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ईरान ने अमेरिका के खिलाफ संयुक्त राष्ट्र में दर्ज कराई शिकायत, वीडियो में देंखे जहाजों की जब्ती को बताया “समुद्री डकैती”

 

ईरान और अमेरिका के बीच तनाव एक बार फिर अंतरराष्ट्रीय मंच पर पहुंच गया है। ईरान ने संयुक्त राष्ट्र में अमेरिका के खिलाफ औपचारिक शिकायत दर्ज कराते हुए गंभीर आरोप लगाए हैं। इस शिकायत में ईरान ने अमेरिका पर उसके तेल जहाजों को अवैध रूप से जब्त करने और अंतरराष्ट्रीय कानूनों का उल्लंघन करने का आरोप लगाया है।तेहरान टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार, ईरान ने संयुक्त राष्ट्र को भेजे गए एक पत्र में दावा किया है कि अमेरिका ने ईरानी तेल परिवहन से जुड़े दो जहाजों—“मैजेस्टिक” और “टिफनी”—को अपने कब्जे में ले लिया है। ईरान का कहना है कि यह कार्रवाई पूरी तरह से गैरकानूनी है और इसे अंतरराष्ट्रीय समुद्री कानूनों का उल्लंघन माना जाना चाहिए।

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संयुक्त राष्ट्र में ईरान के राजदूत अमीर सईद इरावानी ने अपने पत्र में आरोप लगाया कि अमेरिका ने न केवल जहाजों को जब्त किया, बल्कि लगभग 38 लाख बैरल ईरानी कच्चे तेल को भी अपने नियंत्रण में ले लिया। ईरान के अनुसार यह कदम केवल व्यापारिक हस्तक्षेप नहीं है, बल्कि इसे “समुद्री डकैती” की श्रेणी में रखा जाना चाहिए।ईरानी पक्ष का कहना है कि अमेरिका की यह कार्रवाई संयुक्त राष्ट्र चार्टर, अंतरराष्ट्रीय व्यापार नियमों और समुद्र से संबंधित वैश्विक कानूनों का स्पष्ट उल्लंघन है। पत्र में यह भी कहा गया है कि किसी भी देश को अंतरराष्ट्रीय जलमार्गों में इस प्रकार की एकतरफा कार्रवाई का अधिकार नहीं है, क्योंकि इससे वैश्विक व्यापार व्यवस्था और समुद्री सुरक्षा पर गंभीर असर पड़ सकता है।

ईरान ने अपने आरोपों में यह भी उल्लेख किया है कि अमेरिका लंबे समय से ईरानी तेल व्यापार पर प्रतिबंध और दबाव की नीति अपनाए हुए है। ईरान के अनुसार यह ताजा घटना उसी नीति का हिस्सा है, जो अंतरराष्ट्रीय कानूनों और देशों की संप्रभुता के सिद्धांतों के खिलाफ है।इसके साथ ही ईरान ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद से इस मामले में हस्तक्षेप करने की मांग की है। ईरान ने परिषद से आग्रह किया है कि वह अमेरिका की इस कार्रवाई की कड़ी निंदा करे और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए ठोस कदम उठाए। ईरान का कहना है कि यदि इस प्रकार की घटनाओं पर रोक नहीं लगाई गई तो यह वैश्विक समुद्री व्यापार व्यवस्था के लिए खतरा बन सकता है।

दूसरी ओर, इस मामले पर अमेरिका की ओर से अब तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। अंतरराष्ट्रीय समुदाय भी इस शिकायत पर नजर बनाए हुए है, क्योंकि यह मामला पहले से चले आ रहे ईरान-अमेरिका तनाव को और बढ़ा सकता है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि यह विवाद आगे बढ़ता है तो इसका असर वैश्विक तेल बाजार और अंतरराष्ट्रीय कूटनीति पर भी पड़ सकता है। संयुक्त राष्ट्र में अब इस मुद्दे पर आगे क्या रुख अपनाया जाता है, यह आने वाले दिनों में स्पष्ट होगा।