ईरान की अमेरिका को खुली चेतावनी, कहा- ‘अगर फिर गलती की तो…’, जाने पाक आर्मी चीफ से क्या हुई बातचीत
पश्चिम एशिया में चल रहे संघर्ष और तनाव के बीच, पाकिस्तान के सेना प्रमुख, फील्ड मार्शल आसिम मुनीर, शुक्रवार (22 मई, 2026) को ईरान की राजधानी तेहरान पहुंचे। तेहरान यात्रा के दौरान, आसिम मुनीर ने ईरान की संसद के स्पीकर और मुख्य वार्ताकार, मोहम्मद बाघर ग़ालिबफ़ से मुलाकात की। इस मुलाकात का उद्देश्य अमेरिका के साथ चल रहे संघर्ष को समाप्त करने के तरीकों पर चर्चा करना और किसी संभावित समझौते पर बातचीत को आगे बढ़ाना था। बातचीत के दौरान, ईरान की संसद के स्पीकर एम.बी. ग़ालिबफ़ ने इस बात पर ज़ोर दिया कि ईरान अपने राष्ट्र और नागरिकों के अधिकारों तथा हितों से किसी भी तरह का समझौता नहीं करेगा।
ईरान की सरकारी समाचार एजेंसी की एक रिपोर्ट के अनुसार, ग़ालिबफ़ ने कहा कि अमेरिका के साथ संघर्ष-विराम (सीज़फ़ायर) के दौरान, ईरान के सशस्त्र बलों ने सफलतापूर्वक अपनी क्षमताओं को और मज़बूत किया है। एक कड़ी चेतावनी देते हुए उन्होंने आगे कहा कि यदि अमेरिका मूर्खतापूर्ण ढंग से एक बार फिर से शत्रुतापूर्ण कार्रवाई शुरू करता है, तो इसके परिणाम और भी अधिक विनाशकारी और गंभीर होंगे।
**मुनीर ने अब्बास अराक़ची के साथ भी बातचीत की**
ईरान सरकार द्वारा शनिवार (23 मई, 2026) को जारी एक घोषणा के अनुसार, पाकिस्तानी सेना प्रमुख आसिम मुनीर ने ईरान की संसद के स्पीकर से मुलाकात करने से पहले, ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराक़ची के साथ विस्तृत बातचीत की। इन चर्चाओं का मुख्य केंद्र पश्चिम एशिया के संघर्ष से संबंधित कूटनीतिक रणनीतियाँ और क्षेत्र में व्याप्त मौजूदा स्थिति थी।
ईरान की सरकारी समाचार एजेंसी, IRNA की एक रिपोर्ट के अनुसार, आसिम मुनीर और ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराक़ची के बीच हुई मुलाकात के बाद, सरकार ने सोशल मीडिया पर एक आधिकारिक बयान जारी किया। इस बयान में, ईरान सरकार ने उल्लेख किया कि पाकिस्तानी सेना प्रमुख आसिम मुनीर ने तेहरान में अराक़ची से मुलाकात की। इस मुलाकात का उद्देश्य पश्चिम एशिया में शांति, स्थिरता और सुरक्षा को बढ़ावा देने के साथ-साथ तनाव को और अधिक बढ़ने से रोकने के लिए कूटनीतिक पहलों पर चर्चा करना था।
IRNA ने आगे बताया कि लगभग डेढ़ महीने की अवधि में पाकिस्तानी सेना प्रमुख आसिम मुनीर की तेहरान की यह दूसरी यात्रा है। बताया जा रहा है कि दोनों देशों के नेताओं के बीच यह बातचीत देर रात तक जारी रही।