चीन की बढ़ती चुनौती के बीच भारत-जापान की बड़ी बैठक, राजनाथ-कोइजुमी करेंगे रक्षा सहयोग पर मंथन
भारत और जापान के बीच रक्षा सहयोग और गहरा होने वाला है। जापान के रक्षा मंत्री शिंजिरो कोइज़ुमी 20 अगस्त को नई दिल्ली में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह से मुलाकात करेंगे। इस दौरान रक्षा उपकरणों, सैन्य तकनीक, ड्रोन और समुद्री सुरक्षा में सहयोग पर चर्चा होने की उम्मीद है। रक्षा मंत्रालय के सूत्रों के मुताबिक, कोइज़ुमी 19 अगस्त को मुंबई पहुंचेंगे और दिल्ली रवाना होने से पहले भारतीय नौसेना बेस का दौरा करेंगे। अक्टूबर में रक्षा मंत्री का पद संभालने के बाद भारत का यह उनका पहला दौरा होगा।
**एजेंडा में क्या है?**
चर्चा का मुख्य विषय जापान की भारत को UNICORN स्टील्थ कम्युनिकेशन सिस्टम निर्यात करने की योजना होगी। यह युद्धपोतों के लिए बनाया गया एक एडवांस्ड कम्युनिकेशन एंटीना सिस्टम है। हाल ही में, दोनों देशों ने UNICORN नेवल रेडियो एंटीना सिस्टम के संयुक्त विकास के लिए एक शुरुआती समझौते पर हस्ताक्षर किए हैं। इसके अलावा, वे ड्रोन के संयुक्त विकास, समुद्री सुरक्षा और इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में बेहतर रक्षा सहयोग पर चर्चा करेंगे। जापान पहली बार भारत में अपने F-2 फाइटर जेट्स को तैनात करने की योजनाओं पर भी चर्चा कर सकता है।
**अमेरिका पर निर्भरता कम करने की कोशिशें**
कोइज़ुमी का भारत और ऑस्ट्रेलिया का दौरा जापान की रक्षा रणनीति में एक बड़े बदलाव का संकेत है। अपनी रक्षा क्षमताओं को मजबूत करने के लिए, जापान अमेरिका पर अपनी निर्भरता से आगे बढ़कर ऑस्ट्रेलिया और भारत के साथ रक्षा-औद्योगिक संबंध गहरे करना चाहता है। जानकारों का कहना है कि मध्य पूर्व में लंबे समय से चल रहे संघर्षों और यूक्रेन युद्ध ने अमेरिका और उसके सहयोगियों के हथियारों और गोला-बारूद के भंडार पर दबाव डाला है। नतीजतन, जापान भारत और ऑस्ट्रेलिया के साथ रक्षा उत्पादन और तकनीकी सहयोग बढ़ाने पर जोर दे रहा है। कोइज़ुमी इस सप्ताह इन दो देशों के तीन दिवसीय दौरे पर रवाना होंगे। ऑस्ट्रेलिया में, वह ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड के रक्षा मंत्रियों के साथ एक त्रिपक्षीय बैठक में भाग लेंगे, जहां न्यूजीलैंड को जापान के अपग्रेडेड मोगामी-क्लास फ्रिगेट के संभावित निर्यात पर चर्चा की जाएगी।
**'2+2' वार्ता की तैयारी**
इससे पहले, 13 जुलाई को टोक्यो में 8वीं भारत-जापान रक्षा नीति वार्ता आयोजित की गई थी। बैठक के दौरान साइबर सुरक्षा, अंतरिक्ष और एडवांस्ड सैन्य तकनीक में सहयोग की समीक्षा की गई। राजनाथ सिंह और कोइज़ुमी के बीच बैठक इस साल के अंत में होने वाली भारत-जापान 2+2 वार्ता का रास्ता भी साफ करेगी। दोनों देशों का लक्ष्य एक स्वतंत्र, खुले और नियमों पर आधारित हिंद-प्रशांत क्षेत्र को मजबूत करना है।