Gold Mine Collapse: भीषण हादसे में सोने की खदान ढही, 60 लोगों की मौत और दर्जनों लापता
सूडान के वेस्ट कॉर्डोफान क्षेत्र में सोने की खदान ढहने से बड़ा हादसा हो गया। अल-नुहुद शहर के उत्तर में एक दूरदराज इलाके में रविवार को खदान का एक हिस्सा अचानक ढह गया। हादसे में अब तक कम से कम 60 लोगों की मौत की जानकारी सामने आई है, जबकि कई अन्य लोगों के अभी भी मलबे में फंसे या लापता होने की आशंका है। स्थानीय सूत्रों ने बुधवार को Reuters को यह जानकारी दी।
यह हादसा ऐसे समय हुआ है जब सूडान में बड़ी संख्या में लोग पारंपरिक और छोटे स्तर के सोने के खनन पर निर्भर हैं। देश अफ्रीका के प्रमुख सोना उत्पादकों में शामिल है, लेकिन खनन के कई इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था की कमी को लेकर लंबे समय से चिंता जताई जाती रही है।
दूरदराज इलाके में हुआ हादसा
स्थानीय सूत्रों के मुताबिक खदान अल-नुहुद शहर से उत्तर की ओर एक दूरदराज क्षेत्र में स्थित है। हादसे के बाद बड़ी संख्या में लोग खदान में फंसे लोगों को बाहर निकालने की कोशिश में जुटे, लेकिन पर्याप्त बचाव उपकरणों की कमी के कारण राहत और बचाव कार्य बेहद मुश्किल बताया गया है।
स्थानीय रिपोर्टों में यह भी कहा गया है कि खदान के कई कुएं ढह गए थे और कुछ लोगों के अभी भी अंदर फंसे होने की आशंका है। हालांकि, लापता लोगों की अंतिम संख्या अभी स्पष्ट नहीं है।
खदानों में सुरक्षा इंतजामों की कमी बनी बड़ी चिंता
सूडान में सोने का एक बड़ा हिस्सा आर्टिसनल यानी छोटे स्तर के पारंपरिक खनन से निकाला जाता है। ऐसे खनन में कई जगहों पर सुरक्षा मानकों और आधुनिक उपकरणों की कमी देखी जाती है।
स्थानीय सूत्रों ने Reuters को बताया कि इस हादसे में मौतों की संख्या अधिक होने की एक वजह खदान में सुरक्षा प्रक्रियाओं और बचाव उपकरणों का अभाव भी है।
खदानों में गहरी और अस्थायी सुरंगों के कारण मिट्टी या चट्टान खिसकने का खतरा बना रहता है। हादसा होने के बाद पर्याप्त मशीनरी नहीं होने पर मलबे में फंसे लोगों तक पहुंचना भी मुश्किल हो जाता है।
सोना सूडान की अर्थव्यवस्था का अहम हिस्सा
सोना सूडान की अर्थव्यवस्था के लिए महत्वपूर्ण संसाधन है। हाल के वर्षों में युद्ध और आर्थिक संकट के बीच बड़ी संख्या में लोग रोजगार और आय के लिए खनन की ओर बढ़े हैं। देश में अधिकांश सोना छोटे और पारंपरिक खनन के जरिए निकाला जाता है।
रिपोर्टों के मुताबिक सूडान में सोने की तस्करी भी बड़े पैमाने पर होती है। इससे सरकार को आधिकारिक निर्यात और राजस्व के स्तर पर नुकसान होने की बात कही जाती रही है।
वेस्ट कॉर्डोफान में पहले भी हो चुके हैं हादसे
वेस्ट कॉर्डोफान और सूडान के दूसरे खनन क्षेत्रों में खदान ढहने की घटनाएं पहले भी सामने आती रही हैं। इसकी एक बड़ी वजह असुरक्षित या कम निगरानी वाले पारंपरिक खनन क्षेत्र माने जाते हैं।
ताजा हादसा एक बार फिर यह सवाल खड़ा करता है कि दूरदराज खनन क्षेत्रों में काम करने वाले मजदूरों की सुरक्षा के लिए पर्याप्त व्यवस्था और आपातकालीन बचाव क्षमता कितनी मौजूद है।
RSF के नियंत्रण वाले इलाके में हुआ हादसा
वेस्ट कॉर्डोफान क्षेत्र का बड़ा हिस्सा अर्धसैनिक संगठन रैपिड सपोर्ट फोर्सेज (RSF) के नियंत्रण में बताया जाता है। रिपोर्टों के अनुसार, इस क्षेत्र में सोने का कारोबार और खनन आर्थिक रूप से महत्वपूर्ण गतिविधियों में शामिल है।
हालांकि, स्थानीय स्तर पर खदान के संचालन, सुरक्षा व्यवस्था और हादसे की सटीक वजह से जुड़ी पूरी जानकारी अभी सामने नहीं आई है।
फिलहाल सबसे बड़ी चिंता उन लोगों को लेकर है जो खदान के अंदर फंसे हो सकते हैं। राहत और बचाव अभियान के आगे बढ़ने के साथ मृतकों और लापता लोगों की संख्या में बदलाव हो सकता है।