ईरान में गिराए गए F-15E के पायलट ने 50 घंटे पहाड़ में छिपकर बचाई जान, फुटेज में देखें 7000 फीट ऊंचाई पर रहा ‘ब्रावो’
ईरान में अमेरिकी F-15E फाइटर जेट के गिराए जाने के बाद एक पायलट के करीब 50 घंटे तक पहाड़ में छिपे रहने की कहानी सामने आई है। अमेरिकी चैनल CBS को दिए एक इंटरव्यू में पायलट के रेस्क्यू का वीडियो दिखाया गया। सुरक्षा कारणों से पायलट की पहचान सार्वजनिक नहीं की गई है। इंटरव्यू में उसे ‘ब्रावो’ नाम से संबोधित किया गया। पायलट के मुताबिक, ईरानी लोगों से बचने के लिए वह करीब 7 हजार फीट ऊंचे पहाड़ पर पहुंच गया था और वहां छिपकर मदद का इंतजार करता रहा।
ईरानी मिसाइल की चपेट में आया था F-15E
अमेरिकी F-15E फाइटर जेट ईरानी मिसाइल की चपेट में आने के बाद दुर्घटनाग्रस्त हो गया था। विमान में दो पायलट सवार थे। विमान के गिरने के बाद दोनों अलग-अलग स्थानों पर पहुंच गए। अमेरिकी सेना ने पहले एक पायलट को तलाश लिया था, जिसे ‘अल्फा’ नाम दिया गया।
अल्फा को बचाने के लिए अमेरिकी सेना ने बड़े स्तर पर रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया। इसके लिए 21 विमान भेजे गए थे, जिनमें दो हेलिकॉप्टर भी शामिल थे। रेस्क्यू टीम को ईरान की ओर से गोलीबारी का सामना भी करना पड़ा, लेकिन इसके बावजूद टीम अल्फा को सुरक्षित निकालने में कामयाब रही।
दूसरे पायलट का नहीं मिला था पता
पहले पायलट को बचा लिए जाने के बाद अमेरिकी सेना दूसरे पायलट ‘ब्रावो’ की तलाश में जुटी रही। हालांकि, काफी कोशिशों के बावजूद तत्काल उसका कोई पता नहीं चल सका। ब्रावो F-15E फाइटर जेट DUDE 44 में वेपन सिस्टम्स ऑफिसर के तौर पर तैनात था।
ब्रावो के सामने सबसे बड़ी चुनौती खुद को ईरानी लोगों से सुरक्षित रखना थी। पायलट ने बताया कि वह करीब 7 हजार फीट ऊंचे पहाड़ पर चला गया और वहां छिप गया। दुर्गम इलाके में छिपे रहने के कारण अमेरिकी सेना के लिए उसे तलाशना आसान नहीं था।
उसी रात भेजा अमेरिकी सेना को मैसेज
ब्रावो ने बताया कि विमान दुर्घटनाग्रस्त होने के बाद उसने अपनी स्थिति को लेकर सावधानी बरती। वह पहाड़ पर छिपा रहा और सही समय का इंतजार करता रहा। उसी रात उसने अमेरिकी सेना को एक मैसेज भेजा, जिससे रेस्क्यू टीम को उसके जिंदा होने और संभावित स्थान का संकेत मिला।
इसके बाद अमेरिकी सेना ने उसकी तलाश तेज कर दी। कई घंटों तक चले ऑपरेशन के बाद आखिरकार ब्रावो को सुरक्षित निकाल लिया गया। CBS के इंटरव्यू में उसके रेस्क्यू से जुड़े वीडियो भी दिखाए गए हैं।
50 घंटे तक पहाड़ में छिपा रहा
पायलट के अनुसार, वह करीब 50 घंटे तक पहाड़ में छिपा रहा। इस दौरान उसने खुद को सुरक्षित रखने के लिए बेहद सावधानी बरती। ऊंचाई और दुर्गम इलाके ने एक तरफ उसे छिपने में मदद की, लेकिन दूसरी तरफ रेस्क्यू टीम के लिए उसकी लोकेशन तक पहुंचना चुनौतीपूर्ण रहा।
ब्रावो की कहानी अमेरिकी सैन्य रेस्क्यू ऑपरेशन की कठिन परिस्थितियों को भी सामने लाती है। एक ओर अमेरिकी सेना को अपने पायलट को खोजने के लिए बड़े स्तर पर अभियान चलाना पड़ा, वहीं दूसरी ओर ईरानी क्षेत्र में मौजूद खतरे के बीच रेस्क्यू टीम को बेहद सावधानी से काम करना पड़ा। आखिरकार करीब 50 घंटे बाद ब्रावो को सुरक्षित बचा लिया गया।