क्या ईरान पर होने वाला है अब तक का सबसे बड़ा हमला? ट्रंप के बयान से मची हलचल, ईरान बोला -'इसकी भारती कीमत...'
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि अमेरिका ईरान पर बड़ा हमला करने के लिए तैयार है। उन्होंने कहा, "तैयारियां पूरी हो चुकी हैं; अब बस फैसला लेना बाकी है।" ट्रंप ने यह भी कहा कि ईरान को अभी तक उतना नुकसान नहीं हुआ है जितना होना चाहिए था।
ईरान ने ट्रंप के बयान पर तुरंत प्रतिक्रिया दी। विदेश मंत्री अब्बास अरागची ने चेतावनी दी कि अगर अमेरिका अपने हमले जारी रखता है, तो उसे "बहुत भारी कीमत चुकानी पड़ेगी"। उन्होंने जोर देकर कहा कि संघर्ष खत्म करने का रास्ता बातचीत है, न कि नए हमले।
.@POTUS: "We're doing very well against the Islamic Republic of Iran—we're doing extremely well. They would like to do something, but I say they're not ready yet. They need more of the same... they've got some evil intentions. We cannot let them have a nuclear weapon." pic.twitter.com/3PfEOnMroy
— Rapid Response 47 (@RapidResponse47) July 23, 2026
इस बीच, ब्रिटेन ने भी अपनी सेना को अलर्ट पर रखा है। ब्रिटिश सरकार का कहना है कि जरूरत पड़ने पर राष्ट्रीय सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए उसकी सेनाएं तैयार हैं। इससे पहले, ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड (IRGC) ने चेतावनी दी थी कि अगर अमेरिका ब्रिटिश सैन्य ठिकानों का इस्तेमाल करता है, तो उन ठिकानों को भी निशाना बनाया जा सकता है।
पिछले 24 घंटों की 5 बड़ी खबरें...
1. सऊदी के दो जहाजों पर हमला: यमन के हूथी विद्रोहियों ने लाल सागर में सऊदी अरब के दो तेल टैंकरों - *एन्सेलिया* और *लैला* - पर बैलिस्टिक मिसाइलों, क्रूज मिसाइलों और ड्रोन का इस्तेमाल करके हमला किया। समूह का दावा है कि दोनों जहाजों में आग लग गई।
2. हूथी विद्रोहियों के डर से 10 जहाजों का रास्ता बदला गया: बाब अल-मंडेब जलडमरूमध्य (स्ट्रेट) से गुजरने की कोशिश कर रहे कम से कम 10 जहाजों को अपना रास्ता बदलने के लिए मजबूर होना पड़ा। ये जहाज अब अफ्रीका के दक्षिणी सिरे पर स्थित 'केप ऑफ गुड होप' से होकर लंबा सफर तय कर रहे हैं।
3. ब्रिटेन ने अमेरिकी सैन्य ठिकानों के इस्तेमाल को मंजूरी दी: ब्रिटेन के नए प्रधानमंत्री एंडी बर्नहम ने अमेरिका को ईरान के खिलाफ ऑपरेशन के लिए ब्रिटिश सैन्य ठिकानों का इस्तेमाल करने की अनुमति दे दी है। हिंद महासागर में डिएगो गार्सिया और ग्लूसेस्टरशायर में फेयरफोर्ड एयरबेस को अमेरिकी विमानों के लिए उपलब्ध कराया जाएगा।
4. अब तक 26,000 भारतीय उड़ानें रद्द: अमेरिका-ईरान संघर्ष के कारण, भारतीय एयरलाइंस को 20 जुलाई तक लगभग 26,000 अंतरराष्ट्रीय उड़ानें रद्द करनी पड़ी हैं। इसके अलावा, कई उड़ानों का रास्ता बदला गया और उनमें देरी हुई।
5. ट्रंप का 95 अरब डॉलर का रक्षा बजट पास: ईरान के साथ संघर्ष के बीच, ट्रंप को एक बड़ी राजनीतिक जीत मिली है। अमेरिकी हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स ने 216 के मुकाबले 214 वोटों से 95 अरब डॉलर के रक्षा बजट प्रस्ताव को मंजूरी दे दी। अब इसे मंजूरी के लिए सीनेट भेजा जाएगा। इस कदम से ईरान के साथ संघर्ष और राष्ट्रीय सुरक्षा की अन्य ज़रूरतों के लिए अतिरिक्त फ़ंडिंग मिलेगी।