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तिब्बत से आई अचानक बाढ़ ने नेपाल के रसुवा में मचाई तबाही, वीडियो में जाने कई घर और पुल क्षतिग्रस्त

 

 

नेपाल के रसुवा जिले में चीन के तिब्बत क्षेत्र की ओर से आई अचानक बाढ़ ने भारी तबाही मचा दी है। भोटेकोशी नदी का जलस्तर अचानक बढ़ने से टिमुरे और स्याब्रुबेसी समेत आसपास के इलाकों में जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है। बाढ़ के तेज बहाव की चपेट में कई घर, दुकानें, बाजार और अन्य संपत्तियां आ गईं। अचानक आई इस आपदा से स्थानीय लोगों में दहशत का माहौल है।

जानकारी के मुताबिक, भोटेकोशी नदी में अचानक पानी बढ़ने के बाद नदी का बहाव बेहद तेज हो गया। पानी के तेज प्रवाह ने नदी किनारे मौजूद कई संरचनाओं को नुकसान पहुंचाया। टिमुरे और स्याब्रुबेसी क्षेत्र में कई घरों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में पानी घुस गया, जबकि कुछ संपत्तियां तेज बहाव की चपेट में आकर क्षतिग्रस्त हो गईं।बाढ़ की भयावहता का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि नदी के तेज बहाव में वाहन और अन्य सामान भी बह गए। इलाके में आवाजाही प्रभावित हुई है और स्थानीय स्तर पर लोगों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। बाढ़ के पानी और मलबे के कारण कई जगहों पर रास्ते भी प्रभावित हुए हैं।

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इस प्राकृतिक आपदा में एक पुल के टूटने की भी खबर है। पुल के क्षतिग्रस्त होने से स्थानीय संपर्क व्यवस्था पर असर पड़ा है और प्रभावित क्षेत्रों तक पहुंच बनाना चुनौतीपूर्ण हो गया है। स्थानीय लोगों के मुताबिक, अचानक बढ़े जलस्तर के कारण उन्हें संभलने का पर्याप्त मौका नहीं मिला।नेपाल और चीन की सीमा से सटे रसुवा जिले में भोटेकोशी नदी के बढ़े जलस्तर ने प्रशासन की चिंता भी बढ़ा दी है। बाढ़ प्रभावित इलाकों में नुकसान का आकलन किया जा रहा है। साथ ही, प्रभावित लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने और जरूरी सहायता उपलब्ध कराने की जरूरत बढ़ गई है।

अचानक आई बाढ़ के कारण स्थानीय कारोबार को भी बड़ा नुकसान पहुंचने की आशंका है। टिमुरे क्षेत्र सीमा व्यापार और आवाजाही के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जाता है। ऐसे में बाजारों और संपर्क मार्गों को हुए नुकसान का असर स्थानीय अर्थव्यवस्था और लोगों की रोजमर्रा की गतिविधियों पर पड़ सकता है।फिलहाल सबसे बड़ी चुनौती नदी के जलस्तर और संभावित आगे के खतरे पर नजर बनाए रखना है। प्रभावित इलाकों में लोगों से सतर्क रहने और नदी के आसपास जाने से बचने की अपील की जा रही है। प्रशासन और संबंधित एजेंसियां स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं। बाढ़ से हुए कुल नुकसान और प्रभावित लोगों की संख्या का विस्तृत आकलन राहत एवं बचाव कार्य आगे बढ़ने के बाद स्पष्ट हो सकेगा।