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‘इजराइल कैंसर की तरह....' पाक रक्षा मंत्री का विवादित बयान, बोले—इसे बनाने वाले नरक में जलें

 

अमेरिका-ईरान शांति वार्ता से पहले इजरायल और पाकिस्तान के बीच विवाद बढ़ता जा रहा है। विवाद तब शुरू हुआ जब पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने इजराइल पर लेबनान में नरसंहार करने का आरोप लगाया. ख्वाजा आसिफ ने कहा- इजराइल बुराई का प्रतीक और मानवता के लिए अभिशाप है. इस्लामाबाद में शांति वार्ता चल रही है, जबकि लेबनान में नरसंहार हो रहा है. इज़राइल निर्दोष नागरिकों को मार रहा है, पहले गाजा में, फिर ईरान में और अब लेबनान में। मैं प्रार्थना करता हूं कि इस देश को बनाने वाले लोग नरक में जलें।

इजरायल के प्रधानमंत्री कार्यालय ने आसिफ के बयान को आपत्तिजनक बताया. उन्होंने कहा कि यह बयान इजराइल को नष्ट करने की मांग जैसा है. इसे स्वीकार नहीं किया जा सकता, खासकर ऐसे देश से जो खुद को शांति वार्ता का मध्यस्थ बता रहा हो. दरअसल, शनिवार को अमेरिका और ईरान के बीच सीजफायर को लेकर अहम बातचीत होने वाली है. रॉयटर्स के मुताबिक, यह वार्ता पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद में होगी.

अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल आज इस्लामाबाद पहुंचेगा

अमेरिका और ईरान के बीच शनिवार को इस्लामाबाद के आलीशान होटल सेरेना में बातचीत होगी. इसके लिए अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल आज यानी शुक्रवार को इस्लामाबाद पहुंचेगा, जबकि ईरानी प्रतिनिधिमंडल पहले ही पहुंच चुका है. इस बैठक में अमेरिका की ओर से उपराष्ट्रपति जेडी वेंस टीम का नेतृत्व करेंगे. ईरानी मीडिया के मुताबिक, संसद अध्यक्ष मोहम्मद बाघेर गालिबफ अपने देश का प्रतिनिधित्व करेंगे।

अमेरिका और ईरान के बीच इन मुद्दों पर होगी चर्चा

ईरान का परमाणु कार्यक्रम- अमेरिका का कहना है कि ईरान में कोई संवर्धन नहीं होगा. ईरान को अपने सभी उच्च-स्तरीय समृद्ध यूरेनियम को छोड़ना होगा और अपनी परमाणु सुविधाओं को बंद करना होगा या सीमित करना होगा।
होर्मुज जलडमरूमध्य- विश्व का अधिकांश तेल और गैस इसी मार्ग से होकर गुजरता है। ईरान अब भी इस पर कब्ज़ा करना चाहता है और टोल (शुल्क) वसूलने की बात कर रहा है. साथ ही अमेरिका चाहता है कि रास्ता पूरी तरह से खुला और सुरक्षित हो, बिना किसी बाधा या शुल्क के.
बैलिस्टिक मिसाइल कार्यक्रम- अमेरिका ईरान की लंबी दूरी की मिसाइलों पर प्रतिबंध लगाना चाहता है.
प्रतिबंध हटाना- ईरान चाहता है कि सभी अमेरिकी और अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंध तुरंत हटाए जाएं, जमी हुई संपत्तियां वापस की जाएं और मुआवजा भी दिया जाए.