भारत-इंडोनेशिया के बीच ब्रह्मोस डील पक्की, 'अस्त्र' मिसाइल भी खरीदेगा इंडोनेशिया; वीडियो में जाने EVM बनाने में करेगा भारत सहयोग
भारत और इंडोनेशिया के बीच रक्षा और रणनीतिक सहयोग को नई मजबूती मिली है। दोनों देशों के बीच ब्रह्मोस सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल सौदे पर आधिकारिक मुहर लग गई है। इसके तहत भारत इंडोनेशिया को ब्रह्मोस मिसाइल की अतिरिक्त यूनिट उपलब्ध कराएगा। इसके साथ ही फिलीपींस के बाद इंडोनेशिया ब्रह्मोस मिसाइल खरीदने वाला दूसरा देश बन गया है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को जकार्ता में इंडोनेशिया के राष्ट्रपति प्रबोवो सुबियांतो से मुलाकात की। दोनों नेताओं के बीच हुई द्विपक्षीय वार्ता में रक्षा, प्रौद्योगिकी और लोकतांत्रिक सहयोग समेत कई अहम समझौतों पर सहमति बनी।
'अस्त्र' एयर-टू-एयर मिसाइल भी खरीदेगा इंडोनेशिया
बैठक में इंडोनेशिया ने भारत में विकसित 'अस्त्र' एयर-टू-एयर मिसाइल खरीदने का भी फैसला किया। यह वही मिसाइल है, जिसका उपयोग भारतीय वायुसेना ने ऑपरेशन सिंदूर के दौरान किया था। इस फैसले को भारत के रक्षा निर्यात और स्वदेशी सैन्य तकनीक के लिए बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है।
EVM विकसित करने में भारत करेगा सहयोग
रक्षा सहयोग के अलावा दोनों देशों के बीच चुनावी तकनीक को लेकर भी अहम समझौता हुआ। भारत इंडोनेशिया के लिए इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (EVM) विकसित करने में तकनीकी सहयोग देगा।
विशेषज्ञ इसे भारत की चुनावी प्रणाली और चुनाव प्रबंधन पर इंडोनेशिया के भरोसे का प्रतीक मान रहे हैं।
जकार्ता में पीएम मोदी का भव्य स्वागत
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के इंडोनेशिया दौरे का मंगलवार को दूसरा दिन है। सुबह जकार्ता में उन्हें गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया। राष्ट्रपति प्रबोवो सुबियांतो ने गर्मजोशी से उनका स्वागत करते हुए गले लगाया।
दोनों नेताओं ने आपसी सहयोग को और मजबूत बनाने तथा हिंद-प्रशांत क्षेत्र में शांति, सुरक्षा और आर्थिक साझेदारी को बढ़ावा देने पर भी चर्चा की।
प्रम्बानन मंदिर भी जाएंगे पीएम मोदी
अपने दौरे के दौरान प्रधानमंत्री मोदी इंडोनेशिया के सबसे बड़े हिंदू मंदिर प्रम्बानन मंदिर का भी दौरा करेंगे। 9वीं शताब्दी में निर्मित यह ऐतिहासिक मंदिर भगवान शिव, विष्णु और ब्रह्मा को समर्पित है। यह मंदिर अपनी अद्भुत वास्तुकला के लिए प्रसिद्ध है और यूनेस्को की विश्व धरोहर सूची में भी शामिल है।
भारत-इंडोनेशिया संबंधों को मिलेगी नई मजबूती
ब्रह्मोस और 'अस्त्र' मिसाइल सौदों के साथ-साथ EVM सहयोग जैसे फैसले भारत और इंडोनेशिया के बीच रक्षा, तकनीक और रणनीतिक साझेदारी को नई ऊंचाई देने वाले माने जा रहे हैं। इन समझौतों से दोनों देशों के बीच विश्वास और सहयोग पहले से अधिक मजबूत होने की उम्मीद है।