जम्मू कश्मीर के शक्सगाम घाटी को लेकर चीन का दावा, फुटेज में देखें बताया हमारे इलाकें में बना रहे सडक, भारत ने जताई कड़ी आपत्ति
जम्मू-कश्मीर के शक्सगाम घाटी इलाके को लेकर एक बार फिर भारत और चीन के बीच तनाव बढ़ता नजर आ रहा है। चीन ने इस इलाके को अपना बताते हुए यहां बुनियादी ढांचे के निर्माण को अपना अधिकार बताया है। यह इलाका भारत के केंद्र शासित प्रदेश जम्मू-कश्मीर का हिस्सा है, लेकिन वर्तमान में इस पर चीन का नियंत्रण है। भारत ने इस दावे को सिरे से खारिज करते हुए इसे अवैध कब्जा करार दिया है।
दरअसल, चीन-पाकिस्तान आर्थिक गलियारे (CPEC) के तहत चीन पाकिस्तान तक एक सड़क का निर्माण कर रहा है, जो शक्सगाम घाटी क्षेत्र से होकर गुजरती है। इस परियोजना को लेकर भारत लगातार आपत्ति जताता रहा है। भारत का साफ कहना है कि यह इलाका उसका अभिन्न अंग है और यहां किसी भी विदेशी देश द्वारा किया गया निर्माण पूरी तरह अवैध है।
चीनी मीडिया आउटलेट ग्लोबल टाइम्स के अनुसार, चीनी विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता माओ निंग ने सोमवार को इस मुद्दे पर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि जिस इलाके को लेकर सवाल उठाए जा रहे हैं, वह चीन का ही हिस्सा है। माओ निंग ने दावा किया कि अपने क्षेत्र में इंफ्रास्ट्रक्चर विकसित करना चीन का संप्रभु अधिकार है और इस पर किसी अन्य देश को सवाल उठाने का अधिकार नहीं है। उन्होंने भारत की आपत्ति को खारिज करते हुए इसे चीन के आंतरिक मामलों में हस्तक्षेप बताया।
वहीं भारत ने चीन के इस दावे पर कड़ा रुख अपनाया है। भारत पहले भी कई बार स्पष्ट कर चुका है कि शक्सगाम घाटी जम्मू-कश्मीर का हिस्सा है और इस पर चीन का नियंत्रण अवैध है। 9 जनवरी को भी भारत सरकार ने इस क्षेत्र में चीन की मौजूदगी और निर्माण गतिविधियों को अवैध कब्जा करार दिया था। भारत का कहना है कि वह अपने क्षेत्र में किसी भी तरह के विदेशी अवैध निर्माण का विरोध करता रहेगा।
इतिहास की बात करें तो शक्सगाम घाटी पर 1948 में पाकिस्तान ने अवैध रूप से कब्जा कर लिया था। इसके बाद 1963 में पाकिस्तान ने एक समझौते के तहत यह इलाका चीन को सौंप दिया। भारत ने इस समझौते को कभी मान्यता नहीं दी और इसे पूरी तरह गैरकानूनी बताया। भारत का तर्क है कि पाकिस्तान को इस क्षेत्र को किसी तीसरे देश को सौंपने का कोई अधिकार नहीं था।
शक्सगाम घाटी का मुद्दा केवल क्षेत्रीय विवाद तक सीमित नहीं है, बल्कि इसके रणनीतिक और सुरक्षा पहलू भी बेहद अहम हैं। CPEC परियोजना के जरिए चीन और पाकिस्तान की बढ़ती साझेदारी भारत के लिए चिंता का विषय बनी हुई है। ऐसे में शक्सगाम घाटी में सड़क निर्माण भारत की सुरक्षा चिंताओं को और गहरा करता है।