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आयरन डोम से डेविड स्लिंग तक: ईरान के पलटवार के बावजूद क्यों बेफिक्र इजरायल? 

 

13 जून की रात मिडिल ईस्ट का माहौल पूरी तरह बदल गया। इजरायल और ईरान के बीच तनाव अब खुली जंग में तब्दील हो चुका है। इजरायल ने पहले हमला करते हुए ईरान के टॉप आर्मी जनरल, कमांडर और परमाणु वैज्ञानिकों को निशाना बनाया। इस हमले के तुरंत बाद ही ईरान ने जवाबी हमला कर पूरे इजरायल, खासकर तेल अवीव और यरुशलम में हाहाकार मचा दिया।

ऑपरेशन Rising Line बनाम Operation True Promise

आयरन डोम और डेविड स्लिंग फेल हुए?

इजरायल अपने अत्याधुनिक एयर डिफेंस सिस्टम आयरन डोम और डेविड स्लिंग पर बहुत गर्व करता रहा है। लेकिन ईरान के इस सुनियोजित हमले ने इन दोनों सिस्टम की सीमाएं उजागर कर दीं।
हालांकि कुछ मिसाइलों को इन सिस्टम्स ने रोका जरूर, लेकिन कई मिसाइलें तेल अवीव और यरूशलेम के अंदर तक घुसकर तबाही मचाने में सफल रहीं।

मिसाइलों से दहला तेल अवीव का आसमान

तेल अवीव के नागरिकों के लिए 13 जून की रात एक डरावना सपना बन गई। मिसाइलों की बौछार और सायरनों की आवाजों से पूरा शहर कांप उठा।
लोग भागने लगे, बम शेल्टरों में पनाह लेने लगे और आसमान में आग के गोले उड़ते दिखने लगे। सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में मिसाइलों की तेज रोशनी, धमाके और चीख-पुकार साफ देखी जा सकती है।

नागरिकों को नुकसान, 65 से अधिक घायल

ईरानी हमले से इजरायल को बड़ा मानवीय नुकसान भी हुआ है। खबरों के अनुसार अब तक 65 से अधिक लोग घायल हुए हैं। मृतकों की संख्या को लेकर अभी तक इजरायली प्रशासन की तरफ से कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है, लेकिन स्थानीय मीडिया के मुताबिक कई लोग गंभीर रूप से घायल हैं और हालात चिंताजनक हैं।

विशेषज्ञ बोले – रणनीतिक चाल में माहिर निकला ईरान

रक्षा विशेषज्ञों के अनुसार ईरान ने इस हमले में नई तकनीक और रणनीति का इस्तेमाल किया।

  • मिसाइलों में डिकॉय बम लगाए गए ताकि आयरन डोम को भ्रमित किया जा सके।

  • GPS-मुक्त नेविगेशन सिस्टम से मिसाइलों को गाइड किया गया ताकि उनका इंटरसेप्शन न हो पाए।

  • अचानक बड़े पैमाने पर हमला कर डिफेंस सिस्टम को ओवरलोड कर दिया गया।

इजरायल की चुप्पी, लेकिन सैन्य हलचल तेज

ईरान के इस जवाबी हमले के बाद इजरायल की ओर से आधिकारिक प्रतिक्रिया बहुत सीमित रही है, लेकिन सैन्य गतिविधियां तेज हो गई हैं। सूत्रों के मुताबिक इजरायल अब एक और बड़े जवाबी हमले की तैयारी कर रहा है। ड्रोन, फाइटर जेट और कमांड यूनिट्स को अलर्ट मोड में रखा गया है।

क्या भड़क सकता है वर्ल्ड वॉर-III?

इस पूरे घटनाक्रम से दुनिया भर के रक्षा और अंतरराष्ट्रीय संबंध विशेषज्ञों की चिंता बढ़ गई है। कई देशों ने इस युद्ध को संभावित वर्ल्ड वॉर-III का शुरुआती संकेत बताया है। अमेरिका, रूस, चीन जैसे ताकतवर देश अब हालात पर करीबी नजर बनाए हुए हैं।