पर असहमति या चर्चा की जा सकती है, लेकिन किसी समुदाय और उसके पेशे से जुड़े लोगों का अपमान करना उचित नहीं है।कुछ यूजर्स ने उनकी टिप्पणियों को नस्लवादी बताते हुए सार्वजनिक रूप से माफी मांगने की मांग की। फिलहाल इस विवाद पर मिजराही की ओर से कोई सफाई या माफी सामने आने की जानकारी नहीं है।