अमेरिका में डिपोर्टेशन अभियान तेज, वीडियो में देंखे अगस्त के 15 दिनों में 5,200 से ज्यादा भारतीयों पर कार्रवाई का दावा
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के दूसरे कार्यकाल में इमिग्रेशन और डिपोर्टेशन अभियान लगातार तेज होने की बात सामने आ रही है। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, अगस्त के शुरुआती 15 दिनों में ही 5,200 से ज्यादा भारतीयों को अमेरिका से डिपोर्ट किया जा चुका है। खास बात यह है कि इस बार डिपोर्टेशन की कार्रवाई में केवल अवैध रूप से अमेरिका में दाखिल हुए लोग ही नहीं, बल्कि वैध वीजा पर अमेरिका पहुंचे भारतीय भी शामिल बताए जा रहे हैं। रिपोर्ट के अनुसार, डिपोर्टेशन की सूची में H-1B, O-1 और स्टूडेंट वीजा पर अमेरिका गए भारतीय भी शामिल हैं। इनमें बड़ी संख्या में प्रोफेशनल्स के होने की बात कही जा रही है। इससे अमेरिका में पढ़ाई और नौकरी के लिए गए भारतीयों के बीच चिंता बढ़ गई है।
हर तीसरे हफ्ते डिपोर्टेशन फ्लाइट का दावा
इमिग्रेशन से जुड़े अधिकारियों के अनुसार, इस साल अमेरिका में अवैध प्रवासियों की धरपकड़ के साथ-साथ डिपोर्टेशन की प्रक्रिया भी तेज हुई है। दावा किया गया है कि लगभग हर तीसरे सप्ताह डिपोर्टेशन फ्लाइट रवाना की गई।अमेरिकी इमिग्रेशन अधिकारियों का कहना है कि साल के अंत तक अवैध प्रवासियों को अमेरिका से बाहर भेजे जाने का आंकड़ा रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच सकता है। सरकार की प्राथमिकता बिना वैध दस्तावेजों के अमेरिका में रह रहे लोगों की पहचान करना और उन्हें वापस भेजना है।
2025 में 3 हजार से ज्यादा भारतीय डिपोर्ट
आंकड़ों के मुताबिक, वर्ष 2025 में अमेरिका से 3 हजार से ज्यादा भारतीयों को डिपोर्ट किया गया था। बताया गया है कि ये सभी ऐसे भारतीय थे, जो कथित तौर पर अवैध तरीके से अमेरिका पहुंचे थे। 2025 में डिपोर्ट किए गए भारतीयों की संख्या पिछले 16 वर्षों में सबसे अधिक बताई गई।इसके बाद 2026 में कार्रवाई का दायरा और बढ़ने की बात सामने आ रही है। जून में ही अमेरिकी इमिग्रेशन एंड कस्टम्स एनफोर्समेंट यानी ICE ने 801 भारतीयों को रिमूवल ऑर्डर जारी किए थे।हालांकि रिमूवल ऑर्डर जारी होने का मतलब यह नहीं है कि संबंधित व्यक्ति को तुरंत अमेरिका से डिपोर्ट कर दिया जाएगा। ऐसे आदेश के खिलाफ व्यक्ति अदालत में अपील कर सकता है। इसके अलावा संबंधित व्यक्ति अपनी इच्छा से भी अमेरिका छोड़ सकता है।
वैध वीजा वाले भारतीयों की बढ़ी चिंता
इस बार सबसे ज्यादा चिंता उन भारतीय छात्रों और प्रोफेशनल्स को लेकर है, जो वैध वीजा के आधार पर अमेरिका गए हैं। रिपोर्ट में दावा किया गया है कि कुछ मामलों में वीजा नियमों या स्थानीय कानूनों के उल्लंघन के आरोपों के आधार पर कार्रवाई की जा रही है।मूली आरोपों के बाद भी डिपोर्टेशन की कार्रवाई किए जाने की खबरें सामने आई हैं। हालांकि ऐसे मामलों में प्रत्येक व्यक्ति की परिस्थितियां और कानूनी स्थिति अलग हो सकती है।
कनाडा में भी भारतीय छात्रों की चिंता बढ़ी
अमेरिका के अलावा कनाडा से भी भारतीय छात्रों के लिए चिंता बढ़ाने वाली खबर सामने आई है। अल्बर्टा प्रांत की सरकार ने पोस्ट-ग्रेजुएशन वर्क परमिट यानी PGWP से जुड़ी व्यवस्था को रद्द कर दिया है। इसके बाद वहां पढ़ाई कर रहे करीब 1,500 भारतीय छात्रों पर डिपोर्टेशन का खतरा बढ़ने का दावा किया जा रहा है।अमेरिका और कनाडा में इमिग्रेशन नियमों में लगातार हो रहे बदलावों का असर भारतीय छात्रों और प्रोफेशनल्स पर पड़ रहा है। ऐसे में विदेश जाने वाले छात्रों और कामगारों के लिए वीजा की शर्तों, स्थानीय कानूनों और इमिग्रेशन नियमों का पूरी तरह पालन करना पहले से कहीं ज्यादा महत्वपूर्ण हो गया है।