जापान में AI पुलिस चीफ Aieko बनी नई सुरक्षा ढाल, ठगों की बढ़ी परेशानी, जानें कैसे कर रही है निगरानी
पूरी दुनिया टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में तेज़ी से आगे बढ़ रही है। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) लोगों की ज़िंदगी का हिस्सा बन रहा है और कई AI टूल्स कामों को आसान बना रहे हैं। इसके अलावा, AI की मदद से ऐसे रोबोट बनाए जा रहे हैं जो कई तरह के काम कर सकते हैं। इसी सिलसिले में, जापान ने लोगों को धोखेबाज़ों से बचाने के लिए एक नया AI पुलिस चीफ़ पेश किया है। आइए जानते हैं कि यह नया AI पुलिस चीफ़ कैसे काम करता है।
**जापान की नई पहल**
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस AI पुलिस चीफ़ का नाम 'आइको' (Aiko) रखा गया है। इस डिजिटल अवतार को कागावा यूनिवर्सिटी के साइबर सिक्योरिटी सेंटर में विज़िटिंग प्रोफ़ेसर तोशिनोरी हिरानो ने बनाया है। हिरानो पहले ओसाका पुलिस को साइबर सिक्योरिटी से जुड़े मामलों पर सलाह दे चुके हैं। उनका मानना है कि एडवांस्ड टेक्नोलॉजी से लोगों तक सुरक्षा से जुड़ी जानकारी ज़्यादा असरदार तरीके से पहुंचाई जा सकती है।
**धोखाधड़ी के लिए टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल**
ध्यान देने वाली बात यह है कि पहले धोखाधड़ी ज़्यादातर आमने-सामने की बातचीत से होती थी, लेकिन टेक्नोलॉजी में तरक्की के साथ स्कैमर्स ने लोगों को ठगने के नए तरीके अपना लिए हैं। साइबर धोखेबाज़ अब लोगों को निशाना बनाने के लिए टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल कर रहे हैं। वे अक्सर "डिजिटल अरेस्ट" करने के लिए ऑनलाइन वीडियो प्लेटफ़ॉर्म का इस्तेमाल करते हैं या लोगों को डराने और धोखा देने के लिए AI से बने वीडियो का सहारा लेते हैं।
**जन-जागरूकता**
आइको ने ओसाका पुलिस के ऑफ़िशियल YouTube चैनल के ज़रिए लोगों में जागरूकता फैलाना शुरू कर दिया है। चैनल पर "चीफ़ आइको की क्राइम प्रिवेंशन क्लास" नाम का एक वीडियो अपलोड किया गया है, जिसमें वह बताती हैं कि ऑनलाइन धोखाधड़ी से कैसे बचा जाए। वीडियो में, AI पुलिस चीफ़ उन तरीकों के बारे में विस्तार से बताती हैं जिनका इस्तेमाल स्कैमर्स पीड़ितों को निशाना बनाने के लिए करते हैं। इसके अलावा, इस वीडियो में आइको इस बात के बारे में भी जागरूकता फैलाती हैं कि असली पुलिस अफ़सर कभी भी ऑनलाइन वीडियो के ज़रिए अपनी पहचान ज़ाहिर नहीं करेगा और न ही गिरफ़्तारी का वारंट दिखाएगा। साथ ही, पुलिस कभी भी लोगों से ऐसे प्लेटफ़ॉर्म के ज़रिए पेमेंट ट्रांसफ़र करने के लिए नहीं कहेगी। ये सब साइबर धोखेबाज़ों के लोगों को अपने जाल में फंसाने के तरीके हैं।
**नए स्कैम के बारे में लोगों को चेतावनी**
ओसाका पुलिस का कहना है कि आइको की वीडियो सीरीज़ को भविष्य में भी अपडेट किया जाता रहेगा। जैसे-जैसे साइबर अपराधी नए तरीके अपनाएंगे, आइको इन नए खतरों के बारे में लोगों को जागरूक करती रहेगी। पुलिस को उम्मीद है कि AI टेक्नोलॉजी के इस्तेमाल से ऑनलाइन धोखाधड़ी के मामलों को कम करने और लोगों को समय पर चेतावनी देने में मदद मिलेगी।