'पहले अपने गिरेबान में...' कराची में हमलों के आरोपों पर भारत ने दिया मुंहतोड़ जवाब, PAK को दिखाया आइना
भारत ने कराची आतंकी हमले में 'भारतीय एजेंट' के शामिल होने के पाकिस्तान के आरोपों को बेबुनियाद बताकर खारिज कर दिया है। भारत ने पाकिस्तान को सलाह दी है कि वह अपनी सीमा के भीतर काम कर रहे आतंकी गुटों को खत्म करने पर ध्यान दे। विदेश मंत्रालय (MEA) ने एक बयान में कहा है कि दूसरों पर उंगली उठाने के बजाय पाकिस्तान को अपने गिरेबान में झांकना चाहिए।
कराची के गुलिस्तान-ए-जौहर में पाकिस्तान रेंजर्स (सिंध) कैंप पर हुए आतंकी हमले में सुरक्षा बल के तीन जवान मारे गए; तीन हथियारबंद हमलावर भी मारे गए और एक घायल हमलावर को गिरफ्तार किया गया। पाकिस्तान के गृह मंत्री मोहसिन नकवी ने दावा किया कि हमले में एक 'भारतीय एजेंट' शामिल था, लेकिन उन्होंने इस आरोप के समर्थन में कोई सबूत नहीं दिया।
**भारत ने पाकिस्तान के आरोपों को खारिज किया**
इन दावों पर प्रतिक्रिया देते हुए भारत के विदेश मंत्रालय ने साफ तौर पर इन्हें नकार दिया। पाकिस्तान के आरोपों पर मीडिया के सवालों का जवाब देते हुए विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा, "हमने कराची की हालिया घटना को लेकर पाकिस्तान द्वारा भारत पर लगाए गए आरोपों की खबरें देखी हैं। हम इन आरोपों को पूरी तरह खारिज करते हैं।"
**'पाकिस्तान को अपने गिरेबान में झांकना चाहिए'**
उन्होंने आगे कहा कि दूसरों पर उंगली उठाने के बजाय पाकिस्तान को अपने गिरेबान में झांकना चाहिए, अपनी धरती पर मौजूद आतंकी ढांचे के खिलाफ ठोस और विश्वसनीय कार्रवाई करनी चाहिए और आतंकवाद को सरकारी नीति के हथियार के तौर पर इस्तेमाल करने की आदत छोड़ देनी चाहिए।
रविवार (28 जून) को जारी एक बयान में पाकिस्तान सेना की मीडिया शाखा, इंटर-सर्विसेज पब्लिक रिलेशंस (ISPR) ने दावा किया कि यह हमला जमात-उल-अहरार से जुड़े आतंकवादियों ने किया था। ISPR के मुताबिक, बंदूकधारियों ने पहले कैंप के मुख्य गेट पर एक धमाका किया और फिर परिसर में घुसने की कोशिश की। हालांकि, रेंजर्स के जवानों ने तेजी और प्रभावी ढंग से जवाबी कार्रवाई की और उनके मंसूबों को नाकाम कर दिया। जमात-उल-अहरार प्रतिबंधित संगठन तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (TTP) का ही एक अलग हुआ गुट है।