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Iran Missile Alert: यूरोप से लेकर इजरायल तक निशाने पर और अमेरिकी बेस भी रेंज में, जानिए कितनी खतरनाक है नई मिसाइल

 

ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने एक नए अंडरग्राउंड मिसाइल शहर का अनावरण किया है और पूरी तरह से ऑपरेशनल मोड में एडवांस्ड बैलिस्टिक मिसाइल खोर्रमशहर-4 को दिखाया है। यह मिसाइल, जिसकी रेंज 2000 किलोमीटर और 1500 किलोग्राम का वॉरहेड है, ईरान की सैन्य क्षमताओं को काफी बढ़ाती है।

खोर्रमशहर-4 की मुख्य विशेषताएं:

रेंज: 2000 किमी – इससे मिडिल ईस्ट के कई देश, इज़राइल और यूरोप के कुछ हिस्से इसकी मारक दूरी में आ जाते हैं।
वॉरहेड: 1500 किलोग्राम – इतना भारी वॉरहेड बड़े पैमाने पर तबाही मचाने में सक्षम है।
सटीकता: लगभग 30 मीटर – इसका मतलब है कि यह बहुत सटीकता से निशाना लगा सकती है।
गति और मैन्यूवरेबिलिटी: इसमें हाइपरसोनिक गति और मैन्यूवरेबिलिटी है। इससे दुश्मन मिसाइल डिफेंस सिस्टम (जैसे इज़राइल का आयरन डोम) के लिए इसे रोकना मुश्किल हो जाता है।
भेदन क्षमता: मजबूत बंकरों और कड़े लक्ष्यों को भेदने में सक्षम।
ईंधन: लिक्विड ईंधन – पिछले वर्जन की तरह, लेकिन अब और भी एडवांस्ड।
ईरान ने इसे सक्रिय प्रतिरोध के लिए एक प्रमुख हथियार बताया है, जिसका मतलब है कि अब वह सिर्फ रक्षा के बजाय तेजी से जवाबी हमले की रणनीति अपनाएगा।

यह नया मिसाइल शहर क्या है?

IRGC ने एक नई अंडरग्राउंड सुविधा का उद्घाटन किया है, जिसे "मिसाइल शहर" कहा जा रहा है। यह पूरी तरह से ज़मीन के नीचे है। इस सुविधा से मिसाइलों का निर्माण, भंडारण और लॉन्च किया जा सकता है। ऐसी सुविधाएं दुश्मन के हवाई हमलों से सुरक्षित रहती हैं। ईरान के पास पहले से ही ऐसे कई अंडरग्राउंड ठिकाने हैं जो उसकी मिसाइल क्षमताओं को छिपाते हैं। इस अनावरण के साथ, ईरान ने एक स्पष्ट संदेश दिया है कि उसकी सैन्य तैयारियां मजबूत हैं। खोर्रमशहर सीरीज़ ईरान की पुरानी मिसाइलों का एक एडवांस्ड वर्जन है। पिछले वर्जन (खोर्रमशहर-1 से 3) की रेंज भी 2000 किमी थी। हालांकि, नई मिसाइल में सटीकता, गति और भेदन क्षमताओं में महत्वपूर्ण सुधार किए गए हैं। ईरान और इज़राइल के बीच तनाव चरम पर है।
पिछले साल, दोनों देशों ने जून में 12 दिन का युद्ध लड़ा था।
अमेरिका और ईरान के बीच परमाणु समझौते और मिसाइल कार्यक्रम को लेकर बातचीत चल रही है।
ईरान का कहना है कि उसका मिसाइल कार्यक्रम पूरी तरह से रक्षा के लिए है, लेकिन इज़राइल और अमेरिका इसे क्षेत्रीय खतरा मानते हैं। मिडिल ईस्ट में ईरान के पास सबसे बड़ा बैलिस्टिक मिसाइल जखीरा है – 2000-3000 मिसाइलें। 

क्षेत्रीय और वैश्विक असर

इज़राइल के लिए खतरा: 2000 किमी की रेंज में पूरा इज़राइल आता है। इसकी हाइपरसोनिक और मैन्यूवरेबल क्षमताओं के कारण इसे रोकना मुश्किल होगा।
अमेरिका की चिंताएँ: मिडिल ईस्ट में अमेरिकी ठिकानों को निशाना बनाया जा सकता है।
क्षेत्रीय संतुलन: सऊदी अरब और UAE जैसे देश भी अपनी रक्षा क्षमताएँ बढ़ा रहे हैं।
अंतर्राष्ट्रीय प्रतिक्रिया: अमेरिका और इज़राइल ने इसे उकसावा बताया है। UN ने ईरान के मिसाइल प्रोग्राम पर प्रतिबंध लगाए हैं, लेकिन ईरान उन्हें नहीं मानता है।

आगे क्या होगा?

यह मिसाइल ईरान की रोकथाम नीति का प्रतीक है। विशेषज्ञों का कहना है कि इससे क्षेत्र में तनाव और बढ़ सकता है। ईरान ने साफ कहा है कि किसी भी खतरे का तुरंत और कड़ा जवाब दिया जाएगा। अब दुनिया देख रही है कि अमेरिका और इज़राइल कैसे जवाब देंगे।