मिडिल ईस्ट तनाव के बीच इजराइल का बड़ा प्रहार! पाकिस्तान समेत 31 से ज्यादा देशों के पायलटों पर बैन, जानें वजह
इजराइल जाने वाली उड़ानों के लिए पायलटों और केबिन क्रू से जुड़े नियम सख्त किए जा रहे हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, पाकिस्तान, ईरान, ओमान, सऊदी अरब और बांग्लादेश समेत 31 देशों के पायलटों और क्रू की तैनाती पर प्रतिबंध लगाया गया है। बताया जा रहा है कि यह नियम उन देशों से जुड़े कर्मचारियों पर लागू होते हैं, जिनके देशों के इजराइल के साथ राजनयिक संबंध नहीं हैं।यह मामला उस घटना के बाद चर्चा में आया, जिसमें 30 सितंबर 2026 को दुबई से तेल अवीव जा रही फ्लाईदुबई की उड़ान में ओमानी को-पायलट ने भारतीय कैप्टन स्मित मच्छर पर हमला कर दिया था। इस घटना के बाद इजराइल जाने वाली उड़ानों में कर्मचारियों की नागरिकता और सुरक्षा से जुड़ी जांच को लेकर सख्ती बढ़ाए जाने की खबरें सामने आईं।
इंडोनेशियाई पायलट के कारण विमान को लौटना पड़ा
इजराइल के नए नियमों का असर इथियोपियन एयरलाइंस की एक उड़ान पर भी देखने को मिला। रिपोर्ट के अनुसार, विमान इथियोपिया के हवाई क्षेत्र में था, तभी इजराइली अधिकारियों ने उसे वापस लौटने के लिए कहा।जांच में पता चला कि विमान में इंडोनेशिया का एक पायलट मौजूद था। इंडोनेशिया के इजराइल के साथ राजनयिक संबंध नहीं हैं। इसके बाद विमान इथियोपिया की राजधानी अदीस अबाबा लौट गया।वहां पायलट को बदलने के बाद विमान ने दोबारा उड़ान भरी और तेल अवीव पहुंचा। इथियोपियन एयरलाइंस ने इस मामले को गलती बताया। कंपनी के मुताबिक, उसे जानकारी नहीं थी कि संबंधित पायलट इजराइल जाने वाली उड़ान संचालित नहीं कर सकता।
एयर फ्रांस ने कर्मचारियों से दूसरी नागरिकता की जानकारी मांगी
फ्रांस की एयरलाइन एयर फ्रांस ने भी अपने कर्मचारियों को नियमों की जानकारी दी है। रिपोर्ट के मुताबिक, कंपनी ने कर्मचारियों से यह बताने को कहा कि क्या उनके पास किसी दूसरे देश की नागरिकता भी है।रिपोर्ट में यह भी दावा किया गया कि जानकारी छिपाने पर कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की जा सकती है। एयर फ्रांस ने कहा कि जिन देशों में उसकी उड़ानें जाती हैं, वहां के लागू नियमों का पालन करना जरूरी है।इन नियमों का असर उन कर्मचारियों पर भी पड़ सकता है, जिनके पास किसी दूसरे देश की नागरिकता है। ऐसे में एयरलाइंस को इजराइल जाने वाली उड़ानों के लिए क्रू की ड्यूटी में बदलाव करना पड़ सकता है।
इजराइल ने विदेशी एयरलाइंस को कब दी जानकारी?
रिपोर्ट के अनुसार, इजराइल के परिवहन मंत्रालय ने 1 अक्टूबर 2026 को विदेशी एयरलाइंस को इन नियमों के बारे में जानकारी दी थी। नियमों का पालन कराने की जिम्मेदारी मुख्य रूप से संबंधित एयरलाइंस पर है।पहले विदेशी एयरलाइंस के कुछ ऐसे पायलट भी तेल अवीव जाने वाली उड़ानें संचालित करते रहे, जिनके देशों के इजराइल के साथ राजनयिक संबंध नहीं हैं। अब इन नियमों को अधिक सख्ती से लागू किए जाने की खबरें सामने आ रही हैं।फिलहाल एयर फ्रांस, यूनाइटेड एयरलाइंस और स्मार्टविंग्स ने नियमों का पालन करने की बात कही है। हालांकि, इन प्रतिबंधों के दायरे और सभी एयरलाइंस पर इनके लागू होने की स्थिति को लेकर विस्तृत आधिकारिक जानकारी की पुष्टि जरूरी है।
क्या था भारतीय पायलट पर हमले का मामला?
30 सितंबर 2026 को दुबई से तेल अवीव जा रही फ्लाईदुबई की उड़ान में ओमान के को-पायलट हमाम अल-हमामी पर भारतीय कैप्टन स्मित मच्छर पर हमला करने का आरोप लगा था। घटना में कैप्टन घायल हो गए थे और विमान में मौजूद एक डॉक्टर ने उनका प्राथमिक उपचार किया था।
रिपोर्ट में दावा किया गया कि को-पायलट विमान को अपने नियंत्रण में लेकर इजराइल के बेन गुरियन एयरपोर्ट के टर्मिनल से टकराना चाहता था। यह एक गंभीर सुरक्षा चिंता का विषय था।बताया गया कि घटना के दौरान विमान कम समय में काफी नीचे आ गया था। इसके बाद यात्रियों और अन्य क्रू सदस्यों ने मिलकर को-पायलट को काबू किया। विमान को आपात स्थिति में सऊदी अरब के तबुक शहर में उतारना पड़ा।विमान में 174 यात्री और आठ क्रू सदस्य सवार थे। इस घटना के बाद उड़ानों की सुरक्षा और क्रू सदस्यों की जांच को लेकर सवाल उठे।
आगे क्या असर पड़ सकता है?
इन नियमों के कारण एयरलाइंस को अपने कर्मचारियों की नागरिकता और इजराइल जाने की पात्रता पहले से जांचनी पड़ सकती है। जरूरत पड़ने पर पायलटों और केबिन क्रू की ड्यूटी बदली जा सकती है। इससे कुछ उड़ानों के संचालन और कर्मचारियों की तैनाती पर असर पड़ने की आशंका है।हालांकि, नियमों के सटीक दायरे, 31 देशों की पूरी सूची और अलग-अलग एयरलाइंस पर इनके प्रभाव की पुष्टि आधिकारिक दस्तावेजों से करना जरूरी है।