ईरान की नई धमकी से बढ़ा तनाव, वीडियो में कहा- हमारी उड़ानें रोकीं तो पूरे पश्चिम एशिया में विमान नहीं उड़ने देंगे
अमेरिका की ओर से ईरानी एयरलाइंस पर लगाए गए प्रतिबंधों के बाद पश्चिम एशिया में हवाई यात्रा को लेकर तनाव बढ़ गया है। ईरान ने अब चेतावनी दी है कि अगर उसकी एयरलाइंस को उड़ान भरने और एयरपोर्ट सुविधाओं का इस्तेमाल करने से रोका गया, तो वह भी क्षेत्र के दूसरे देशों की उड़ानों को प्रभावित कर सकता है। ईरानी सुप्रीम लीडर के सलाहकार मोहम्मद मुखबर ने कहा है कि क्षेत्र में हवाई यात्रा या तो सभी के लिए खुली होनी चाहिए या फिर किसी के लिए नहीं।
मुखबर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर कहा कि अगर ईरान को उड़ान भरने और एयरपोर्ट सेवाएं हासिल करने की अनुमति नहीं दी जाती है, तो क्षेत्र के किसी भी देश को ऐसी सुविधाएं नहीं मिल पाएंगी। उन्होंने यह भी कहा कि अमेरिका की नीतियों के साथ खड़े होने वाले देशों को ईरान याद रखेगा। हालांकि, उन्होंने यह स्पष्ट नहीं किया कि ईरान इस चेतावनी को किस तरह लागू करेगा।
दरअसल, अमेरिका ने ईरानी एयरलाइंस पर दबाव बढ़ाते हुए विदेशी कंपनियों और एयरपोर्ट सेवा प्रदाताओं को भी चेतावनी दी है। अमेरिकी ट्रेजरी सचिव स्कॉट बेसेंट के मुताबिक, 23 सितंबर से ईरानी एयरलाइंस के साथ कारोबार करने वाली विदेशी कंपनियों पर सेकेंडरी प्रतिबंध लगाए जा सकते हैं। इनमें ईंधन उपलब्ध कराने, लैंडिंग सेवाएं देने और टिकट बेचने जैसी सुविधाएं शामिल हैं। ऐसी कंपनियों को अमेरिकी डॉलर सिस्टम से बाहर किए जाने का जोखिम बताया गया है।अमेरिकी दबाव के बाद पश्चिम एशिया के कई देशों ने ईरानी एयरलाइंस पर प्रतिबंध लागू करना शुरू कर दिया है। संयुक्त अरब अमीरात ने 24 सितंबर से ईरानी एयरलाइंस की अपने यहां आने-जाने वाली सभी उड़ानों को अगली सूचना तक निलंबित कर दिया। इराक के कुछ एयरपोर्टों पर भी ईरानी उड़ानों को रोका गया है। इसके अलावा ओमान समेत कुछ अन्य देशों में भी ईरानी उड़ानों पर असर पड़ा है।
ईरान और क्षेत्रीय देशों के बीच उड़ानों में पहले से ही भारी गिरावट आई है। युद्ध और प्रतिबंधों के कारण कई अंतरराष्ट्रीय एयरलाइंस ने ईरान के लिए अपनी सेवाएं निलंबित कर दी हैं। इससे ईरानी यात्रियों को दूसरे देशों तक पहुंचने के लिए वैकल्पिक हवाई या जमीनी रास्तों का सहारा लेना पड़ रहा है।ईरान की ताजा चेतावनी ऐसे समय आई है जब अमेरिका के प्रतिबंधों के चलते उसकी नागरिक विमानन व्यवस्था पर दबाव बढ़ रहा है। यदि ईरान और क्षेत्रीय देशों के बीच हवाई सेवाओं को लेकर टकराव आगे बढ़ता है, तो इसका असर यात्रियों, एयरलाइंस और पश्चिम एशिया के प्रमुख एयरपोर्ट हब पर पड़ सकता है। फिलहाल मुखबर की चेतावनी के बाद यह स्पष्ट नहीं है कि ईरान की ओर से अगला कदम क्या होगा।