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'ड्रोन, हथियार और ISI की प्रॉक्सी वॉर...' पंजाब में पाकिस्तान की खतरनाक साजिश का खुलासा, आखिर क्या था प्लान 

 

पंजाब के डायरेक्टर जनरल ऑफ पुलिस गौरव यादव ने पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ISI के बारे में एक सनसनीखेज खुलासा किया है। उन्होंने कहा कि ISI एक सोची-समझी प्रॉक्सी वॉर के ज़रिए पंजाब को एक अशांत राज्य के तौर पर दिखाना चाहता है। इसके लिए ड्रोन के ज़रिए हथियार और गोला-बारूद भेजे जा रहे हैं, और ग्रेनेड हमले जैसी घटनाओं को अंजाम देने की कोशिश की जा रही है।

चंडीगढ़ में DGP ने कहा कि पंजाब पुलिस सीमा पार से खेले जा रहे इस नापाक खेल का मुंहतोड़ जवाब दे रही है। उन्होंने बताया कि ड्रोन के ज़रिए हथियार सप्लाई किए जा रहे हैं, जिसे उन्होंने प्रॉक्सी वॉर कहा। पाकिस्तान का मकसद पंजाब में शांति भंग करना है। उन्होंने कहा कि इस साज़िश के मास्टरमाइंड नॉर्थ अमेरिका, यूरोप, साउथ-ईस्ट एशिया और खाड़ी देशों में बैठे हैं।

ये सभी लोग भारत में, खासकर पंजाब में, अस्थिरता फैलाने की कोशिश कर रहे हैं। पुलिस स्टेशनों पर ग्रेनेड हमलों के बारे में उन्होंने कहा कि पाकिस्तान पंजाब में डर और अराजकता का माहौल बनाना चाहता है। उन्होंने साफ किया कि पंजाब में अलगाववाद का कोई समर्थन नहीं है और यहां के लोग कट्टरपंथी नहीं हैं। यही वजह है कि बाहरी ताकतें शांति भंग करने की साज़िश रच रही हैं।

DGP ने यह भी आरोप लगाया कि हालात को बढ़ा-चढ़ाकर दिखाने के लिए सोशल मीडिया पर झूठे दावे किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान से जुड़े खुफिया अधिकारी लोगों को पैसे देकर पंजाब को अशांत राज्य दिखाने के लिए फर्जी वीडियो बनवा रहे हैं। ग्रेनेड हमलों के बारे में उन्होंने कहा कि ऐसी सभी घटनाओं का पता लगा लिया गया है।

उन्होंने कहा कि इन आतंकवादी हमलों में शामिल मॉड्यूल का पर्दाफाश हो गया है। उन्होंने कहा कि पुलिस के पास ISI की सक्रिय भूमिका के ठोस सबूत हैं। विदेशी हैंडलर ISI के संपर्क में रहते हुए पंजाब में शांति भंग करने की कोशिश कर रहे हैं। ड्रोन गतिविधि के बारे में उन्होंने कहा कि इस साल पंजाब में लगभग 500 ड्रोन देखे गए, जिनमें से 263 को मार गिराया गया।

कुछ ड्रोन पाकिस्तान लौट गए, जबकि कुछ हमारे सिस्टम से बच निकले। उन्होंने कहा कि यह एक टेक्नोलॉजिकल लड़ाई है जो तब तक जारी रहेगी जब तक पाकिस्तान प्रॉक्सी वॉर जारी रखेगा। पंजाब में फायरिंग और टारगेट किलिंग की बढ़ती घटनाओं के बारे में उन्होंने कहा कि पंजाब में अपराध दर राष्ट्रीय औसत से काफी कम है। राष्ट्रीय अपराध दर प्रति लाख आबादी पर 450 है।

इसके मुकाबले, पंजाब में अपराध दर प्रति लाख आबादी पर 227 है। यहां हर घटना को गंभीरता से लिया जाता है क्योंकि सीमावर्ती राज्य होने के कारण इसका रणनीतिक प्रभाव ज़्यादा होता है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि आने वाले समय में पंजाब से संगठित अपराध को पूरी तरह खत्म कर दिया जाएगा। आरोपियों के देश से भागने के बारे में उन्होंने कहा कि इस समस्या से निपटने के लिए सिस्टम में बदलाव की ज़रूरत है।