Israel-Hamas War: 7 अक्टूबर हमले से पहले UAE राष्ट्रपति ने नेतन्याहू को दी थी चेतावनी? रिपोर्ट के दावे से मचा हड़कंप
7 अक्टूबर 2023 के हमास हमले को लेकर एक नया दावा सामने आया है, जिसने इजराइल की सुरक्षा व्यवस्था और हमले से पहले की संभावित खुफिया जानकारी को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। इजराइली अखबार हारेत्ज की एक रिपोर्ट में दावा किया गया है कि UAE के राष्ट्रपति मोहम्मद बिन जायद ने हमले से करीब 10 दिन पहले इजराइली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू को बड़े हमले की आशंका के बारे में चेतावनी दी थी।
रिपोर्ट के मुताबिक, बिन जायद ने कथित तौर पर कहा था कि संभावित हमले में भारी रक्तपात हो सकता है और इससे पूरे क्षेत्र में अस्थिरता बढ़ने का खतरा है। हालांकि, इस दावे को नेतन्याहू के कार्यालय ने पूरी तरह खारिज कर दिया है।
रिपोर्ट में चेतावनी को लेकर क्या दावा है?
हारेत्ज की रिपोर्ट के अनुसार, UAE राष्ट्रपति ने कथित बातचीत में बड़े हमले की आशंका जताई थी। दावा है कि उन्होंने इससे होने वाली संभावित बड़ी जनहानि और पश्चिम एशिया में अस्थिरता बढ़ने को लेकर चिंता व्यक्त की थी।
रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि बिन जायद को डर था कि ऐसी हिंसा से इजराइल और अरब देशों के बीच हाल के वर्षों में सुधरे संबंधों को बड़ा नुकसान पहुंच सकता है।
विशेष रूप से अब्राहम अकॉर्ड को लेकर भी चिंता जताए जाने का दावा किया गया है। 2020 में अमेरिका की मध्यस्थता में हुए इन समझौतों के बाद UAE समेत कुछ अरब देशों ने इजराइल के साथ अपने संबंध सामान्य किए थे।
नेतन्याहू के कार्यालय ने दावे को बताया झूठ
रिपोर्ट सामने आने के बाद इजराइली प्रधानमंत्री कार्यालय ने इस दावे को खारिज कर दिया। PMO के मुताबिक, नेतन्याहू ने उस समय UAE के राष्ट्रपति से ऐसी कोई बातचीत नहीं की थी और उन्हें बिन जायद की ओर से हमले को लेकर कोई चेतावनी नहीं मिली थी।
इस तरह रिपोर्ट में किए गए दावे और इजराइली प्रधानमंत्री कार्यालय के बयान के बीच स्पष्ट अंतर नजर आता है। UAE के विदेश मंत्रालय की ओर से इस दावे पर कोई प्रतिक्रिया सामने नहीं आने की बात भी रिपोर्ट में कही गई है।
7 अक्टूबर 2023 को क्या हुआ था?
7 अक्टूबर 2023 को हमास ने इजराइल पर बड़ा हमला किया था। हमले में इजराइल में करीब 1,200 लोगों की मौत हुई थी और 251 लोगों को बंधक बनाया गया था।
हमले के बाद इजराइल ने गाजा में हमास के खिलाफ बड़े सैन्य अभियान की शुरुआत की। इसके बाद शुरू हुआ संघर्ष धीरे-धीरे पूरे पश्चिम एशिया में तनाव का बड़ा कारण बन गया।
हमास ने अपने हमले को 'अल-अक्सा फ्लड' ऑपरेशन का नाम दिया था। इसके जवाब में इजराइल ने 'सोर्ड्स ऑफ आयरन' सैन्य अभियान शुरू किया।
किस आधार पर सामने आया दावा?
हारेत्ज की रिपोर्ट कथित तौर पर पत्रकार श्लोमी एल्डर और रूथ युवाल की नई किताब Kidnapped: 843 Days of Abandonment में दी गई जानकारी पर आधारित है।
रिपोर्ट के अनुसार, किताब तैयार करने के दौरान राजनयिक सूत्रों से बातचीत की गई और UAE राष्ट्रपति के एक सलाहकार का भी हवाला दिया गया, जिसे कथित बातचीत की जानकारी होने का दावा किया गया है।
रिपोर्ट में अधिकारियों के बयानों, रिकॉर्डिंग, आंतरिक दस्तावेजों और पत्राचार जैसे स्रोतों का भी उल्लेख किया गया है।
दावे से उठ रहे कई बड़े सवाल
अगर रिपोर्ट में किया गया दावा भविष्य में स्वतंत्र और विश्वसनीय स्रोतों से साबित होता है, तो इससे 7 अक्टूबर के हमले से पहले इजराइल को मिली संभावित चेतावनियों और उस पर हुई कार्रवाई को लेकर गंभीर सवाल उठ सकते हैं।
हालांकि, फिलहाल यह दावा रिपोर्ट और संबंधित सूत्रों पर आधारित है और इजराइली प्रधानमंत्री कार्यालय इसे स्पष्ट रूप से खारिज कर चुका है। इसलिए चेतावनी दिए जाने की बात को इस समय स्थापित तथ्य के तौर पर नहीं देखा जा सकता।