ईरान की अमेरिका को खुली चेतावनी, वीडियो में कहा- होर्मुज स्ट्रेट में दखल पड़ा भारी; 170 से ज्यादा सैन्य ठिकानों पर हमलों का दावा
मध्य पूर्व में ईरान और अमेरिका के बीच तनाव लगातार गहराता जा रहा है। ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने अमेरिका को कड़ी चेतावनी देते हुए कहा है कि यदि उसने होर्मुज स्ट्रेट (Hormuz Strait) के मामलों में किसी भी तरह का हस्तक्षेप जारी रखा, तो उसे इसका करारा जवाब दिया जाएगा। ईरान का कहना है कि अमेरिकी सैन्य कार्रवाई से न केवल क्षेत्रीय सुरक्षा प्रभावित होगी, बल्कि वैश्विक अर्थव्यवस्था पर भी गंभीर असर पड़ सकता है।
ईरानी सरकारी समाचार एजेंसी IRNA के अनुसार, IRGC ने अपने बयान में कहा कि यदि अमेरिका के हमले जारी रहे तो होर्मुज स्ट्रेट में सामान्य स्थिति बहाल नहीं हो सकेगी। संगठन ने दावा किया कि इसका सीधा असर दुनिया के कई देशों पर पड़ेगा, क्योंकि यह समुद्री मार्ग वैश्विक तेल और गैस आपूर्ति के लिए बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है।IRGC ने चेतावनी दी कि क्षेत्र में तनाव बढ़ने से अंतरराष्ट्रीय व्यापार, ऊर्जा आपूर्ति और वैश्विक बाजारों में अस्थिरता पैदा हो सकती है। ईरान ने अमेरिका पर क्षेत्रीय शांति को खतरे में डालने का आरोप भी लगाया।
इस बीच, ईरान की फार्स न्यूज एजेंसी ने दावा किया है कि अमेरिका ने उत्तरी ईरान में स्थित एक रणनीतिक रेलवे पुल को क्रूज मिसाइल से निशाना बनाया। रिपोर्ट के मुताबिक, यह पुल चीन और रूस से जुड़े परिवहन नेटवर्क का महत्वपूर्ण हिस्सा माना जाता है। हालांकि, इस दावे की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो सकी है और अमेरिकी प्रशासन की ओर से इस संबंध में कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
उधर, अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने जानकारी दी है कि पिछले दो दिनों में अमेरिकी सेना ने ईरान के 170 से अधिक सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया। अमेरिकी सेना के अनुसार, इन हमलों में मिसाइलों और ड्रोन का इस्तेमाल किया गया।
CENTCOM के मुताबिक, जिन ठिकानों को निशाना बनाया गया उनमें एयर डिफेंस सिस्टम, ड्रोन और मिसाइल भंडार, सैन्य स्पीड बोट तथा होर्मुज स्ट्रेट के पास तटीय क्षेत्रों में मौजूद सैन्य प्रतिष्ठान शामिल हैं। अमेरिका का कहना है कि ये कार्रवाई उसकी सुरक्षा और क्षेत्रीय हितों की रक्षा के उद्देश्य से की गई।
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि दोनों देशों के बीच सैन्य टकराव इसी तरह बढ़ता रहा, तो इसका असर केवल मध्य पूर्व तक सीमित नहीं रहेगा। होर्मुज स्ट्रेट के जरिए दुनिया के बड़े हिस्से में कच्चे तेल की आपूर्ति होती है, इसलिए किसी भी प्रकार की अस्थिरता से वैश्विक ऊर्जा बाजार, तेल की कीमतों और अंतरराष्ट्रीय व्यापार पर व्यापक प्रभाव पड़ सकता है।
फिलहाल, दोनों देशों के बीच बयानबाजी और सैन्य गतिविधियां तेज हैं। ऐसे में अंतरराष्ट्रीय समुदाय की नजर इस बात पर है कि आने वाले दिनों में तनाव कम करने के लिए कूटनीतिक प्रयास सफल होते हैं या क्षेत्र एक बड़े सैन्य संघर्ष की ओर बढ़ता है।