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चीन बांग्लादेश को देगा 22 हजार करोड़ के फाइटर जेट, पाकिस्तानी वायुसेना करेगी पायलटों को ट्रेनिंग

 

चीन और पाकिस्तान के साथ बांग्लादेश के रक्षा संबंधों में एक नई पहल की तैयारी हो रही है। रिपोर्ट के मुताबिक, चीन अगले साल बांग्लादेश को करीब 22 हजार करोड़ रुपये की कीमत के जे-सीरीज फाइटर जेट उपलब्ध करा सकता है। इन लड़ाकू विमानों को उड़ाने और उनके संचालन की ट्रेनिंग पाकिस्तानी वायुसेना के अधिकारी देंगे। इसके लिए पाकिस्तान के प्रशिक्षक बांग्लादेश के जेस्सोर एयरबेस पर तैनात हो सकते हैं। यह एयरबेस भारत की सीमा से करीब 40 किलोमीटर दूर बताया जा रहा है।इस प्रस्तावित सहयोग के तहत केवल पायलटों को ही प्रशिक्षण नहीं दिया जाएगा, बल्कि रडार संचालन, दुश्मन के विमानों की पहचान और उन पर निगरानी रखने वाले कंट्रोलर्स को भी प्रशिक्षित किया जाएगा। विमानों के रखरखाव और तकनीकी सहायता से जुड़े ग्राउंड क्रू के लिए भी अलग-अलग प्रशिक्षण कार्यक्रम चलाने की योजना है।

दिसंबर में ढाका में होगी तीनों देशों के अधिकारियों की बैठक

रिपोर्ट के अनुसार, चीन, पाकिस्तान और बांग्लादेश की वायुसेनाओं के अधिकारी दिसंबर में ढाका में बैठक कर सकते हैं। यह बैठक जॉइंट एक्सचेंज प्रोग्राम के तहत प्रस्तावित है। इसी कार्यक्रम के माध्यम से पाकिस्तानी वायुसेना बांग्लादेशी पायलटों को चीन में बने जे-सीरीज लड़ाकू विमानों के संचालन की ट्रेनिंग देगी।बताया जा रहा है कि पाकिस्तान की वायुसेना वर्ष 2022 से चीन निर्मित जे-सीरीज फाइटर जेट का इस्तेमाल कर रही है। चीन के बाद पाकिस्तान के पास इन विमानों का बड़ा बेड़ा है। इसी अनुभव के आधार पर बांग्लादेशी पायलटों को प्रशिक्षण देने की जिम्मेदारी पाकिस्तान को सौंपे जाने की योजना है।

जेस्सोर एयरबेस पर पाकिस्तानी ट्रेनर दे सकते हैं ट्रेनिंग

इस योजना के तहत बांग्लादेश का जेस्सोर एयरबेस अहम भूमिका निभा सकता है। भारत की सीमा से करीब 40 किलोमीटर दूर स्थित इस एयरबेस पर पाकिस्तानी प्रशिक्षकों के पहुंचने की संभावना जताई गई है। हालांकि, ट्रेनिंग का अंतिम स्थान और समय-सारिणी अभी आधिकारिक तौर पर स्पष्ट नहीं है।पाकिस्तान के एयर वाइस मार्शल औरंगजेब अहमद के नेतृत्व में पांच सदस्यीय वायुसेना प्रतिनिधिमंडल के बांग्लादेश दौरे की भी जानकारी सामने आई है। इस टीम ने वहां एयरबेस और दूसरी जरूरी सुविधाओं का जायजा लिया। साथ ही तकनीकी प्रशिक्षण और फ्लाइट सिम्युलेटर के आदान-प्रदान से जुड़ी योजना पर भी चर्चा की गई है।

भारत की सुरक्षा के लिहाज से क्यों अहम है यह घटनाक्रम

चीन और पाकिस्तान के साथ बांग्लादेश का बढ़ता रक्षा सहयोग भारत के लिए रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। जेस्सोर एयरबेस की भारत से नजदीकी के कारण इस संभावित प्रशिक्षण व्यवस्था पर भी नजर रखी जा रही है। हालांकि, किसी सैन्य खतरे या सूचना साझा किए जाने की आशंका को फिलहाल स्थापित तथ्य के तौर पर नहीं देखा जा सकता।बांग्लादेश चीन से जे-10सीई लड़ाकू विमान खरीदने की संभावनाओं पर बातचीत कर रहा है। अगस्त 2026 में बांग्लादेश के प्रधानमंत्री के सूचना एवं प्रसारण सलाहकार जाहेद उर रहमान ने बताया था कि विमानों की खरीद के लिए प्रारंभिक समझौते का मसौदा तैयार किया जा रहा है। रॉयटर्स के मुताबिक, विमानों की संख्या, कीमत और डिलीवरी का कार्यक्रम बातचीत के दौरान तय होना बाकी था।इस तरह चीन से लड़ाकू विमानों की संभावित खरीद और पाकिस्तान से प्रशिक्षण सहयोग बांग्लादेश की वायुसेना के आधुनिकीकरण की व्यापक योजना का हिस्सा हो सकते हैं। आने वाले समय में तीनों देशों के बीच होने वाली बातचीत से इस रक्षा सहयोग की वास्तविक रूपरेखा और स्पष्ट हो सकती है।