होर्मुज स्ट्रेट में जहाजों पर हमले से भारत सख्त, ईरानी दूतावास के अधिकारी को किया तलब; वीडियो में जाने एक भारतीय नाविक की मौत
होर्मुज स्ट्रेट में मंगलवार सुबह दो व्यापारिक जहाजों पर हुए हमलों को लेकर भारत ने कड़ा रुख अपनाया है। विदेश मंत्रालय ने इस घटना पर कड़ी आपत्ति जताते हुए नई दिल्ली स्थित ईरानी दूतावास के डिप्टी चीफ ऑफ मिशन (उप प्रमुख) को तलब किया और भारत का विरोध दर्ज कराया। भारत ने स्पष्ट किया है कि अंतरराष्ट्रीय समुद्री मार्गों पर इस तरह के हमले किसी भी स्थिति में स्वीकार्य नहीं हैं और इन्हें तुरंत रोका जाना चाहिए।
विदेश मंत्रालय के अनुसार, हमले का शिकार हुए दोनों व्यापारिक जहाजों पर कुल 30 भारतीय नाविक सवार थे। इस घटना में एक भारतीय नागरिक की मौत हो गई, जबकि 10 अन्य नाविक घायल हुए हैं। भारत सरकार ने मृतक भारतीय नाविक के परिवार के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की है और घायलों के जल्द स्वस्थ होने की कामना की है।
अंतरराष्ट्रीय समुद्री सुरक्षा पर भारत की चिंता
विदेश मंत्रालय ने कहा कि होर्मुज स्ट्रेट दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री व्यापार मार्गों में से एक है। यहां किसी भी तरह की हिंसक गतिविधि का सीधा असर वैश्विक व्यापार और ऊर्जा आपूर्ति पर पड़ सकता है। भारत ने इस बात पर जोर दिया कि अंतरराष्ट्रीय समुद्री मार्गों पर जहाजों की सुरक्षित आवाजाही हर हाल में सुनिश्चित की जानी चाहिए।मंत्रालय ने कहा कि समुद्री रास्तों पर हमले न केवल संबंधित देशों के लिए चिंता का विषय हैं, बल्कि पूरी अंतरराष्ट्रीय बिरादरी के लिए गंभीर चुनौती हैं। भारत ने सभी पक्षों से संयम बरतने और ऐसी गतिविधियों से दूर रहने की अपील की है, जिससे क्षेत्र में तनाव और बढ़ सकता है।
पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव पर भारत की नजर
भारत ने पश्चिम एशिया में लगातार बढ़ रहे तनाव को लेकर चिंता जताई है। विदेश मंत्रालय ने कहा कि क्षेत्र में शांति और स्थिरता बनाए रखना बेहद जरूरी है। भारत ने सभी संबंधित पक्षों से हिंसा का रास्ता छोड़कर बातचीत और कूटनीति के माध्यम से विवादों का समाधान निकालने की अपील की है।मंत्रालय ने दोहराया कि भारत हमेशा क्षेत्रीय शांति, स्थिरता और अंतरराष्ट्रीय नियमों के पालन का समर्थन करता रहा है। भारत का कहना है कि किसी भी संघर्ष का सबसे ज्यादा नुकसान आम नागरिकों और निर्दोष लोगों को उठाना पड़ता है।
भारतीय नाविकों की सुरक्षा बनी प्राथमिकता
होर्मुज स्ट्रेट में हुए हमले के बाद भारत सरकार लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए है। सरकार ने प्रभावित भारतीय नाविकों की सुरक्षा और सहायता को प्राथमिकता दी है। अधिकारियों के मुताबिक, घायल नाविकों को आवश्यक चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराई जा रही है।भारत ने कहा कि समुद्री व्यापार में भारतीय नागरिकों की बड़ी भूमिका है और उनकी सुरक्षा सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। विदेश मंत्रालय ने उम्मीद जताई कि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए अंतरराष्ट्रीय समुदाय प्रभावी कदम उठाएगा।
होर्मुज स्ट्रेट में हुई इस घटना ने एक बार फिर पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और समुद्री सुरक्षा को लेकर वैश्विक चिंता बढ़ा दी है। भारत ने साफ कर दिया है कि अंतरराष्ट्रीय समुद्री मार्गों की सुरक्षा और व्यापारिक गतिविधियों की निरंतरता के लिए हर संभव प्रयास किए जाने चाहिए।