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पाकिस्तान ने ट्रंप को दिया बड़ा झटका! ईरान-अमेरिका वार्ता की मध्यस्थता से हुआ बाहर, अब कौन कराएगा डील?

 

मिडिल ईस्ट में ईरान, अमेरिका और इज़राइल के बीच टकराव को पांच महीने से ज़्यादा हो चुके हैं, लेकिन अभी तक कोई समाधान नहीं निकला है। पिछले महीने अमेरिका और ईरान के बीच कई स्तरों पर बातचीत के बाद हालात सामान्य हो गए थे, लेकिन अचानक सीज़फायर टूटने से दोनों देशों के बीच फिर से युद्ध जैसे हालात बन गए हैं। इस बीच, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के साथ बातचीत का नया दौर शुरू करने की इच्छा जताते हुए कड़ी चेतावनी दी है। उन्होंने कहा कि अगर तेहरान सरकार ने इनकार किया, तो आने वाले दिन उनके लिए बहुत बुरे हो सकते हैं।

**अमेरिका-ईरान के बीच बातचीत फिर शुरू**

इस बीच, खबरों से पता चलता है कि पाकिस्तान - जो मिडिल ईस्ट टकराव की शुरुआत से ही ईरान और अमेरिका के बीच मध्यस्थता कर रहा था - अब इस भूमिका से पीछे हट गया है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोमवार को बताया कि उनकी पहल पर ईरान के साथ बातचीत फिर से शुरू हो गई है। इस घटनाक्रम में सऊदी अरब, यूएई और कतर ने अहम भूमिका निभाई है, क्योंकि इन खाड़ी देशों ने अमेरिका को ईरान के साथ बातचीत करने के लिए प्रोत्साहित किया है। हालांकि, ट्रंप ने स्पष्ट किया कि मौजूदा बातचीत मुख्य रूप से होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) से गुजरने वाले जहाजों के मुद्दे पर केंद्रित है।

**क्या पाकिस्तान अब मध्यस्थ की भूमिका नहीं निभाएगा?**

गौर करने वाली बात है कि अमेरिका-ईरान बातचीत के इस नए दौर की चर्चाओं में पाकिस्तान का कहीं कोई ज़िक्र नहीं है। क्या पाकिस्तान दोनों देशों के बीच मध्यस्थ की भूमिका से हट गया है? इस सवाल ने अंतरराष्ट्रीय राजनीतिक हलकों में काफी अटकलों को जन्म दिया है। पाकिस्तान शुरू से ही दोनों देशों के बीच विवाद को सुलझाने की सक्रिय कोशिश कर रहा था। ट्रंप के हालिया बयान में पाकिस्तान का कोई ज़िक्र न होने से ऐसा लगता है कि शहबाज़ शरीफ़ शायद मिडिल ईस्ट संकट से पीछे हट गए हैं। हालांकि, अभी कुछ भी निश्चित नहीं है और यह कहना जल्दबाजी होगी कि पाकिस्तान मध्यस्थता प्रक्रिया से हट गया है।