ईरान में पूर्व सुप्रीम लीडर आयतुल्लाह अली खामेनेई को अंतिम विदाई, फुटेज में देंखे तेहरान में जुटे दुनिया भर के प्रतिनिधि; भारत-पाकिस्तान के प्रतिनिधिमंडल भी पहुंचे
ईरान के पूर्व सुप्रीम लीडर आयतुल्लाह अली खामेनेई और उनके परिवार के सदस्यों के अंतिम संस्कार की रस्में राजधानी तेहरान में शुरू हो गई हैं। देश और विदेश से बड़ी संख्या में नेता, राजनयिक और धार्मिक प्रतिनिधि उन्हें श्रद्धांजलि देने के लिए पहुंच रहे हैं। ईरानी न्यूज एजेंसी इरना के अनुसार, आधिकारिक कार्यक्रम शनिवार शाम से शुरू होना था, लेकिन विदेशी मेहमान पहले ही तेहरान पहुंच गए और अंतिम दर्शन कर श्रद्धांजलि अर्पित करने लगे।
तेहरान के प्रसिद्ध मोसल्ला परिसर में आयतुल्लाह अली खामेनेई और उनके परिवार के कई सदस्यों के ताबूत अंतिम दर्शन के लिए रखे गए हैं। यहां हजारों की संख्या में आम नागरिकों के साथ-साथ विभिन्न देशों के प्रतिनिधिमंडल भी मौजूद हैं। परिसर में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं और पूरे आयोजन पर प्रशासन की विशेष नजर बनी हुई है।
अंतिम संस्कार में शामिल होने के लिए भारत से भी धार्मिक नेताओं का एक प्रतिनिधिमंडल तेहरान पहुंचा। प्रतिनिधिमंडल ने पूर्व सुप्रीम लीडर को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए उनके योगदान को याद किया। भारत और ईरान के बीच लंबे समय से चले आ रहे सांस्कृतिक और धार्मिक संबंधों के मद्देनजर भारतीय प्रतिनिधिमंडल की मौजूदगी को महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
वहीं, पाकिस्तान के सेना प्रमुख फील्ड मार्शल आसिम मुनीर भी तेहरान पहुंच चुके हैं। उनके आगमन को क्षेत्रीय कूटनीति के लिहाज से अहम माना जा रहा है। मेहराबाद हवाई अड्डे पर ईरान के प्रथम उपराष्ट्रपति मोहम्मद रजा अरेफ ने विदेशी मेहमानों और विभिन्न देशों के प्रतिनिधिमंडलों का स्वागत किया। इस दौरान कई देशों के वरिष्ठ अधिकारी और राजनयिक भी मौजूद रहे।
अंतिम संस्कार समारोह में पश्चिम एशिया, एशिया और अन्य क्षेत्रों के कई देशों के प्रतिनिधियों के शामिल होने की संभावना है। ईरान सरकार ने इसे एक राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय महत्व का आयोजन बताते हुए व्यापक तैयारियां की हैं। राजधानी तेहरान में सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत किया गया है, जबकि बड़ी संख्या में सुरक्षा बलों की तैनाती की गई है।
इस बीच, क्षेत्रीय कूटनीति से जुड़ी एक महत्वपूर्ण जानकारी भी सामने आई है। दोहा में हाल ही में हुई बातचीत के बाद कतर ने संकेत दिया है कि संबंधित पक्ष पूर्व सुप्रीम लीडर के अंतिम संस्कार की रस्में पूरी होने के बाद जल्द ही अगले दौर की वार्ता शुरू करेंगे। माना जा रहा है कि इन बैठकों में क्षेत्रीय सुरक्षा, द्विपक्षीय संबंधों और अन्य अहम मुद्दों पर चर्चा की जाएगी।
विशेषज्ञों का मानना है कि अंतिम संस्कार में विभिन्न देशों के शीर्ष प्रतिनिधियों की मौजूदगी केवल श्रद्धांजलि तक सीमित नहीं है, बल्कि यह पश्चिम एशिया की मौजूदा राजनीतिक और कूटनीतिक परिस्थितियों के बीच संवाद का भी एक महत्वपूर्ण अवसर बन सकता है। ऐसे में तेहरान में हो रहा यह आयोजन पूरी दुनिया की नजरों में बना हुआ है और आने वाले दिनों में इससे जुड़े कई अहम कूटनीतिक घटनाक्रम सामने आ सकते हैं।