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अमेरिका में पहली बार लाइवस्ट्रीम होगी मौत की सजा, फुटेज में देंखे निदाल हसन को 3 दिसंबर को गोली मारने की तैयारी

 

अमेरिका में पहली बार किसी मृत्युदंड को लाइवस्ट्रीम करने की तैयारी की जा रही है। 2009 में टेक्सास के फोर्ट हुड सैन्य अड्डे पर गोलीबारी कर 13 लोगों की हत्या करने वाले पूर्व अमेरिकी सेना मेजर निदाल मलिक हसन को 3 दिसंबर 2026 को गोली मारकर मृत्युदंड दिया जाना निर्धारित किया गया है। अमेरिकी सेना के आधिकारिक बयान के मुताबिक, सजा फोर्ट हुड सैन्य अड्डे पर स्थानीय समयानुसार दोपहर 1 बजे दी जानी है। अमेरिकी रक्षा विभाग ने इस प्रक्रिया को लाइवस्ट्रीम करने की योजना की पुष्टि की है। हालांकि, निर्धारित तारीख पर सजा का क्रियान्वयन कानूनी प्रक्रिया में बदलाव के अधीन हो सकता है।

पीट हेगसेथ ने सार्वजनिक प्रसारण की बात कही

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अमेरिकी रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने कहा है कि इस सजा को सार्वजनिक रूप से दिखाने की व्यवस्था की जाएगी, ताकि लोग इसे देख सकें। इसके बाद पेंटागन की ओर से भी लाइवस्ट्रीम की योजना की पुष्टि की गई। हालांकि, यह स्पष्ट नहीं है कि किसी प्रमुख टीवी चैनल पर भी इसका प्रसारण होगा या नहीं। फिलहाल उपलब्ध जानकारी के अनुसार, योजना ऑनलाइन लाइवस्ट्रीम की है।यदि यह प्रसारण होता है, तो इसे अमेरिकी इतिहास में अपनी तरह की पहली घटना माना जाएगा। अमेरिका में आखिरी कानूनी सार्वजनिक मृत्युदंड 1936 में दिया गया था। वहीं, सेना की ओर से गोली मारकर मृत्युदंड देने की यह प्रक्रिया द्वितीय विश्व युद्ध के बाद पहली सैन्य फायरिंग स्क्वॉड सजा होगी। 

2009 में फोर्ट हुड सैन्य अड्डे पर क्या हुआ था?

5 नवंबर 2009 को मेजर निदाल हसन टेक्सास स्थित फोर्ट हुड सैन्य अड्डे पर पहुंचा था। वह अमेरिकी सेना में मनोचिकित्सक के रूप में कार्यरत था। उसने निजी पिस्तौल से सैन्य अड्डे पर मौजूद सैनिकों और अन्य लोगों पर गोलीबारी की थी। इस हमले में 13 लोगों की मौत हो गई और 32 अन्य घायल हुए थे।यह घटना अमेरिकी सैन्य प्रतिष्ठान पर हुई सबसे घातक सामूहिक गोलीबारी की घटनाओं में शामिल रही। उस समय अमेरिका अफगानिस्तान और इराक में सैन्य अभियान चला रहा था। हसन ने बाद में अपने हमले को इन युद्धों के विरोध से जोड़ा था।गोलीबारी के दौरान हसन भी घायल हो गया था और कमर के नीचे से लकवाग्रस्त हो गया। घटना के बाद उसके खिलाफ सैन्य अदालत में मुकदमा चला।

2013 में सुनाई गई थी मौत की सजा

सैन्य अदालत में हसन ने गोलीबारी करने की बात स्वीकार की थी। अगस्त 2013 में सैन्य जूरी ने उसे हत्या और हत्या की कोशिश से जुड़े मामलों में दोषी ठहराया। इसके बाद उसे मृत्युदंड की सजा सुनाई गई

अमेरिकी सेना के अनुसार, राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने 2 अक्टूबर 2026 को मृत्युदंड की मंजूरी दी। इसके बाद सेना के कार्यवाहक सचिव एडम टेले ने 3 दिसंबर की तारीख निर्धारित की। अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने मार्च 2025 में हसन की सैन्य अदालत के फैसले की समीक्षा संबंधी याचिका खारिज कर दी थी। हालांकि, उपलब्ध रिपोर्टों के मुताबिक, वह नागरिक संघीय अदालत में कानूनी चुनौती देने का प्रयास कर सकता है।

लाइवस्ट्रीम को लेकर उठे सवाल

मृत्युदंड के लाइव प्रसारण की योजना को लेकर कानूनी और नैतिक बहस भी शुरू हो गई है। आलोचकों ने सार्वजनिक रूप से ऐसी सजा दिखाने पर आपत्ति जताई है। कुछ विशेषज्ञों ने दर्शकों पर इसके संभावित मनोवैज्ञानिक प्रभावों को लेकर चिंता व्यक्त की है।फिलहाल, अमेरिकी रक्षा विभाग की योजना के अनुसार 3 दिसंबर को फोर्ट हुड में फायरिंग स्क्वॉड के जरिए सजा दी जानी निर्धारित है। लेकिन लाइवस्ट्रीम का वास्तविक स्वरूप, प्रसारण का मंच और अंतिम समय तक कानूनी स्थिति क्या रहती है, यह देखना बाकी है।