India-Canada Trade Deal: दिसंबर में कनाडा जाएंगे PM मोदी, व्यापार समझौते पर बढ़ेगी बातचीत; रिश्तों में सुधार की उम्मीद
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 11 और 12 दिसंबर को कनाडा दौरे पर जाने की जानकारी सामने आई है। इस यात्रा के दौरान भारत और कनाडा के बीच व्यापारिक संबंधों को मजबूत करने और व्यापक आर्थिक साझेदारी समझौते (CEPA) पर बातचीत आगे बढ़ाने पर जोर रहने की उम्मीद है। दोनों देशों के बीच व्यापार समझौते पर हस्ताक्षर होने की संभावना भी जताई जा रही है, हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि जरूरी होगी।
भारत और कनाडा का लक्ष्य वर्ष 2030 तक द्विपक्षीय व्यापार को बढ़ाकर सालाना करीब 7 लाख करोड़ रुपये तक पहुंचाना है। फिलहाल दोनों देशों के बीच व्यापार लगभग 3 लाख करोड़ रुपये बताया जा रहा है। ऐसे में प्रस्तावित दौरे को आर्थिक रिश्तों के लिहाज से अहम माना जा रहा है।
PM मोदी और मार्क कार्नी के बीच फोन पर बातचीत
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी के बीच हाल ही में फोन पर बातचीत हुई। मोदी ने बातचीत को सकारात्मक बताया। दोनों नेताओं ने व्यापार, ऊर्जा, तकनीक, सुरक्षा और दोनों देशों के नागरिकों के बीच संपर्क बढ़ाने जैसे मुद्दों पर चर्चा की।
कनाडा के प्रधानमंत्री कार्यालय के मुताबिक, दोनों पक्ष भारत-कनाडा व्यापार समझौते पर चल रही बातचीत को जल्द पूरा करने के पक्ष में हैं। बातचीत के दौरान हिंद-प्रशांत क्षेत्र की स्थिति पर भी चर्चा हुई। कनाडा के प्रधानमंत्री ने रूस-यूक्रेन युद्ध के शांतिपूर्ण समाधान की दिशा में किए जा रहे प्रयासों के लिए भी मोदी की सराहना की।
अमेरिका के साथ तनाव के बीच कनाडा नए बाजारों की तलाश में
भारत और कनाडा के बीच व्यापारिक बातचीत ऐसे समय में आगे बढ़ रही है, जब कनाडा और अमेरिका के बीच व्यापार और टैरिफ को लेकर तनाव की स्थिति बनी हुई है। अमेरिकी टैरिफ नीतियों के बीच कनाडा अपने व्यापारिक संबंधों में विविधता लाने और नए बाजारों तक पहुंच बढ़ाने की कोशिश कर रहा है।
भारत कनाडा के लिए एक बड़ा संभावित बाजार है। वहीं, कनाडा से भारत को ऊर्जा, खनिज, कृषि और अन्य क्षेत्रों में व्यापारिक सहयोग के अवसर मिल सकते हैं। हालांकि, किसी भी समझौते का वास्तविक प्रभाव उसकी शर्तों और लागू होने के बाद होने वाले कारोबार पर निर्भर करेगा।
निज्जर हत्याकांड के बाद बिगड़े थे दोनों देशों के रिश्ते
भारत और कनाडा के संबंधों में वर्ष 2023 में खालिस्तानी आतंकवादी हरदीप सिंह निज्जर की हत्या के बाद तनाव बढ़ गया था। उस समय कनाडा के तत्कालीन प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो ने हत्या में भारतीय एजेंटों की संभावित भूमिका को लेकर आरोप लगाए थे। भारत ने इन आरोपों को खारिज किया था।
इसके बाद वर्ष 2024 में दोनों देशों के बीच राजनयिक तनाव और बढ़ गया। कनाडा की ओर से भारतीय राजनयिकों पर गंभीर आरोप लगाए गए, जबकि कनाडा ने छह भारतीय राजनयिकों को देश छोड़ने के लिए कहा। भारत ने भी जवाबी कार्रवाई करते हुए छह कनाडाई राजनयिकों को वापस जाने के लिए कहा।
इन घटनाओं के बाद दोनों देशों के संबंध प्रभावित हुए। अब मार्क कार्नी के नेतृत्व में व्यापार और अन्य क्षेत्रों में संवाद बढ़ाने की कोशिशों को रिश्तों में सुधार की दिशा में एक कदम माना जा रहा है।
दिसंबर में तीन देशों की यात्रा का कार्यक्रम
उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, प्रधानमंत्री मोदी के दिसंबर में कनाडा के अलावा अमेरिका और बेल्जियम जाने का कार्यक्रम भी प्रस्तावित है। इन यात्राओं के दौरान व्यापार और अंतरराष्ट्रीय सहयोग से जुड़े मुद्दों पर चर्चा हो सकती है।
- 11-12 दिसंबर, कनाडा: टोरंटो और ओटावा की यात्रा के दौरान भारत-कनाडा व्यापारिक संबंधों और CEPA पर बातचीत होने की उम्मीद है।
- 13-15 दिसंबर, अमेरिका: फ्लोरिडा में G20 शिखर सम्मेलन में शामिल होने का कार्यक्रम बताया गया है।
- 16-17 दिसंबर, बेल्जियम: ब्रसेल्स में भारत और यूरोपीय संघ के बीच व्यापार समझौते से जुड़े मुद्दों पर चर्चा संभव है।
हालांकि, उपलब्ध विवरण के अनुसार, अमेरिका और बेल्जियम की यात्राओं के कार्यक्रमों की आधिकारिक घोषणा बाकी है।
भारत-कनाडा व्यापार समझौते पर क्यों है नजर?
भारत और कनाडा के बीच प्रस्तावित CEPA समझौता व्यापारिक बाधाएं कम करने, निवेश को बढ़ावा देने और दोनों देशों की कंपनियों के लिए बाजार तक पहुंच आसान बनाने में मदद कर सकता है। यदि समझौते पर सहमति बनती है, तो ऊर्जा, तकनीक, कृषि और अन्य क्षेत्रों में सहयोग के नए अवसर खुल सकते हैं।
फिलहाल सबसे अहम सवाल यह है कि दोनों देश बातचीत को कितनी जल्दी अंतिम रूप देते हैं और क्या दिसंबर के दौरे के दौरान समझौते पर हस्ताक्षर हो पाते हैं। इसकी पुष्टि के लिए भारत और कनाडा सरकार की आधिकारिक घोषणाओं पर नजर रखना जरूरी है।