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ईरान के दावे ने उड़ाई दुनिया की नींद, जॉर्डन में कई अमेरिकी विमानों को किया नष्ट 

 

पश्चिम एशिया में चल रहे संघर्ष के बीच, ईरान ने दावा किया है कि उसने जॉर्डन में तैनात कई अमेरिकी सैन्य विमानों पर बैलिस्टिक मिसाइलों और ड्रोन से हमला किया है। यह हमला तेहरान में कई जगहों पर अमेरिका द्वारा रात भर किए गए हमलों के जवाब में किया गया, जिसमें कम से कम आठ लोग मारे गए थे। ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने कहा कि उसने अमेरिका के कई हवाई ईंधन भरने वाले टैंकरों और लड़ाकू विमानों को नष्ट कर दिया है, जबकि अन्य को भारी नुकसान पहुँचाया है। उसने जॉर्डन के लोगों से अपने देश में "आक्रामक और इस्लाम-विरोधी" अमेरिकी हितों को निशाना बनाने का भी आग्रह किया।

**सैनिकों की हत्या का बदला**
ईरानी मीडिया की खबरों के अनुसार, IRGC ने कहा कि उसने ईरानशहर में ईरानी सैनिकों की हत्या के जवाब में सीरिया के अल-तनफ़ में अमेरिकी स्पेशल ऑपरेशन्स कमांड सेंटर पर भी हमला किया। फिलहाल, इस दावे की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं की जा सकती है, और इस मामले पर सीरियाई सरकार या अमेरिकी सेना की ओर से कोई तत्काल टिप्पणी नहीं आई है।

**खाड़ी देशों को भी निशाना बनाया गया**

अमेरिकी सेना ने पहले फरवरी 2026 में कहा था कि वह सीरिया, जॉर्डन और इराक के त्रिकोणीय सीमा जंक्शन पर स्थित अल-तनफ़ चौकी से हट गई है। इस बीच, उत्तरी इराक के अर्ध-स्वायत्त कुर्द क्षेत्र में एरबिल और सुलेमानिया में विस्फोटों की आवाज सुनी गई। तेहरान ने मध्य पूर्व में अमेरिका के सहयोगियों - जिसमें कतर भी शामिल है - पर नए मिसाइल हमले किए और कुवैत में एक बिजली और पानी के डिसेलिनेशन प्लांट को नुकसान पहुँचाया।

**ईरान पर अमेरिकी हमले**
गौरतलब है कि अमेरिका ने ईरान पर अपने हमले तेज कर दिए हैं और विभिन्न पुलों तथा बिजली के बुनियादी ढांचे को निशाना बनाया है। इसके अलावा, ईरान के एक प्रमुख बंदरगाह पर एक टावर को नष्ट कर दिया गया। यह कार्रवाई अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की धमकियों के बाद की गई, जिन्होंने तेहरान पर दबाव बनाने के लिए ईरानी बुनियादी ढांचे पर हमले शुरू करने की धमकी दी थी। इसका मकसद होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) पर तेहरान की पकड़ को कमजोर करना था। अमेरिकी हमलों में ईरान के दक्षिणी तट पर स्थित शहरों और द्वीपों को निशाना बनाया गया, जिनमें अहवाज़, केशम, बुशहर, दश्ती, बोस्तान, सिरिक और बंदर-ए-लंगेह शामिल हैं। अमेरिकी हमलों से इन इलाकों को काफी नुकसान पहुँचा।