ईरान ने अब बाब अल-मंदेब का लिया नाम, क्या स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के बाद दुनिया की नई चिंता बनेगा यह समुद्री मार्ग?
इजरायल और लेबनान के बीच बढ़ते तनाव के बीच ईरान ने युद्धविराम को लेकर अपना रुख और सख्त कर लिया है। क्षेत्रीय घटनाक्रमों के बीच ईरानी नेताओं और उनसे जुड़े समूहों की ओर से अब स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के साथ-साथ बाब अल-मंदेब जलडमरूमध्य का भी जिक्र किया जा रहा है। इससे वैश्विक व्यापार और ऊर्जा आपूर्ति को लेकर नई चिंताएं पैदा हो गई हैं।
क्या है बाब अल-मंदेब जलडमरूमध्य?
बाब अल-मंदेब दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री मार्गों में से एक है। यह Red Sea को Gulf of Aden और आगे Indian Ocean से जोड़ता है। इस मार्ग से होकर यूरोप, एशिया और मध्य पूर्व के बीच भारी मात्रा में व्यापारिक जहाज गुजरते हैं।
विशेषज्ञों के अनुसार, यदि इस समुद्री मार्ग में बाधा आती है तो वैश्विक सप्लाई चेन, तेल परिवहन और माल ढुलाई पर बड़ा असर पड़ सकता है।
स्ट्रेट ऑफ होर्मुज और बाब अल-मंदेब में क्या अंतर है?
Strait of Hormuz पर ईरान का भौगोलिक प्रभाव काफी अधिक माना जाता है क्योंकि यह उसके तट के बेहद करीब स्थित है। दुनिया के बड़े हिस्से का तेल निर्यात इसी मार्ग से गुजरता है।
वहीं बाब अल-मंदेब पर स्थिति अलग है। यह जलडमरूमध्य Yemen, Djibouti और Eritrea के बीच स्थित है। यहां ईरान का सीधा नियंत्रण नहीं है, हालांकि यमन के हूती विद्रोहियों के साथ उसके करीबी संबंधों की चर्चा होती रही है।
क्या यहां भी ईरान की चलेगी?
विशेषज्ञों का मानना है कि बाब अल-मंदेब में ईरान की स्थिति स्ट्रेट ऑफ होर्मुज जैसी मजबूत नहीं है। इस क्षेत्र में कई अंतरराष्ट्रीय नौसैनिक बल सक्रिय रहते हैं और वैश्विक शक्तियां इस समुद्री मार्ग की सुरक्षा को अत्यधिक महत्व देती हैं।
हालांकि, यदि क्षेत्रीय संघर्ष बढ़ता है और जहाजों पर हमले या सुरक्षा खतरे बढ़ते हैं, तो वैश्विक व्यापार पर असर पड़ सकता है। लेकिन बाब अल-मंदेब को पूरी तरह बाधित करना या उस पर एकतरफा दबदबा कायम करना किसी भी पक्ष के लिए आसान नहीं माना जाता।
दुनिया क्यों है चिंतित?
- वैश्विक व्यापार का बड़ा हिस्सा इस मार्ग से गुजरता है।
- यूरोप और एशिया के बीच समुद्री परिवहन के लिए यह महत्वपूर्ण कड़ी है।
- तेल और गैस की आपूर्ति प्रभावित होने पर अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमतें बढ़ सकती हैं।
- क्षेत्रीय संघर्ष के विस्तार का खतरा बढ़ सकता है।