Iran का बड़ा प्लान: Elon Musk की कंपनियों पर हमले की तैयारी, अब क्या करेंगे डोनाल्ड ट्रम्प ?
ईरान ने चेतावनी दी है कि वह मिडिल ईस्ट में एलन मस्क के सभी बिज़नेस को वैध सैन्य लक्ष्य मानता है। एक रिपोर्ट के अनुसार, ईरान ने कहा है कि वह मस्क से जुड़ी सभी कमर्शियल संपत्तियों को निशाना बना सकता है, जिसमें SpaceX की स्टारलिंक सैटेलाइट इंटरनेट सर्विस और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X (पहले ट्विटर) शामिल हैं। ईरान की सरकारी मीडिया एजेंसी 'फार्स न्यूज एजेंसी' की रिपोर्ट के मुताबिक, तेहरान ने अपने सैन्य लक्ष्यों की सूची का विस्तार करते हुए इसमें पश्चिम एशिया में मस्क के सभी बिज़नेस को शामिल किया है; इसमें इस क्षेत्र में स्थित स्टारलिंक ग्राउंड स्टेशन भी शामिल हैं।
**मस्क की कंपनियों पर आरोप**
रिपोर्ट में कहा गया है कि ईरानी अधिकारी मस्क की कंपनियों पर ईरान के खिलाफ अमेरिकी और इजरायली सैन्य अभियानों के लिए तकनीकी सहायता प्रदान करने का आरोप लगाते हैं। अधिकारियों का दावा है कि इन कंपनियों ने एडवांस्ड हथियार प्रणालियों, हवाई हमले वाले ड्रोन और बिना चालक वाले समुद्री हमले के जहाजों को संचालित करने में भूमिका निभाई है। "सूत्रों" का हवाला देते हुए, फार्स न्यूज ने दावा किया कि ईरान का मानना है कि अमेरिका ने मस्क से जुड़ी कंपनियों की सीधी मदद से युद्ध अपराध किए हैं। सूत्र के अनुसार, "इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ ईरान के पास इस क्षेत्र और कब्जे वाले इलाकों में मस्क द्वारा संचालित कंपनियों से जुड़ी सभी सुविधाओं पर हमला करने का अधिकार सुरक्षित है।"
ईरान की सरकारी मीडिया की यह चेतावनी ऐसे समय में आई है जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोशल मीडिया पोस्ट में कहा कि अमेरिका उस रात ईरान पर गंभीर हमला करेगा। ट्रंप ने यह भी कहा कि अमेरिकी सेना ईरान के प्रमुख तेल निर्यात केंद्र, खार्ग द्वीप पर नियंत्रण करने के लिए कार्रवाई करेगी।
**सिलिकॉन वैली भी निशाने पर**
यह पहली बार नहीं है जब ईरान ने मस्क की कंपनियों के बारे में चेतावनी जारी की है। इस साल की शुरुआत में, ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने पारंपरिक सैन्य लक्ष्यों के अलावा सूचना और संचार प्रौद्योगिकी (ICT) और AI क्षेत्रों में अमेरिकी कंपनियों को निशाना बनाने की बात कही थी।
रिपोर्ट के अनुसार, IRGC ने संभावित लक्ष्यों की अपनी सूची में 18 से अधिक प्रमुख अमेरिकी कंपनियों को शामिल किया है। इनमें फेसबुक, इंस्टाग्राम और व्हाट्सएप के मालिकों जैसी सोशल मीडिया कंपनियां और गूगल शामिल हैं। कंप्यूटिंग और चिप निर्माण क्षेत्रों की कंपनियों - जैसे एप्पल, माइक्रोसॉफ्ट, इंटेल, ओरेकल और एनवीडिया - का भी नाम लिया गया है। इसके अलावा, रक्षा, लॉजिस्टिक्स और ऑटोमेशन क्षेत्रों की कंपनियों - जैसे पैलेंटिर, बोइंग और टेस्ला - को भी सूची में शामिल किए जाने की खबर है।
**UAE और बहरीन में हमलों के दावे**
रिपोर्ट्स में यह भी दावा किया गया है कि यूनाइटेड अरब एमिरेट्स (UAE) और बहरीन में मौजूद Amazon Web Services (AWS) के डेटा सेंटर पहले ईरानी ड्रोन हमलों से प्रभावित हो चुके हैं। इन हमलों के कारण बिजली की सप्लाई बाधित हुई और फायरफाइटिंग सिस्टम के एक्टिवेट होने के बाद पानी जमा होने से नुकसान हुआ।