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नेपाल में अचानक आई बाढ़ के अलर्ट से मचा हड़कंप, कुछ ही मिनटों में खाली हुआ पूरा कस्बा

 

30 अगस्त की सुबह नेपाल के देवीघाट पहुंचते ही हर तरफ तबाही का मंजर दिखाई दे रहा था। सड़क किनारे और आसपास के इलाकों में मलबा बिखरा पड़ा था। कई लोग मलबे के बीच अपने जरूरी सामान और अपनों की तलाश में जुटे हुए थे। प्राकृतिक आपदा के बाद इलाके में जिंदगी धीरे-धीरे सामान्य होने की कोशिश कर रही थी। लोगों के चेहरों पर चिंता साफ नजर आ रही थी, लेकिन हालात उस समय तक नियंत्रण में दिखाई दे रहे थे।

इसी बीच अचानक बाढ़ का अलर्ट जारी होने की खबर सामने आई। अलर्ट मिलते ही पूरे इलाके में हड़कंप मच गया। कुछ ही देर पहले जहां लोग मलबे के बीच अपने सामान और परिजनों को खोज रहे थे, वहीं अचानक हर कोई सुरक्षित स्थान की तलाश में भागता नजर आया। लोगों को आशंका थी कि बाढ़ का पानी तेजी से इलाके में पहुंच सकता है और पहले से तबाह क्षेत्र में हालात और बिगड़ सकते हैं।

बाढ़ की चेतावनी ने लोगों के बीच दहशत पैदा कर दी। स्थानीय लोग अपने साथ जरूरी सामान लेकर सुरक्षित स्थानों की ओर निकलने लगे। कई लोग अपने परिवार के सदस्यों को साथ लेकर ऊंचे और सुरक्षित इलाकों की तरफ भागते दिखाई दिए। देखते ही देखते सड़कों और गलियों में अफरा-तफरी का माहौल बन गया।

सबसे हैरान करने वाली बात यह रही कि कुछ ही मिनटों के भीतर पूरा कस्बा लगभग खाली हो गया। जहां कुछ देर पहले लोगों की आवाजाही दिखाई दे रही थी, वहां अचानक सन्नाटा छा गया। हर किसी की कोशिश थी कि वह किसी तरह बाढ़ के संभावित खतरे से खुद को और अपने परिवार को बचा सके।

देवीघाट में पहले से ही आपदा के निशान साफ दिखाई दे रहे थे। मलबे में सामान और अपनों को तलाशते लोगों के लिए अचानक आई बाढ़ की चेतावनी किसी दूसरी मुसीबत से कम नहीं थी। एक तरफ लोग बीते हादसे से उबरने की कोशिश कर रहे थे, तो दूसरी तरफ नई चेतावनी ने उनकी चिंता बढ़ा दी।

प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, बाढ़ का अलर्ट मिलते ही लोगों ने हालात को समझने में ज्यादा समय नहीं लगाया और तुरंत सुरक्षित जगहों की ओर निकल पड़े। कुछ ही मिनटों में पूरा इलाका खाली हो गया। इस घटनाक्रम ने एक बार फिर दिखा दिया कि प्राकृतिक आपदा से प्रभावित इलाकों में हालात कितनी तेजी से बदल सकते हैं।

नेपाल में लगातार आपदा के बाद राहत और बचाव कार्यों के बीच ऐसी चेतावनियां प्रशासन और स्थानीय लोगों के लिए बड़ी चुनौती बनी हुई हैं। प्रभावित इलाकों में रहने वाले लोगों को लगातार सतर्क रहने और प्रशासन की ओर से जारी निर्देशों का पालन करने की सलाह दी जा रही है।