Iran-US Tension: आसिम मुनीर के दौरे के बीच ईरान का बड़ा ऐलान, यूरेनियम का एक ग्राम भी बाहर नहीं भेजेगा तेहरान
ईरान और अमेरिका के बीच जारी तनाव के बीच पाकिस्तान के रक्षा बलों के प्रमुख फील्ड मार्शल आसिम मुनीर मंगलवार को ईरान पहुंचे। उनके साथ पाकिस्तान के गृह मंत्री मोहसिन नकवी भी मौजूद रहे। इस दौरे का उद्देश्य क्षेत्रीय हालात पर चर्चा करने और दोनों पक्षों के बीच तनाव कम करने के लिए कूटनीतिक प्रयासों को आगे बढ़ाना बताया जा रहा है। हालांकि, इसी बीच ईरान ने अपने परमाणु कार्यक्रम को लेकर कड़ा रुख अपनाते हुए स्पष्ट कर दिया कि वह अपने यूरेनियम का एक ग्राम भी देश से बाहर नहीं भेजेगा।
अमेरिका से बातचीत पर ईरान की सख्त शर्त
ईरानी मीडिया की रिपोर्ट के मुताबिक, तेहरान ने पाकिस्तान के सेना प्रमुख के सामने स्पष्ट किया कि जब तक उसकी मांगें पूरी नहीं होतीं, तब तक अमेरिका के साथ बातचीत आगे नहीं बढ़ेगी। ईरान का कहना है कि वॉशिंगटन को पहले उसकी शर्तों को पूरा करने के लिए ठोस कदम उठाने होंगे। इससे संकेत मिलता है कि पाकिस्तान की मध्यस्थता की कोशिशों के बावजूद दोनों देशों के बीच बातचीत का रास्ता आसान नहीं है।
आसिम मुनीर की ईरान की पांचवीं यात्रा
ईरानी सरकारी मीडिया के अनुसार, अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच फरवरी में शुरू हुए युद्ध के बाद आसिम मुनीर पांचवीं बार ईरान पहुंचे हैं। इस दौरान उनकी ईरानी अधिकारियों और विदेश मंत्री अब्बास अराघची के साथ द्विपक्षीय संबंधों, क्षेत्रीय सुरक्षा और तनाव कम करने के प्रयासों पर चर्चा होने की संभावना है।
इससे पहले अगस्त के अंत में भी मुनीर ने ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियान सहित कई वरिष्ठ नेताओं से मुलाकात की थी। वहीं, सोमवार को रूस के विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव ने भी ईरान का दौरा किया था। इस दौरान दोनों देशों ने संघर्ष के समाधान के लिए कूटनीतिक प्रयासों का समर्थन दोहराया।
ईरान ने रखीं सात शर्तें
ईरानी संसद के स्पीकर मोहम्मद बाकेर कलीबाफ ने कहा है कि अमेरिका को ईरान का भरोसा हासिल करने के लिए पहले उसकी ओर से रखी गई सात शर्तों को पूरा करना होगा। इन मांगों में स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से जुड़ा विवाद भी शामिल है।
रिपोर्ट के मुताबिक, ईरान की प्रमुख मांगों में उसके बंदरगाहों पर अमेरिकी नाकाबंदी समाप्त करना, तेल निर्यात पर लगे प्रतिबंध हटाना और क्षेत्र के सभी मोर्चों पर दुश्मनी रोकना शामिल है।
ईरान के इस रुख से साफ है कि पाकिस्तान की मध्यस्थता के बावजूद अमेरिका के साथ बातचीत शुरू करने के लिए तेहरान अपनी शर्तों पर कायम है। अब सबकी नजर इस बात पर है कि आसिम मुनीर के दौरे से तनाव कम करने की दिशा में कोई ठोस प्रगति होती है या नहीं।