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BREAKING UPDATE:Earthquake in Tibet: तिब्बत में 7 तीव्रता के भूकंप से तबाही, 16 की मौत और 54 घायल; पाकिस्तान-अफगानिस्तान में भी कांपी धरती

 

तिब्बत में 7 तीव्रता के शक्तिशाली भूकंप से भारी नुकसान हुआ है। इस प्राकृतिक आपदा में 16 लोगों की मौत हो गई, जबकि 54 लोग घायल बताए जा रहे हैं। भारतीय समयानुसार गुरुवार रात 8:03 बजे भूकंप के झटके महसूस किए गए। इसके अलावा पाकिस्तान और अफगानिस्तान में भी भूकंप के झटके दर्ज किए गए।

10 किलोमीटर की गहराई में था भूकंप का केंद्र

जानकारी के मुताबिक, भूकंप का केंद्र तिब्बत के नागकू क्षेत्र में जमीन से करीब 10 किलोमीटर नीचे था। यह स्थान तिब्बत की राजधानी ल्हासा से लगभग 400 किलोमीटर दूर बताया गया है। चीन के भूकंप नेटवर्क केंद्र (CENC) के अनुसार, इलाके में भूकंप के झटके स्पष्ट रूप से महसूस किए गए।

वहीं, पाकिस्तान में 4.9 तीव्रता और अफगानिस्तान में 4.1 तीव्रता के भूकंप के झटके महसूस किए जाने की जानकारी सामने आई है।

तिब्बत में पहले भी आ चुके हैं विनाशकारी भूकंप

तिब्बत भूकंप के लिहाज से संवेदनशील क्षेत्रों में शामिल है। यहां भारतीय और यूरेशियन टेक्टोनिक प्लेटों के बीच टकराव के कारण लगातार भूगर्भीय हलचल होती रहती है। इसी प्रक्रिया से हिमालय पर्वत का निर्माण हुआ है और इस क्षेत्र में भूकंप का खतरा भी बना रहता है।

जनवरी 2025 में तिब्बत के तिंगरी काउंटी में 7.1 तीव्रता का भूकंप आया था। इसमें तिब्बत में करीब 400 लोगों की मौत होने की खबर थी, जबकि पड़ोसी नेपाल में 13 लोगों की जान गई थी। उस समय भूकंप के झटके उत्तर भारत सहित दक्षिण एशिया के कई इलाकों में महसूस किए गए थे।

इससे पहले वर्ष 2010 में चीन के पड़ोसी प्रांत छिंगहाई के युशू क्षेत्र में 7.1 तीव्रता का भूकंप आया था। उस आपदा में कम से कम 2,698 लोगों की मौत हुई थी और करीब 300 लोग लापता हो गए थे।

अगस्त में बाढ़ और भूस्खलन से भी हुआ था भारी नुकसान

तिब्बत में इस साल 26 अगस्त को नेपाल सीमा के पास पहाड़ से बर्फ और चट्टानों का बड़ा हिस्सा टूटकर नदी में गिर गया था। इससे नदी का रास्ता कुछ समय के लिए बाधित हो गया। बाद में पानी का तेज बहाव नेपाल की ओर बढ़ा, जिससे कई गांवों, सड़कों और पुलों को नुकसान पहुंचा।

चीन के आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, तिब्बत के ग्यिरोंग इलाके में इस आपदा के दौरान 43 लोगों की मौत हुई थी, जबकि 519 लोग लापता बताए गए थे। नेपाल में भी बाढ़ से भारी तबाही हुई थी। वहां 1,455 लोगों की मौत और 5,285 लोगों के लापता होने की जानकारी दी गई थी।