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France Protest: महंगाई के खिलाफ सड़कों पर उतरे लाखों लोग, एपल स्टोर में लूटपाट और 143 साल पुराने टाउन हॉल में आग

 

फ्रांस में महंगाई और ईंधन की बढ़ती कीमतों के खिलाफ शुरू हुआ आंदोलन अब उग्र रूप लेता नजर आ रहा है। शनिवार को देश के अलग-अलग हिस्सों में बड़ी संख्या में लोग विरोध प्रदर्शन करने सड़कों पर उतरे। इस दौरान कई जगह पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच झड़प हुई। कुछ स्थानों पर पुलिस की गाड़ियों पर पत्थर फेंके गए, जबकि एपल स्टोर से आईफोन लूटने की घटनाएं भी सामने आईं।

प्रदर्शन के दौरान लिमोज शहर में 143 साल पुराने टाउन हॉल में आग लगाए जाने की खबर है। वहीं, कुछ प्रदर्शनकारी जोकर और कैप्टन अमेरिका जैसे लोकप्रिय किरदारों की पोशाक पहनकर विरोध जताते दिखाई दिए।

एपल स्टोर में लूटपाट, पुलिस से भी भिड़े प्रदर्शनकारी

फ्रांस में हुए प्रदर्शनों के दौरान कई जगह हालात तनावपूर्ण हो गए। रिपोर्ट के मुताबिक, कुछ प्रदर्शनकारियों ने एपल स्टोर्स को निशाना बनाया और वहां से आईफोन लूट लिए। वहीं, पुलिस की गाड़ियों पर पत्थर फेंकने और पुलिसकर्मियों को दौड़ाने की घटनाएं भी सामने आईं।

हिंसक घटनाओं के बीच पुलिस को स्थिति नियंत्रित करने के लिए कार्रवाई करनी पड़ी। हालांकि, अलग-अलग स्थानों पर हुए नुकसान और गिरफ्तारियों से जुड़े आंकड़ों की आधिकारिक पुष्टि जरूरी है।

143 साल पुराने टाउन हॉल में लगी आग

लिमोज शहर में ऐतिहासिक टाउन हॉल में आग लगने की घटना ने प्रशासन की चिंता बढ़ा दी। बताया जा रहा है कि यह इमारत करीब 143 साल पुरानी है। आगजनी की घटना से ऐतिहासिक इमारतों और सार्वजनिक संपत्ति की सुरक्षा को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं।

प्रदर्शन के दौरान कुछ लोग जोकर और कैप्टन अमेरिका की पोशाक पहनकर भी पहुंचे। उनकी वेशभूषा ने लोगों का ध्यान खींचा, लेकिन आंदोलन के बीच हुई हिंसा और तोड़फोड़ ने स्थिति को गंभीर बना दिया।

छात्रों के विरोध से शुरू हुआ आंदोलन कैसे बढ़ा?

जानकारी के मुताबिक, यह आंदोलन करीब एक महीने पहले छात्रों के विरोध प्रदर्शन से शुरू हुआ था। शुरुआत में छात्रों की मांगें शिक्षा और स्कूलों से जुड़ी समस्याओं पर केंद्रित थीं। बाद में महंगाई और पेट्रोल-डीजल की बढ़ती कीमतों के खिलाफ असंतोष भी इसमें शामिल होता गया।

जीवन-यापन की बढ़ती लागत का असर आम परिवारों के बजट पर पड़ता है। ईंधन महंगा होने से परिवहन और अन्य जरूरी सेवाओं की लागत भी बढ़ सकती है। ऐसे में लोगों की आर्थिक परेशानियां व्यापक विरोध का कारण बन सकती हैं।

फ्रांस में बढ़ती नाराजगी सरकार के लिए चुनौती

फ्रांस में सरकार की नीतियों के खिलाफ प्रदर्शन का लंबा इतिहास रहा है। पेंशन सुधार, महंगाई और सार्वजनिक सेवाओं से जुड़े मुद्दों पर पहले भी बड़े आंदोलन हो चुके हैं। मौजूदा विरोध ने एक बार फिर आर्थिक नीतियों और नागरिकों की समस्याओं को लेकर बहस तेज कर दी है।

हालांकि, शांतिपूर्ण प्रदर्शन लोकतांत्रिक अधिकार है, लेकिन लूटपाट, आगजनी और हिंसा से आम लोगों की सुरक्षा और सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचता है। अब प्रशासन के सामने कानून-व्यवस्था बनाए रखने के साथ प्रदर्शनकारियों की शिकायतों का समाधान करने की चुनौती है।