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Flydubai Flight Hijack: को-पायलट की कथित कट्टर सोच का खुलासा, साथी बोला- महिलाओं से हाथ नहीं मिलाता था
 

 

दुबई से तेल अवीव जा रही फ्लाईदुबई की फ्लाइट में 30 सितंबर को हुई घटना के बाद ओमानी को-पायलट की पृष्ठभूमि और उसकी कथित विचारधारा को लेकर नए दावे सामने आए हैं। फ्लाइट में को-पायलट ने भारतीय कैप्टन स्मित मच्छर पर हमला किया था। इसके बाद विमान को सऊदी अरब के तबूक में इमरजेंसी लैंडिंग करानी पड़ी।
इजराइली मीडिया से बातचीत में आरोपी के साथ काम कर चुके एक पायलट ने दावा किया कि को-पायलट धार्मिक रूप से कट्टर विचार रखता था। हालांकि, इस दावे की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है और घटना के वास्तविक मकसद की जांच अभी जारी है।
साथी पायलट का दावा- महिलाओं से हाथ नहीं मिलाता था
आरोपी के साथ काम कर चुके पायलट की पहचान सार्वजनिक नहीं की गई है। उसने इजराइली न्यूज चैनल से बातचीत में दावा किया कि को-पायलट का व्यवहार काफी अलग था और वह महिलाओं से हाथ मिलाने से भी बचता था।
सहकर्मी ने कंपनी पर भी सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि ऐसे व्यक्ति को नौकरी पर रखा गया, जिसके बाद करीब 180 यात्रियों की जान खतरे में पड़ गई। हालांकि, ये सभी दावे संबंधित पायलट के बयान पर आधारित हैं और जांच एजेंसियों की ओर से आरोपी की विचारधारा को लेकर अंतिम निष्कर्ष सामने नहीं आया है।

कॉकपिट में भारतीय कैप्टन पर चाकू से हमला
फ्लाइट के दौरान ओमानी को-पायलट ने कॉकपिट में भारतीय कैप्टन स्मित मच्छर पर चाकू से हमला कर दिया। हमले में कैप्टन घायल हो गए। इसके बाद विमान अचानक तेजी से नीचे आने लगा, जिससे फ्लाइट में मौजूद यात्रियों और क्रू के बीच तनाव की स्थिति पैदा हो गई।
गंभीर रूप से घायल होने के बावजूद कैप्टन ने कॉकपिट का दरवाजा खोला। इसके बाद यात्रियों और क्रू मेंबर्स ने आरोपी को काबू कर लिया। दूसरे पायलटों ने विमान का नियंत्रण संभाला और उसे तबूक एयरपोर्ट पर सुरक्षित उतारा गया।
हजारों फीट नीचे आया विमान
घटना के दौरान विमान की ऊंचाई में अचानक बड़ी गिरावट दर्ज की गई। रिपोर्ट्स के मुताबिक, फ्लाइट करीब 34 हजार फीट की ऊंचाई से तेजी से नीचे आई। इस दौरान विमान में संभावित हाईजैक की स्थिति का संकेत देने वाला इमरजेंसी कोड भी सक्रिय हुआ।
जांच एजेंसियां अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि को-पायलट का मकसद सिर्फ कैप्टन पर हमला करना था या वह विमान का नियंत्रण अपने हाथ में लेने की कोशिश कर रहा था।
पकड़े जाने के बाद चिल्लाया- 'मुझे मार दो'
इजराइली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के मुताबिक, आरोपी को काबू किए जाने के बाद वह कथित तौर पर चिल्ला रहा था- 'मुझे मार दो।'
आरोपी के इस व्यवहार और हमले के पीछे उसकी कथित मंशा को लेकर जांच की जा रही है। फिलहाल घटना के पीछे की वजह को लेकर कोई अंतिम आधिकारिक निष्कर्ष सामने नहीं आया है।

कॉकपिट में हथियार कैसे पहुंचा?
घटना के बाद विमान की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी कई सवाल उठ रहे हैं। सबसे अहम सवाल यह है कि कॉकपिट में हमले के लिए इस्तेमाल की गई वस्तु कैसे पहुंची।
जांच के दौरान यह भी पता लगाया जा रहा है कि इस्तेमाल की गई वस्तु विमान में मौजूद किसी आपातकालीन उपकरण का हिस्सा थी या आरोपी इसे अपने साथ लेकर आया था। सुरक्षा जांच में किसी तरह की चूक हुई या नहीं, इसकी भी पड़ताल की जा रही है।
फ्लाईदुबई में 9 महीने पहले शुरू की थी नौकरी
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, आरोपी ने करीब नौ महीने पहले ही फ्लाईदुबई में नौकरी शुरू की थी। घटना के बाद इस बात को लेकर भी सवाल उठे कि ओमानी नागरिक को इजराइल जाने वाली फ्लाइट में ड्यूटी कैसे मिली।
ओमान और इजराइल के बीच औपचारिक राजनयिक संबंध नहीं हैं। ऐसे में इजराइल पहुंचने वाले विदेशी पायलटों की सुरक्षा जांच और बैकग्राउंड वेरिफिकेशन की प्रक्रिया भी जांच के दायरे में आ गई है।
UAE में जांच से सामने आएगी हमले की वजह
घटना के बाद आरोपी को सऊदी अधिकारियों ने हिरासत में लिया था। इसके बाद उसे UAE अधिकारियों को सौंप दिया गया। अब UAE की संबंधित एजेंसियां घटना की आगे जांच कर रही हैं।
जांच में यह पता लगाने की कोशिश होगी कि कॉकपिट में हमला किन परिस्थितियों में हुआ, आरोपी ने विमान का नियंत्रण हासिल करने की कोशिश की थी या नहीं और क्या घटना पहले से किसी योजना का हिस्सा थी।
फिलहाल को-पायलट की कथित कट्टर विचारधारा और हमले के मकसद से जुड़े दावे जांच का हिस्सा हैं। आधिकारिक जांच पूरी होने के बाद ही घटना की वास्तविक वजह और आरोपी की मंशा को लेकर स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।