नेपाल जाने वाले विदेशी पर्यटकों में भारत पिछड़ा, अमेरिका बना नंबर-1; वीडियो में जाने अक्टूबर में भारतीय पर्यटकों की संख्या 30% घटी
नेपाल में विदेशी पर्यटकों को लेकर बड़ा बदलाव देखने को मिला है। लंबे समय से नेपाल में सबसे ज्यादा पर्यटक भारत से पहुंचते रहे हैं, लेकिन अक्टूबर 2026 में अमेरिका ने भारत को पीछे छोड़ दिया। नेपाल के इतिहास में पहली बार अमेरिका सबसे ज्यादा पर्यटक भेजने वाला देश बन गया है। अक्टूबर में अमेरिका से 17,437 पर्यटक नेपाल पहुंचे, जबकि भारत से आने वाले पर्यटकों की संख्या घटकर 12,097 रह गई। चीन 11,695 पर्यटकों के साथ तीसरे स्थान पर रहा।नेपाल पर्यटन बोर्ड के एक अधिकारी ने काठमांडू पोस्ट को बताया कि यह पहली बार है जब अमेरिका ने भारत को पीछे छोड़कर नेपाल में पर्यटकों की संख्या के मामले में पहला स्थान हासिल किया है। पर्यटन क्षेत्र के लिए इसे एक बड़ा बदलाव माना जा रहा है, क्योंकि भारत पारंपरिक रूप से नेपाल का सबसे बड़ा पर्यटन बाजार रहा है।
भारत से आने वाले पर्यटकों की संख्या में 30% गिरावट
नेपाल पर्यटन बोर्ड के आंकड़ों के मुताबिक, अक्टूबर 2025 में भारत से 17,298 पर्यटक नेपाल पहुंचे थे। वहीं, अक्टूबर 2026 में यह संख्या घटकर 12,097 रह गई। इस तरह पिछले साल के मुकाबले भारतीय पर्यटकों की संख्या में करीब 30 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई है।दूसरी ओर, अमेरिका से अक्टूबर में 17,437 पर्यटक नेपाल पहुंचे। इस आंकड़े के साथ अमेरिका पहले स्थान पर रहा। चीन से 11,695 पर्यटक नेपाल पहुंचे और वह तीसरे स्थान पर रहा।इन आंकड़ों से साफ है कि अक्टूबर महीने में नेपाल आने वाले पर्यटकों के प्रमुख स्रोत देशों की सूची में बदलाव हुआ है। अमेरिका ने पहली बार भारत को पीछे छोड़ दिया है।
बाढ़ और भूस्खलन से प्रभावित हुई भारतीय पर्यटकों की यात्रा
नेपाल में भारतीय पर्यटकों की संख्या घटने की एक बड़ी वजह अगस्त में आई बाढ़ और भूस्खलन को माना जा रहा है। प्राकृतिक आपदा के कारण नेपाल के कई इलाकों में सड़कें और यात्रा मार्ग क्षतिग्रस्त हो गए थे। इससे भारत से नेपाल जाने वाले यात्रियों की आवाजाही प्रभावित हुई।खासकर धार्मिक यात्रा पर जाने वाले भारतीय श्रद्धालुओं को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा। कई महत्वपूर्ण रास्ते बाधित होने के कारण यात्रा करना मुश्किल हो गया था। इसका असर पर्यटन गतिविधियों पर भी पड़ा।
कैलाश मानसरोवर यात्रा पर भी पड़ा असर
बाढ़ और भूस्खलन का प्रभाव कैलाश मानसरोवर जाने वाले भारतीय तीर्थयात्रियों पर भी देखने को मिला। नेपाल के रास्तों से यात्रा करने वाले श्रद्धालुओं को सड़कें टूटने और आवाजाही बाधित होने के कारण परेशानी हुई।कैलाश मानसरोवर यात्रा भारतीय श्रद्धालुओं के लिए धार्मिक और आध्यात्मिक दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण है। इस यात्रा के दौरान नेपाल के कई मार्गों का इस्तेमाल किया जाता है। ऐसे में प्राकृतिक आपदा के कारण रास्ते प्रभावित होने से यात्रियों की योजनाओं पर असर पड़ा।
नेपाल पर्यटन के लिए बदल रहे समीकरण
भारत और नेपाल के बीच भौगोलिक, सांस्कृतिक और धार्मिक संबंध काफी पुराने हैं। दोनों देशों के नागरिकों के बीच आवाजाही भी आसान रही है। यही वजह है कि भारत लंबे समय से नेपाल के पर्यटन उद्योग के लिए सबसे महत्वपूर्ण बाजारों में शामिल रहा है।हालांकि, अक्टूबर 2026 के आंकड़े बताते हैं कि इस बार अमेरिकी पर्यटकों की संख्या भारतीय पर्यटकों से अधिक रही। पर्यटन विशेषज्ञों के लिए यह बदलाव महत्वपूर्ण है। आने वाले महीनों में भारतीय पर्यटकों की संख्या में सुधार होता है या अमेरिका अपनी बढ़त बनाए रखता है, इस पर नेपाल के पर्यटन उद्योग की नजर रहेगी।