8 साल बाद चीन दौरे पर डोनाल्ड ट्रंप, शी जिनपिंग से मुलाकात में ट्रेड से लेकर ईरान तक कई बड़े मुद्दों पर होगी चर्चा
Donald Trump और Xi Jinping की बहुप्रतीक्षित मुलाकात से पहले पूरी दुनिया की नजर अमेरिका और चीन के रिश्तों पर टिकी हुई है। दोनों देशों के बीच होने वाली इस हाई-प्रोफाइल बैठक में ट्रेड वॉर, चिप टेक्नोलॉजी, ताइवान, ईरान और होर्मुज स्ट्रेट जैसे कई संवेदनशील मुद्दों पर चर्चा होने की संभावना जताई जा रही है।
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप चीन दौरे पर पहुंच रहे हैं, जहां उनकी चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग के साथ अहम वार्ता होगी। माना जा रहा है कि यह बैठक केवल अमेरिका-चीन संबंधों तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि इसका असर वैश्विक राजनीति और अर्थव्यवस्था पर भी पड़ सकता है।
विशेषज्ञों का कहना है कि दोनों देशों के बीच सबसे बड़ा मुद्दा ट्रेड और टेक्नोलॉजी का बना हुआ है। अमेरिका लंबे समय से चीन पर अनुचित व्यापारिक नीतियों और टेक्नोलॉजी ट्रांसफर को लेकर आरोप लगाता रहा है। वहीं चीन अमेरिकी प्रतिबंधों और चिप टेक्नोलॉजी पर लगाई गई रोक को लेकर नाराज रहा है। ऐसे में इस बैठक में सेमीकंडक्टर और एआई टेक्नोलॉजी पर भी बड़ी चर्चा होने की उम्मीद है।
इसके अलावा ईरान और होर्मुज स्ट्रेट का मुद्दा भी इस मुलाकात के केंद्र में माना जा रहा है। हाल के महीनों में मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव और ईरान से जुड़े संघर्षों ने वैश्विक ऊर्जा बाजार को प्रभावित किया है। रिपोर्ट्स के अनुसार होर्मुज स्ट्रेट में बढ़ते संकट ने अमेरिका और चीन दोनों की चिंताएं बढ़ा दी हैं, क्योंकि यह दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण तेल व्यापार मार्गों में से एक है।
अमेरिकी विदेश विभाग के हवाले से सामने आई जानकारी में कहा गया है कि अमेरिका और चीन दोनों इस बात पर सहमत हैं कि किसी भी देश को होर्मुज स्ट्रेट जैसे अंतरराष्ट्रीय समुद्री मार्गों पर टोल या नियंत्रण स्थापित करने की अनुमति नहीं दी जानी चाहिए।
विश्लेषकों का मानना है कि ईरान संकट के बीच चीन की भूमिका बेहद अहम हो सकती है, क्योंकि चीन ईरानी तेल का बड़ा आयातक है। वहीं अमेरिका चाहता है कि चीन क्षेत्रीय स्थिरता बनाए रखने में सहयोग करे। हालांकि ट्रंप ने हाल ही में कहा था कि उन्हें ईरान मुद्दे को सुलझाने के लिए चीन की मदद की जरूरत नहीं है।
वैश्विक बाजार भी इस बैठक पर करीबी नजर बनाए हुए हैं। तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव और ट्रेड तनाव के कारण निवेशकों में चिंता बनी हुई है। विशेषज्ञों का कहना है कि अगर अमेरिका और चीन के बीच किसी बड़े समझौते के संकेत मिलते हैं, तो इसका सकारात्मक असर अंतरराष्ट्रीय बाजारों पर पड़ सकता है।
फिलहाल ट्रंप और शी जिनपिंग की यह मुलाकात दुनिया की सबसे अहम कूटनीतिक बैठकों में से एक मानी जा रही है। अब सबकी नजर इस बात पर है कि दोनों नेता वैश्विक तनाव, व्यापार और सुरक्षा से जुड़े मुद्दों पर किस तरह का रुख अपनाते हैं।