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गिलगित-बाल्टिस्तान चुनाव पर भारत का कड़ा ऐतराज: ‘वीडियो में जाने अवैध कब्जे वाले क्षेत्र में मतदान अस्वीकार्य’

 

भारत ने पाकिस्तान के कब्जे वाले गिलगित-बाल्टिस्तान में 7 जून को प्रस्तावित विधानसभा चुनावों का कड़ा विरोध जताया है। विदेश मंत्रालय ने शुक्रवार को जारी एक बयान में कहा कि जिस क्षेत्र पर पाकिस्तान अवैध और जबरन कब्जा किए हुए है, वहां चुनाव कराने की उसकी योजना पूरी तरह अस्वीकार्य है।विदेश मंत्रालय ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि पूरा जम्मू-कश्मीर और लद्दाख, जिसमें Gilgit-Baltistan भी शामिल है, भारत का अभिन्न और अविभाज्य हिस्सा है। ऐसे में पाकिस्तान को इन क्षेत्रों में किसी भी प्रकार की राजनीतिक या प्रशासनिक प्रक्रिया चलाने का कोई अधिकार नहीं है।

भारत ने दोहराया अपना पुराना रुख

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बयान में कहा गया कि पाकिस्तान द्वारा चुनाव कराने जैसी गतिविधियां जमीनी हकीकत को नहीं बदल सकतीं। भारत का रुख हमेशा से स्पष्ट रहा है कि पाकिस्तान को उन सभी क्षेत्रों को खाली करना चाहिए, जिन पर उसने अवैध रूप से कब्जा कर रखा है।विदेश मंत्रालय ने यह भी कहा कि तथाकथित चुनाव या राजनीतिक प्रक्रियाएं क्षेत्र की कानूनी स्थिति को प्रभावित नहीं कर सकतीं और न ही वे भारत के संप्रभु अधिकारों को चुनौती दे सकती हैं।

7 जून को प्रस्तावित हैं चुनाव

पाकिस्तान प्रशासन की ओर से गिलगित-बाल्टिस्तान में 7 जून को विधानसभा चुनाव कराए जाने की तैयारी की गई है। इसी को लेकर भारत ने औपचारिक आपत्ति दर्ज कराते हुए अंतरराष्ट्रीय समुदाय के सामने अपना पक्ष दोहराया है।भारत का कहना है कि पाकिस्तान लगातार ऐसे कदम उठाकर कब्जे वाले क्षेत्रों में अपनी प्रशासनिक पकड़ मजबूत करने की कोशिश करता रहा है, लेकिन इससे क्षेत्र की वास्तविक स्थिति में कोई बदलाव नहीं आता।

जम्मू-कश्मीर और लद्दाख पर भारत का दावा

भारत लंबे समय से यह कहता रहा है कि Jammu and Kashmir और Ladakh के साथ गिलगित-बाल्टिस्तान भी भारत का अभिन्न हिस्सा है। नई दिल्ली का मानना है कि इन क्षेत्रों पर पाकिस्तान का नियंत्रण अवैध है और वहां की किसी भी राजनीतिक प्रक्रिया को वैधता नहीं दी जा सकती।विदेश मंत्रालय के ताजा बयान को भारत की उसी स्थायी नीति का हिस्सा माना जा रहा है, जिसके तहत वह पाकिस्तान अधिकृत क्षेत्रों में होने वाली राजनीतिक गतिविधियों का लगातार विरोध करता रहा है।

क्षेत्रीय मुद्दे पर फिर बढ़ी कूटनीतिक सक्रियता

गिलगित-बाल्टिस्तान चुनावों को लेकर भारत की कड़ी प्रतिक्रिया ऐसे समय आई है जब दोनों देशों के बीच कई संवेदनशील मुद्दों पर पहले से ही मतभेद बने हुए हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि इस मुद्दे पर आने वाले दिनों में कूटनीतिक स्तर पर बयानबाजी और तेज हो सकती है।फिलहाल भारत ने साफ कर दिया है कि गिलगित-बाल्टिस्तान में चुनाव कराने की पाकिस्तान की पहल को वह किसी भी रूप में स्वीकार नहीं करता और इसे अपने संप्रभु अधिकारों का उल्लंघन मानता है।