×

भारत ने फ्रांस से 114 राफेल विमानों की खरीद की मंजूरी दी, वीडियो में जानें फ्रेंच प्रेसिडेंट मैक्रों के भारत आने पर हो सकता है सौदा

 

भारत की रक्षा अधिग्रहण परिषद (Defence Acquisition Council) ने गुरुवार को फ्रांस से 114 राफेल लड़ाकू विमान खरीदने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। इस महत्वाकांक्षी सौदे की अनुमानित कीमत करीब 3.25 लाख करोड़ रुपए बताई जा रही है। अब यह प्रस्ताव अंतिम मंजूरी के लिए कैबिनेट कमेटी ऑन सिक्योरिटी (CCS) के पास भेजा जाएगा।

<a style="border: 0px; overflow: hidden" href=https://youtube.com/embed/ArEO64OA1Uw?autoplay=1&mute=1><img src=https://img.youtube.com/vi/ArEO64OA1Uw/hqdefault.jpg alt=""><span><div class="youtube_play"></div></span></a>" style="border: 0px; overflow: hidden;" width="640">

सूत्रों के अनुसार, यह सौदा फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों के भारत दौरे के दौरान फाइनल किया जा सकता है। मैक्रों 17 से 20 फरवरी तक तीन दिवसीय यात्रा पर भारत आएंगे। इस दौरे के दौरान रक्षा और सुरक्षा सहयोग को और भी मजबूत करने की संभावना जताई जा रही है।

प्रस्ताव को पहले ही 16 जनवरी को रक्षा खरीद बोर्ड से मंजूरी मिल चुकी थी। रक्षा मंत्रालय ने बताया कि नए राफेल विमानों की खरीद से भारतीय वायुसेना की लड़ाकू क्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि होगी और विशेष रूप से बॉर्डर एरिया और एयर डिफेंस के संचालन में मजबूती आएगी। नए विमानों के शामिल होने से देश की हवाई सुरक्षा नेटवर्क और सीमावर्ती क्षेत्रों में तैनाती की क्षमता और भी प्रभावी होगी।

रक्षा मंत्रालय के अधिकारियों ने बताया कि रक्षा अधिग्रहण परिषद की बैठक में केवल राफेल विमानों ही नहीं बल्कि अन्य महत्वपूर्ण रक्षा परियोजनाओं पर भी चर्चा की गई। केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता वाली परिषद ने कॉम्बैट मिसाइलों और एयर-शिप बेस्ड हाई एल्टीट्यूड स्यूडो सैटेलाइट्स के प्रस्ताव को भी मंजूरी दी। इन सभी सौदों की कुल अनुमानित कीमत लगभग 3.60 लाख करोड़ रुपए है।

विशेषज्ञों का मानना है कि इस बड़े पैमाने पर हथियार और विमान खरीद का उद्देश्य केवल वायु सेना की ताकत बढ़ाना ही नहीं है, बल्कि आधुनिक युद्ध की तकनीकी तैयारी में भारत को और सक्षम बनाना भी है। इन नए राफेल विमानों में उच्च तकनीकी सेंसर, एडवांस राडार सिस्टम और बेहतर हथियार क्षमताओं की सुविधा होगी, जिससे सीमाओं पर सुरक्षा और जवाबी कार्रवाई की क्षमता बढ़ेगी।

साथ ही, फ्रांस से हुए इस सौदे से दोनों देशों के बीच रक्षा सहयोग और रणनीतिक साझेदारी को भी मजबूती मिलेगी। पिछले कुछ वर्षों में भारत और फ्रांस के बीच रक्षा तकनीक, विमानन और मिसाइल प्रौद्योगिकी में सहयोग लगातार बढ़ रहा है।

रक्षा मंत्रालय ने कहा कि यह निवेश सिर्फ वायुसेना के लिए ही नहीं बल्कि पूरे भारतीय सशस्त्र बलों की सामरिक ताकत बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। इससे देश की राष्ट्रीय सुरक्षा, बॉर्डर सुरक्षा और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर हवाई श्रेष्ठता में वृद्धि होगी।

इस प्रकार, राफेल विमानों की खरीद और अन्य मिसाइल एवं सैटेलाइट प्रोजेक्ट्स के साथ भारत ने अपनी रक्षा और सुरक्षा क्षमता को नए स्तर पर पहुंचाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाया है। उम्मीद जताई जा रही है कि मैक्रों के दौरे के दौरान यह सौदा औपचारिक रूप से फाइनल हो जाएगा और दोनों देशों के बीच रक्षा सहयोग और भी व्यापक होगा।