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 हरदीप सिंह पुरी के साथ एपस्टीन की तस्वीरें वायरल, कांग्रेस और TMC ने उठाए सवाल

 

अमेरिकी यौन अपराधी जेफ्री एपस्टीन के साथ केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी की कुछ तस्वीरें सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद राजनीतिक विवाद शुरू हो गया है। कांग्रेस प्रवक्ता सुप्रिया श्रीनेत और तृणमूल कांग्रेस (TMC) की सांसद महुआ मोइत्रा ने इन तस्वीरों को लेकर सवाल उठाए हैं। विपक्षी नेताओं ने पूछा है कि अगर पुरी की एपस्टीन से मुलाकातें प्रतिनिधिमंडल के साथ हुई थीं, तो तस्वीरों में दूसरे सदस्य क्यों नजर नहीं आ रहे हैं। ये तस्वीरें अमेरिकी न्याय विभाग की ओर से जारी एपस्टीन से जुड़े दस्तावेजों के नौवें सेट में शामिल बताई गई हैं। 

तस्वीरों में क्या दिखाई दे रहा है?

अमेरिकी न्याय विभाग के दस्तावेजों में शामिल तस्वीरों में हरदीप सिंह पुरी और जेफ्री एपस्टीन एक कमरे में आमने-सामने बैठे दिखाई देते हैं। दोनों के बीच एक मेज है और तस्वीरों में उनके बैठने की स्थिति लगभग एक जैसी नजर आती है। अलग-अलग तस्वीरों में कैमरे के कोण में मामूली अंतर दिखाई देता है।रिपोर्टों के मुताबिक, दस्तावेजों के नौवें सेट में इस मुलाकात से जुड़ी कम से कम 10 से 11 तस्वीरें होने की बात सामने आई है। मंगलवार को ये तस्वीरें सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बनीं।हालांकि, तस्वीरों में केवल दो लोगों का दिखाई देना अपने आप में यह साबित नहीं करता कि मुलाकात के दौरान कमरे में कोई अन्य व्यक्ति मौजूद नहीं था। तस्वीरों के संदर्भ, समय और मुलाकात की परिस्थितियों को समझना भी जरूरी है। 

सुप्रिया श्रीनेत ने पूछा- तस्वीरों के क्या मायने हैं?

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कांग्रेस प्रवक्ता सुप्रिया श्रीनेत ने सोशल मीडिया पर तस्वीरें साझा करते हुए हरदीप सिंह पुरी के पहले दिए गए बयान पर सवाल उठाया। उन्होंने पूछा कि जब पुरी ने कहा था कि वह एपस्टीन से अकेले नहीं मिले, तो इन तस्वीरों का क्या मतलब है?श्रीनेत के सवालों का केंद्र पुरी के पुराने बयान और अब सामने आई तस्वीरों के बीच दिखाई देने वाला अंतर है। विपक्ष का कहना है कि मंत्री को इन मुलाकातों के संदर्भ और उनमें शामिल लोगों के बारे में स्पष्ट जानकारी देनी चाहिए।

महुआ मोइत्रा ने भी साधा निशाना

TMC सांसद महुआ मोइत्रा ने भी तस्वीरों को लेकर सवाल उठाए। उन्होंने पुरी के उस बयान का हवाला दिया, जिसमें मंत्री ने एपस्टीन से तीन या चार बार प्रतिनिधिमंडल के साथ मिलने की बात कही थी।मोइत्रा ने सवाल किया कि अगर ये मुलाकातें प्रतिनिधिमंडल के साथ हुई थीं, तो तस्वीरों में बाकी सदस्य कहां हैं? उनके बयान के बाद सोशल मीडिया पर इस मुद्दे को लेकर चर्चा और तेज हो गई।विपक्षी नेताओं की मांग है कि इन मुलाकातों की प्रकृति और उद्देश्य को लेकर स्थिति स्पष्ट की जाए। 

फरवरी में हरदीप सिंह पुरी ने क्या कहा था?

फरवरी 2026 में लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने एपस्टीन फाइलों में पुरी के नाम का उल्लेख करते हुए सवाल उठाए थे। इसके बाद पुरी ने अपने संबंधों को लेकर सफाई दी थी।पुरी ने कहा था कि उन्होंने अमेरिका में अपने कार्यकाल के दौरान एपस्टीन से तीन या अधिकतम चार बार मुलाकात की थी। उनके मुताबिक, ये मुलाकातें इंटरनेशनल पीस इंस्टीट्यूट (IPI) और अंतरराष्ट्रीय मामलों से जुड़े पेशेवर काम के सिलसिले में हुई थीं। उन्होंने यह भी कहा था कि इन मुलाकातों का एपस्टीन के आपराधिक कृत्यों से कोई संबंध नहीं था। 

एपस्टीन फाइलों में नाम या तस्वीर होने का क्या मतलब है?

जेफ्री एपस्टीन के दस्तावेजों में किसी व्यक्ति का नाम, ईमेल या तस्वीर सामने आना अपने आप में उस व्यक्ति की किसी आपराधिक गतिविधि में संलिप्तता का प्रमाण नहीं है। ऐसे मामलों में मुलाकात का उद्देश्य, संबंधित बातचीत और उपलब्ध दस्तावेजों का पूरा संदर्भ महत्वपूर्ण होता है।हरदीप सिंह पुरी और एपस्टीन की तस्वीरों को लेकर उठे सवालों के बीच अब ध्यान इस बात पर है कि मुलाकातों की परिस्थितियों के बारे में क्या अतिरिक्त जानकारी सामने आती है। फिलहाल, वायरल तस्वीरों के आधार पर किसी आपराधिक संलिप्तता का निष्कर्ष नहीं निकाला जा सकता।