Israel Election: नेतन्याहू और विपक्ष बहुमत से दूर, अरब पार्टियों की 19 सीटों पर बढ़त
इजराइल के चुनावी नतीजों के रुझानों ने सरकार गठन को लेकर सियासी तस्वीर दिलचस्प बना दी है। प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू और विपक्षी नेता गादी आइजनकोट के नेतृत्व वाले गठबंधन बहुमत के आंकड़े से पीछे नजर आ रहे हैं। वहीं, अरब पार्टियों को 19 सीटों पर बढ़त मिलने से सरकार बनाने की प्रक्रिया में उनकी भूमिका अहम हो सकती है।
85.6% वोटों की गिनती के बाद नेतन्याहू के गठबंधन को 53 सीटों और विपक्षी गठबंधन को 48 सीटों पर बढ़त मिलती दिख रही है। अरब पार्टियां कुल 19 सीटों पर आगे हैं। इजराइल की संसद में कुल 120 सीटें हैं और बहुमत के लिए कम से कम 61 सीटों का समर्थन जरूरी है।
अरब पार्टियों पर वोट चोरी का आरोप
चुनावी रुझानों के बीच नेतन्याहू की पार्टी लिकुड ने अरब पार्टियों पर वोट चोरी और चुनावी धांधली के आरोप लगाए हैं। पार्टी ने पुलिस, आंतरिक सुरक्षा एजेंसी शिन बेट और केंद्रीय चुनाव समिति से मामले की जांच कराने की मांग की है। हालांकि, इन आरोपों की अभी पुष्टि नहीं हुई है।
सरकार बनाने के लिए मिलेंगे 42 दिन
इजराइल में चुनाव के बाद सरकार बनाने की प्रक्रिया में राष्ट्रपति की अहम भूमिका होती है। सरकार गठन के लिए चुने गए नेता को शुरुआत में 28 दिन का समय दिया जाता है। जरूरत पड़ने पर राष्ट्रपति इस अवधि को 14 दिन और बढ़ा सकते हैं। इस तरह सरकार बनाने के लिए कुल 42 दिन तक का समय मिल सकता है।
इस दौरान संबंधित नेता को अन्य राजनीतिक दलों से बातचीत करके समर्थन जुटाना होता है। गठबंधन बनाने के लिए पार्टियों के बीच नीतियों, जिम्मेदारियों और मंत्रिपदों को लेकर समझौते किए जा सकते हैं।
सरकार बनाने के लिए आम तौर पर संसद में 61 सांसदों का समर्थन जरूरी होता है। यदि कोई गठबंधन यह आंकड़ा हासिल नहीं कर पाता, तो अल्पमत सरकार या अन्य राजनीतिक समझौतों की संभावनाएं भी सामने आ सकती हैं। ऐसे में अंतिम नतीजे और अलग-अलग दलों के रुख इजराइल की अगली सरकार का भविष्य तय करने में महत्वपूर्ण होंगे।