होर्मुज स्ट्रेट पर ईरान का बड़ा बयान, अमेरिका की शर्तें पूरी होने तक रास्ता खोलने से इनकार; ट्रंप के दावे पर भी पलटवार
होर्मुज स्ट्रेट को लेकर ईरान और अमेरिका के बीच तनाव एक बार फिर बढ़ता नजर आ रहा है। ईरान ने स्पष्ट कर दिया है कि वह होर्मुज स्ट्रेट को तभी खोलने पर विचार करेगा, जब अमेरिका अपना रवैया बदलेगा और बातचीत के दौरान किए गए वादों और जिम्मेदारियों को पूरा करेगा। ईरान की सुप्रीम नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल के चीफ मोहसिन रेजाई ने अमेरिका पर बातचीत के दौरान धोखा देने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि पहले अमेरिका को अपनी जिम्मेदारियां पूरी करनी होंगी, इसके बाद ही होर्मुज स्ट्रेट खोलने को लेकर कोई चर्चा हो सकती है। होर्मुज स्ट्रेट दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री मार्गों में से एक है। इसके जरिए खाड़ी क्षेत्र से बड़ी मात्रा में कच्चा तेल और अन्य ऊर्जा संसाधनों का परिवहन होता है। ऐसे में इस जलमार्ग को लेकर ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ता तनाव वैश्विक ऊर्जा बाजार और अंतरराष्ट्रीय व्यापार के लिए भी चिंता का विषय बन सकता है।
अमेरिका पर वादाखिलाफी का आरोप
मोहसिन रेजाई ने कहा कि अमेरिका ने बातचीत के दौरान ईरान के साथ किए गए वादों को पूरा नहीं किया। उनके मुताबिक, अमेरिका को पहले अपनी जिम्मेदारियां निभानी होंगी और उसके बाद ही ईरान की ओर से होर्मुज स्ट्रेट खोलने पर विचार किया जाएगा।रेजाई ने यह भी कहा कि ईरान अमेरिकी आर्थिक दबाव के सामने झुकने वाला नहीं है। उनके बयान से संकेत मिलता है कि तेहरान फिलहाल अमेरिका के दबाव में अपनी रणनीति बदलने के लिए तैयार नहीं है।
ट्रंप ने फिर किया ‘न्यू यूएस टेरिटरी’ का दावा
इसी बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने होर्मुज स्ट्रेट को लेकर एक बार फिर सोशल मीडिया पर तस्वीर साझा की। इस तस्वीर में होर्मुज स्ट्रेट को ‘न्यू यूएस टेरिटरी’ यानी नया अमेरिकी क्षेत्र बताया गया है।ट्रंप इससे पहले 18 अगस्त को भी होर्मुज स्ट्रेट को अमेरिकी क्षेत्र घोषित करने की बात कह चुके हैं। उनके इस दावे को ईरान ने पूरी तरह खारिज कर दिया है। ईरान का कहना है कि होर्मुज स्ट्रेट पर किसी दूसरे देश का अधिकार स्वीकार नहीं किया जा सकता।
परमाणु हथियारों को लेकर बढ़ी चिंता
मोहसिन रेजाई ने ट्रंप के ईरान पर हमले के संदर्भ में परमाणु हथियारों को लेकर बढ़ती वैश्विक चिंता का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि इस तरह की सैन्य कार्रवाई से दुनिया में यह डर बढ़ सकता है कि जिन देशों के पास परमाणु हथियार नहीं हैं, वे भविष्य में खुद को असुरक्षित महसूस कर सकते हैं।रेजाई के मुताबिक, इससे दूसरे देशों में भी परमाणु हथियार हासिल करने की होड़ बढ़ने का खतरा पैदा हो सकता है। उनका दावा है कि किसी देश पर सैन्य हमला होने के बाद अन्य देश अपनी सुरक्षा को लेकर नए तरीके से सोच सकते हैं।
क्षेत्रीय तनाव के बीच बढ़ी निगाहें
होर्मुज स्ट्रेट को लेकर ईरान और अमेरिका के बीच जारी बयानबाजी ने क्षेत्रीय तनाव को और बढ़ा दिया है। एक ओर ईरान अमेरिका की शर्तें पूरी होने तक स्ट्रेट खोलने के मुद्दे पर आगे बढ़ने से इनकार कर रहा है, वहीं दूसरी ओर ट्रंप के दावे ने विवाद को नया राजनीतिक और रणनीतिक आयाम दे दिया है।अब अंतरराष्ट्रीय समुदाय की नजर इस बात पर है कि दोनों देशों के बीच बातचीत की कोई नई राह निकलती है या तनाव और बढ़ता है। होर्मुज स्ट्रेट की स्थिति का असर केवल ईरान और अमेरिका तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका प्रभाव वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति और अंतरराष्ट्रीय बाजारों पर भी पड़ सकता है।